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नींव में पानी भरने से ढहे तीन मकान
ब्यूरो, अमर उजाला /मुरादनगर
Updated Sat, 28 Jan 2017 12:46 AM IST
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मकान ढहा
- फोटो : अमर उजाला
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सहबिस्वा बस्ती में बृहस्पतिवार रात बारिश के दौरान नींव में पानी भरने से तीन मकान ढह गए। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। मुआवजे की मांग को लेकर शुक्रवार को बस्ती के लोगों ने जमकर हंगामा किया। तहसील और नगर पालिका परिषद के अधिकारियों ने मौका मुआयना कर मदद का भरोसा दिया।
सहबिस्वा बस्ती में अमीरूद्दीन, शेरदीन और जाहिद के मकान आसपास हैं। मजदूरी कर तीनों परिवार का पालन पोषण करते हैं। मकानों के पीछे जल निगम द्वारा ओवरहेड पानी के टैंक का निर्माण कराया जा रहा है। ठेकेदार ने निर्माण के लिए गड्ढे खोद रखे हैं।
बृहस्पतिवार रात तेज बारिश के चलते इन गड्ढों में पानी भर गया। इसके चलते तीनों के मकानों की नींव में भी पानी भर गया। रात करीब सवा दस बजे पहले जाहिद के मकान की ढह गई। फिर शेरदीन और अमीरूद्दीन के मकान भी ढह गए।
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हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। मौके पर बस्ती के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और बचाव कार्य में जुट गए। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। हादसे के वक्त जाहिद और उसकी पत्नी समां रोशन, बेटा अनस (17), फरीन (14), सुहेल (12), शिफा (10), जैद (7), इशान (5) मकान में सोए हुये थे।
दूसरे मकान में शेरदीन और उसकी पत्नी मीर जहां, रहीसुद्दीन और उसकी पत्नी रुख्सार, बेटा फिरोज (16), आसिफ (13) और तीसरे मकान में अमीरूद्दीन की पत्नी शाहिदा और बेटा सोए हुए थे। मकान गिरने से तीनों परिवारों का सारा सामान टूट-फूट गया है।
दावा है कि तीनों के घरों में करीब पांच लाख रुपये की आर्थिक हानि हुई है। मुआवजे की मांग को लेकर पीड़ित परिवार और मोहल्लेवासियों ने शुक्रवार को जमकर हंगामा किया। सूचना पर तहसील और नगर पालिका अधिकारी ने मौका मुआयना किया। तहसील के अधिकारी ने शासन प्रशासन द्वारा मदद का आश्वासन दिया।
मौके पर पहुंच कर पीड़ित परिवार की मदद के लिए लकड़ियाें और बरसात से बचाव के लिए तिरपाल का इंतजाम कराया गया है। इसके साथ ही पीड़ित परिवारों की जितनी मदद हो सकेगी, कराई जाएगी।
- शमीम अहमद, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद मुरादनगर
ठंड में खुले आसमान के नीचे गुजारी रात
मकान गिरने के कारण पीड़ित तीनों ने परिवार ने सर्दी में बाहर आग के सहारे रात गुजारी। जल निगम की हेट ओवर टैंक का निर्माण कराने वाले ठेकेदार ने पीड़ित परिवार के मकान की दीवार का निर्माण कराने का आश्वास दिया।
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सहबिस्वा बस्ती में अमीरूद्दीन, शेरदीन और जाहिद के मकान आसपास हैं। मजदूरी कर तीनों परिवार का पालन पोषण करते हैं। मकानों के पीछे जल निगम द्वारा ओवरहेड पानी के टैंक का निर्माण कराया जा रहा है। ठेकेदार ने निर्माण के लिए गड्ढे खोद रखे हैं।
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बृहस्पतिवार रात तेज बारिश के चलते इन गड्ढों में पानी भर गया। इसके चलते तीनों के मकानों की नींव में भी पानी भर गया। रात करीब सवा दस बजे पहले जाहिद के मकान की ढह गई। फिर शेरदीन और अमीरूद्दीन के मकान भी ढह गए।
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हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। मौके पर बस्ती के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और बचाव कार्य में जुट गए। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। हादसे के वक्त जाहिद और उसकी पत्नी समां रोशन, बेटा अनस (17), फरीन (14), सुहेल (12), शिफा (10), जैद (7), इशान (5) मकान में सोए हुये थे।
दूसरे मकान में शेरदीन और उसकी पत्नी मीर जहां, रहीसुद्दीन और उसकी पत्नी रुख्सार, बेटा फिरोज (16), आसिफ (13) और तीसरे मकान में अमीरूद्दीन की पत्नी शाहिदा और बेटा सोए हुए थे। मकान गिरने से तीनों परिवारों का सारा सामान टूट-फूट गया है।
दावा है कि तीनों के घरों में करीब पांच लाख रुपये की आर्थिक हानि हुई है। मुआवजे की मांग को लेकर पीड़ित परिवार और मोहल्लेवासियों ने शुक्रवार को जमकर हंगामा किया। सूचना पर तहसील और नगर पालिका अधिकारी ने मौका मुआयना किया। तहसील के अधिकारी ने शासन प्रशासन द्वारा मदद का आश्वासन दिया।
मौके पर पहुंच कर पीड़ित परिवार की मदद के लिए लकड़ियाें और बरसात से बचाव के लिए तिरपाल का इंतजाम कराया गया है। इसके साथ ही पीड़ित परिवारों की जितनी मदद हो सकेगी, कराई जाएगी।
- शमीम अहमद, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद मुरादनगर
ठंड में खुले आसमान के नीचे गुजारी रात
मकान गिरने के कारण पीड़ित तीनों ने परिवार ने सर्दी में बाहर आग के सहारे रात गुजारी। जल निगम की हेट ओवर टैंक का निर्माण कराने वाले ठेकेदार ने पीड़ित परिवार के मकान की दीवार का निर्माण कराने का आश्वास दिया।