{"_id":"576302ac4f1c1b9e7c11b6e6","slug":"sp-councilor-member-of-the-women-s-commission-of-the-risk-of-life","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा पार्षद को महिला आयोग की सदस्या से जान का खतरा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सपा पार्षद को महिला आयोग की सदस्या से जान का खतरा
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 17 Jun 2016 01:19 AM IST
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी
- फोटो : अमर उजाला
सपा की वरिष्ठ नेता और राज्य महिला आयोग की सदस्या राजदेवी चौधरी से उन्हीं की पार्टी के पार्षद जाकिर सैफी को जान का खतरा सता रहा है। पार्षद ने महापौर, नगर आयुक्त, डीएम, एसएसपी, नगर विकास मंत्री और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। पार्षद ने सुरक्षा की भी मांग की है। उधर, महिला आयोग की सदस्या ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
पूरा मामला नगर निगम से जुड़ा है। पार्षद जाकिर सैफी का कहना है कि नियमों के विरुद्ध राजदेवी चौधरी का बेटा निगम में ठेकेदारी कर रहा है। फर्म पंजीकृत कराए बिना जलकल विभाग ने राज इंटरप्राइजेज नाम की उनकी फर्म को वार्ड-74 कैला भट्ठा क्षेत्र की हबीब कालोनी में सीवर लाइन डालने का लाखों का ठेका दे दिया।
पार्षद का आरोप है कि ठेकेदार ने सीवर लाइन के नीचे कच्ची रोड़ी नहीं डाली और घटिया क्वालिटी के पाइप डाल दिए हैं। सीवर लाइन के ज्वाइंट भी ठीक से नहीं मिलाए गए और लेवल भी सही नहीं किया गया।
विज्ञापन
पार्षद का कहना है कि जलकल विभाग के अफसरों से शिकायत की गई तो उन्होंने मामला राज्य महिला आयोग की सदस्या का बताकर कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। शिकायत आयोग की सदस्या राजदेवी चौधरी से की गई तो उन्होंने काम सही कराने की बजाय उल्टा जेल भिजवाने की धमकी दी।
महापौर ने इस मामले में विकास कार्य की गुणवत्ता की जांच के आदेश दे दिए हैं।
जांच में भी पाई गई कमियां
पार्षद की शिकायत पर जलकल विभाग के महाप्रबंधक संजय कुमार सिन्हा ने अधिशासी अभियंता आरके यादव के साथ मौके पर जाकर जांच की। उन्होंने भी पाया कि मैनहोल के फ्रेम और ढक्कन टूटे हुए थे।
मैनहोल में पायदान कम थे, जबकि कई में पायदान थे ही नहीं। लाइन डालने के बाद मिट्टी भी नहीं हटाई गई। महाप्रबंधक की ओर से 13 जून को राज इंटरप्राइजेज नाम की फर्म को नोटिस भी जारी किया है।
महिला आयोग की सदस्या बोलीं
मेरे परिवार से कोई व्यक्ति निगम में ठेकेदारी नहीं कर रहा। मेरी पार्षद से भी कोई बात नहीं हुई है। मुझे नहीं मालूम वह आरोप क्यों और किसके कहने पर लगा रहे हैं। मैं पार्षद से वार्ता कर इसकी जानकारी करूंगी। पार्टी संगठन स्तर पर भी वार्ता करूंगी। - राजदेवी चौधरी, सदस्या, राज्य महिला आयोग
विज्ञापन
पूरा मामला नगर निगम से जुड़ा है। पार्षद जाकिर सैफी का कहना है कि नियमों के विरुद्ध राजदेवी चौधरी का बेटा निगम में ठेकेदारी कर रहा है। फर्म पंजीकृत कराए बिना जलकल विभाग ने राज इंटरप्राइजेज नाम की उनकी फर्म को वार्ड-74 कैला भट्ठा क्षेत्र की हबीब कालोनी में सीवर लाइन डालने का लाखों का ठेका दे दिया।
विज्ञापन
पार्षद का आरोप है कि ठेकेदार ने सीवर लाइन के नीचे कच्ची रोड़ी नहीं डाली और घटिया क्वालिटी के पाइप डाल दिए हैं। सीवर लाइन के ज्वाइंट भी ठीक से नहीं मिलाए गए और लेवल भी सही नहीं किया गया।
विज्ञापन
पार्षद का कहना है कि जलकल विभाग के अफसरों से शिकायत की गई तो उन्होंने मामला राज्य महिला आयोग की सदस्या का बताकर कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। शिकायत आयोग की सदस्या राजदेवी चौधरी से की गई तो उन्होंने काम सही कराने की बजाय उल्टा जेल भिजवाने की धमकी दी।
महापौर ने इस मामले में विकास कार्य की गुणवत्ता की जांच के आदेश दे दिए हैं।
जांच में भी पाई गई कमियां
पार्षद की शिकायत पर जलकल विभाग के महाप्रबंधक संजय कुमार सिन्हा ने अधिशासी अभियंता आरके यादव के साथ मौके पर जाकर जांच की। उन्होंने भी पाया कि मैनहोल के फ्रेम और ढक्कन टूटे हुए थे।
मैनहोल में पायदान कम थे, जबकि कई में पायदान थे ही नहीं। लाइन डालने के बाद मिट्टी भी नहीं हटाई गई। महाप्रबंधक की ओर से 13 जून को राज इंटरप्राइजेज नाम की फर्म को नोटिस भी जारी किया है।
महिला आयोग की सदस्या बोलीं
मेरे परिवार से कोई व्यक्ति निगम में ठेकेदारी नहीं कर रहा। मेरी पार्षद से भी कोई बात नहीं हुई है। मुझे नहीं मालूम वह आरोप क्यों और किसके कहने पर लगा रहे हैं। मैं पार्षद से वार्ता कर इसकी जानकारी करूंगी। पार्टी संगठन स्तर पर भी वार्ता करूंगी। - राजदेवी चौधरी, सदस्या, राज्य महिला आयोग