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फर्जी कॉल सेंटर से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

Sat, 09 Jul 2016 12:28 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद Updated Sat, 09 Jul 2016 12:28 AM IST
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Who busted a fake call center fraud
अपराध्‍ा - फोटो : अमर उजाला
क्राइम ब्रांच ने जुड़वां भाइयों समेत चार ठगों को गिरफ्तार कर फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह एक मीडिया हाउस की शॉपिंग वेबसाइट को हैक कर डाटा चुराकर करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। देश के कई राज्यों मे इनका जाल फैला है।
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पकड़े गए ठगों में जुड़वां भाई अजय और अवशेष पुत्र उमाकांत चतुर्वेदी निवासी ग्राम भुन्ता थाना टटिया कन्नौज, धीरेंद्र पुत्र बैजनाथ निवासी पैना थाना बरहज देवरिया और मनोज पुत्र दशरथ सिंह निवासी गैरवा थाना रारपतहा जौनपुर हैं।
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इनसे सात कॉर्डलेस फोन, लैपटॉप, प्रिंटर, सात सिम, कंपनी के डाटा संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं। अजय और अवशेष राजनगर एक्सटेंशन में फ्लैट खरीदकर रह रहे थे, जबकि धीरेंद्र और मनोज नोएडा में किराए पर मकान लेकर रह थे।
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क्राइम ब्रांच ने बृहस्पतिवार दोपहर इन्हें विजयनगर के प्रताप विहार सेक्टर -12 से गिरफ्तार किया। यहां मकान नंबर एन 227 की पहली मंजिल पर यह फर्जी कॉल सेंटर आर्य इंवेस्टमेंट सोल्यूशन के नाम से चला रहे थे।

यह फ्लोर इन्होंने 27 हजार रुपये माह किराए पर लिया हुआ था। कॉल सेंटर में करीब 12 लोग काम करते थे, लेकिन ईद की छुट्टी होने के कारण जिस समय क्राइम ब्रांच की टीम ने दबिश दी तब वहां चार ठग ही थे।  

एसपी क्राइम श्रवण कुमार ने बताया कि यह गिरोह एक बड़े मीडिया हाउस की शॉपिंग वेबसाइट बैग इट टुडे को हैक कर उससे डाटा चुराते थे। डाटा चुराने के बाद यह लोग ऐसे ग्राहक को कॉल करते थे, जो वेबसाइट से हजारों की शॉपिंग कर चुका होता था।

यह ग्राहक को कॉल कर झांसा देते थे कि कंपनी ने आपको लकी विनर चुना है। कंपनी पांच लाख रुपये देगी, लेकिन इसके लिए तीन लाख का इंश्योरेंस कराना होगा। जो ग्राहक गिरोह को कंपनी के नाम का चेक देता था उसका इंश्योरेंस असली कंपनी से कराते थे और उसका मोटा कमीशन लेते थे।

जो ग्राहक गिरोह को नगदी या उनके अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर देता था, उन ग्राहकों के साथ ठगी कर उनके पैसे हड़प लेते थे। मीडिया हाउस के लीगल एडवाइजर शाहिद जमील ने एक जुलाई को कविनगर थाने में कंपनी की छवि खराब करने की एफआईआर दर्ज कराई थी।

कविनगर पुलिस ने मामला साइबर क्राइम का होने के कारण क्राइम ब्रांच को सौंपा था। इसके बाद साइबर सेल इंचार्ज उमेश रोरिया की टीम ने कॉल डिटेल ट्रेस करऔर ग्राहक बनकर फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया। ठगों ने बताया कि उन्होंने देश भर में अपने एजेंट बना रखे थे।

उन्होंने अब तक सबसे ज्यादा ठगी गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, उड़ीसा, केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, गोवा और पश्चिम बंगाल में की है। इन प्रदेशों में इनके खिलाफ सैकड़ों ठगी की रिपोर्ट भी दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच इनके बैंक खातों और संपत्ति की जांच कर रही है। फरार आठ आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

रातों रात अमीर बनने की ख्वाहिश ने बनाया ठग
 रातोंरात अमीर बनने के ख्वाब ने कानपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट जुड़वां भाइयों को जालसाज बना दिया। अजय और अवशेष ने 2006 में कानपुर यूनिवर्सिटी से बीए किया था। इसके बाद दोनों भाई काम की तलाश में 2008 में नोएडा आ गए।

नोएडा आने के बाद इन्होंने सिक्योरिटी कंपनी में 4200 रुपये महीने में काम किया। इसके बाद 2009 में नोएडा के एक कॉल सेंटर में काम किया, जहां कॉल कर इंश्योरेंस कराया जाता था। इसी कॉल सेंटर में रहकर दोनों भाई रातों रात अमीर बनने का सपना देखने लगे। 2014 में इन्होंने विजयनगर में यह कॉल सेंटर खोल लिया।

एसपी क्राइम ने बताया कि धीरेंद्र अजय और अवशेष का दोस्त है। इन्होंने 2008 में एक साथ नोएडा की एक सिक्योरिटी कंपनी में काम किया था। धीरेंद्र को 12वीं पास होने के कारण अच्छी जॉब नहीं मिली।

इसके बाद उसने नोएडा में एक मोबाइल की शॉप खोल ली। धीरेंद्र एक सिम कंपनी के वेंडर मनोज के साथ मिलकर विजयनगर में चलने वाले इस कॉल सेंटर को फर्जी आईडी पर सिम देता था। अजय और अवशेष, धीरेंद्र और मनोज को फर्जी सिम देने के बदले तीन हजार रुपये देता था।

12 से 15 लाख रुपये महीना कमाते थे, एक हजार लोगों को ठगा  
अजय और अवशेष ने बताया कि वह हर माह 12 से 15 लाख रुपये कॉल सेंटर के माध्यम से ठगी कर कमाते थे। उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक उन्होंने एक हजार से ज्यादा लोगों से चार से पांच करोड़ रुपये ठगे हैं। इन पैसों से उन्होंने राजनगर एक्सटेंशन में करोड़ों रुपये का फ्लैट और एक लग्जरी कार खरीदी।

कंपनी से जुड़े एक कर्मचारी की भी मिलीभगत
क्राइम ब्रांच ने बताया कि बैग इट कंपनी का एक कर्मचारी भी ठगों के साथ मिला हुआ था। उसकी भूमिका की जांच की जा रही है, जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

दिन में चलाते थे ऑटो, रात में करते थे चोरी

 सिहानी गेट पुलिस ने तीन चोरों को गिरफ्तार कर दो वारदातों का खुलासा किया है। इनसे चांदी की मूर्तियां-बर्तन, 15 हजार रुपये और तमंचा बरामद किया है।
पकड़े गए चोर वसीम निवासी बुलंदशहर रोड पुरानी चुंगी, हापुड़, शाहरुख निवासी जाकिर कालोनी, मेरठ और अरशद निवासी परखंडा, सिंभावली हैं। बृहस्पतिवार रात इन्हें हमदर्द चौराहे के पास चेकिंग के दौरान दबोचा गया।


यह ऑटो चलाते हैं और पुताई भी करते हैं, रात में बंद मकानों को निशाना बनाते थे। गैंग लीडर वसीम है, जो गुजरात और मुंबई तक चोरी की वारदात कर चुका है। एसएचओ सिहानी गेट ने बताया कि इस गैंग ने 8 जून को लोहियानगर में कारोबारी शशिकमल अग्रवाल के मकान में चोरी की थी। इसके अलावा 26 जून को नेहरूनगर सेकेंड में कंपनी कर्मचारी के मकान को निशाना बनाया था। इनसे बरामद सामान इन्हीं दोनों चोरियों का है।
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