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आग देख कांपे बच्चे... दौड़े पेरेंट्स
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 03 May 2017 12:38 AM IST
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बस में लगी आग
- फोटो : file photo
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अहिंसाखंड दो में सीएनजी लीक होने से बस में लगी आग देखकर बच्चे कांप गए। बच्चों में चीख पुकार मच गई। बस में सवार शिक्षिका, कंडक्टर और दुकानदार ने बहादुरी दिखाकर बच्चों को सकुशल बाहर निकाला। बस में पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक के बच्चे थे।
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जैसे ही बस में आग लगने की सूचना बच्चों के परिजनों को मिली वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। बस में सवार आठवीं कक्षा के छात्र आदित्य ने बताया कि स्कूल से छुट्टी के बाद बस में करीब 60 बच्चे बैठे। इनमें से करीब 15 बच्चे रास्ते में उतर गए। वह ड्राइवर के पीछे वाली सीट पर बैठा था।
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बस के अहिंसाखंड दो के चौराहे पर पहुंचते ही अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठती देख बच्चे चीखने चिल्लाने लगे। बस में टीचर शिवानी और कंडक्टर अजय ने पास के नारियल वाले अंकल की मदद से सभी बच्चों को बस से बाहर निकाला।
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इसके बाद शिवानी मैडम ने किसी अंकल के फोन से स्कूल में बस में आग लगने की सूचना दी। बस स्टॉप पर खड़े कुछ बच्चों के परिजनों को भी इसकी जानकारी दी। इस पर कोई परिजन अपने दफ्तर से तो कोई घर से भागकर घटनास्थल पर पहुंचा। यहां बच्चों को सकुशल देख उनकी जान में जान आई।
दुकानदार का हुआ 50 हजार का नुकसान
करीब 10 साल से अहिंसाखंड चौराहे पर नारियल पानी बचने वाले वरेली निवासी वासीब इंसानियत की मिसाल पेश की है। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चों को बसों से निकला। इस दौरान उनकी दुकान में रखे तरबूज और नारियल जल गए।
उनका कहना था कि सोमवार को ही 50 हजार रुपये का माल लाए थे। आग से सारा माल जल गया।