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वाहन चुराकर ले जाते थे विदेश, बेचकर लौटते थे फ्लाइट से
अमर उजाला ब्यूरो/ गाजियाबाद
Updated Thu, 06 Apr 2017 11:46 PM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
कविनगर पुलिस ने लग्जरी कारों के चेसिस नंबर बदलकर उन्हें नेपाल और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में बेचने वाले एक इंटरनेशनल गैंग के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके दो साथी फरार हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपी पर सिहानी गेट पुलिस ने पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर तीन लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं।
पकड़ा गया आरोपी परवेज पुत्र जहूर मेरठ के रजवन बाजार का रहने वाला है, जबकि फरार आरोपी इसरार और नाजिम निवासी मेरठ हैं। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि कविनगर पुलिस ने चेकिंग के दौरान आरोपी को दबोचा है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर दो इनोवा और एक अर्टिगा कार बरामद की हैं।
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गैंग का मास्टरमाइंड परवेज वेस्ट यूपी के थानों से निलाम हुए वाहनों को कबाड़ की कीमत में खरीदता था और इन वाहनों को परिवार और अन्य लोगों के नाम पर संबंधित थाने और आरटीओ से रजिस्टर्ड करवा लेता था।
वह और इसरार उसी मॉडल की लग्जरी कार को मेरठ, दिल्ली, गाजियाबाद और फरीदाबाद से चुराते थे। इसके बाद वह चोरी के वाहनों सोतीगंज मेरठ में ले जाकर उस पर निलामी में खरीदी हुई कार का चेसिस और इंजन नंबर डाल देते थे।
ऐसा करने से उन पर किसी को शक नहीं होता था। एसएसपी ने बताया कि आरोपी और उसके साथी 100 से अधिक कारें विदेश और नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में ले जाकर बेच चुके हैं।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी चोरी के वाहनों में सवार होकर विदेशों में जाते थे और इसके बाद वह ग्राहक मिलने के बाद बेच देते थे। वह इस दौरान किसी को शक न हो इसलिए कार पर निलामी का स्टिकर लगाए रखते थे। कार को बेचने के बाद वह फ्लाइट से दिल्ली लौटते थे।
संयुक्त अस्पताल की पार्किंग में रखते थे वाहन
एसएसपी ने बताया कि तीनों आरोपी चोरी के वाहनों को संजय नगर सेक्टर-23 स्थित संयुक्त अस्पताल की पार्किंग में छिपाकर रखते थे। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर ही अस्पताल से एक इनोवा और अर्टिगा बरामद की हैं।
विदेशों में बेचते थे लग्जरी कार
एसएसपी ने बताया कि आरोपी चोरी के वाहनों को नेपाल, भूटान और म्यांमार जैसे भारत के पड़ोसी देशों में ले जाकर बेचते थे। इसके अलावा नॉर्थ-ईस्ट के इंफाल, गुवाहाटी और असम में भी बेचते थे।
वह हर कार के हिसाब से उनकी कीमत तय करते थे। उन्होंने बताया कि जैसे फॉर्च्यूनर को छह से 10 लाख रुपये में बेचते थे। इसके अलावा लग्जरी कारों को पांच से सात लाख रुपये में बेच देते थे।
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गिरफ्तार किए गए आरोपी पर सिहानी गेट पुलिस ने पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर तीन लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं।
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पकड़ा गया आरोपी परवेज पुत्र जहूर मेरठ के रजवन बाजार का रहने वाला है, जबकि फरार आरोपी इसरार और नाजिम निवासी मेरठ हैं। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि कविनगर पुलिस ने चेकिंग के दौरान आरोपी को दबोचा है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर दो इनोवा और एक अर्टिगा कार बरामद की हैं।
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गैंग का मास्टरमाइंड परवेज वेस्ट यूपी के थानों से निलाम हुए वाहनों को कबाड़ की कीमत में खरीदता था और इन वाहनों को परिवार और अन्य लोगों के नाम पर संबंधित थाने और आरटीओ से रजिस्टर्ड करवा लेता था।
वह और इसरार उसी मॉडल की लग्जरी कार को मेरठ, दिल्ली, गाजियाबाद और फरीदाबाद से चुराते थे। इसके बाद वह चोरी के वाहनों सोतीगंज मेरठ में ले जाकर उस पर निलामी में खरीदी हुई कार का चेसिस और इंजन नंबर डाल देते थे।
ऐसा करने से उन पर किसी को शक नहीं होता था। एसएसपी ने बताया कि आरोपी और उसके साथी 100 से अधिक कारें विदेश और नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में ले जाकर बेच चुके हैं।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी चोरी के वाहनों में सवार होकर विदेशों में जाते थे और इसके बाद वह ग्राहक मिलने के बाद बेच देते थे। वह इस दौरान किसी को शक न हो इसलिए कार पर निलामी का स्टिकर लगाए रखते थे। कार को बेचने के बाद वह फ्लाइट से दिल्ली लौटते थे।
संयुक्त अस्पताल की पार्किंग में रखते थे वाहन
एसएसपी ने बताया कि तीनों आरोपी चोरी के वाहनों को संजय नगर सेक्टर-23 स्थित संयुक्त अस्पताल की पार्किंग में छिपाकर रखते थे। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर ही अस्पताल से एक इनोवा और अर्टिगा बरामद की हैं।
विदेशों में बेचते थे लग्जरी कार
एसएसपी ने बताया कि आरोपी चोरी के वाहनों को नेपाल, भूटान और म्यांमार जैसे भारत के पड़ोसी देशों में ले जाकर बेचते थे। इसके अलावा नॉर्थ-ईस्ट के इंफाल, गुवाहाटी और असम में भी बेचते थे।
वह हर कार के हिसाब से उनकी कीमत तय करते थे। उन्होंने बताया कि जैसे फॉर्च्यूनर को छह से 10 लाख रुपये में बेचते थे। इसके अलावा लग्जरी कारों को पांच से सात लाख रुपये में बेच देते थे।