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चार रेस्टोरेंट में शॉर्ट सर्किट से लगी आग
ब्यूरो,अमर उजाला इंदिरापुरम
Updated Thu, 07 Apr 2016 12:42 AM IST
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आग
- फोटो : अमर उजाला
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वैभव खंड स्थित विंडसर मार्केट के एक रेस्टोरेंट में बुधवार तड़के अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पास के तीन और रेस्टोरेंट को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सकी। शुरूआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट लग रहा है।
इंदिरापुरम की विंडसर पार्क सोसायटी में करीब 35 दुकानें हैं। इनमें से ज्यादातर में रेस्टोरेंट संचालित हैं। बुधवार तड़के चार बजे मार्केट के एक नामी रेस्टोरेंट से धुआं उठता देख गार्ड ने अन्य गार्डों, पुलिस और फायर डिपार्टमेंट को मामले की सूचना दी। करीब 15 मिनट में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं, मगर तब तक आग ने पास के तीन और रेस्टोरेंट को अपनी चपेट में ले लिया।
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग में रेस्तरां हांडी, बॉबी टिक्की वाला, कंबोज फूड और मेंस वर्सेज फूड में कुर्सी, मेज, गैस चूल्हा समेत लाखों का कीमती सामान जलकर खाक हो गया।
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एफएसओ सोमदत्त ने बताया कि शुरूआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट लग रहा है। हो सकता है कि किसी रेस्टोरेंट में तंदूर की आग पूरी तरह से न बुझी हो और वह फैल गई हो। जांच के बाद ही आग लगने के कारण की पुष्टि हो पाएगी।
जेसीबी से शटर तोड़कर बुझाई आग
चारों रेस्टोरेंट के अंदर आग लगातार सुलग रही थी। शटर खोलने का प्रयास किया गया, मगर गर्म होने के चलते शटर के लॉक ही नहीं खुले। ऐसे में जेसीबी मंगवाकर शटर तोड़े गए, उसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।
उधर, चारों रेस्टोरेंट के पास बनी दो दुकानों तक भी आग की लपटें पहुंच गई थी। हालांकि दुकानें कई साल से बंद थीं, उनमें ज्यादा सामान नहीं था, इस कारण नुकसान मामूली हुआ।
सिलेंडरों में लगती आग तो होता बड़ा हादसा
एफएसओ ने बताया कि चारों रेस्टोरेंट में एलपीजी सिलेंडर रखे थे। गनीमत रही कि सिलेंडर आग की चपेट में नहीं आए, अगर सिलेंडर फटते तो आसपास की सोसायटीज को भी खतरा हो सकता था।
कंवीनीएंट शॉप के नाम पर खुल गए शॉपिंग कांप्लेक्स
विंडसर स्ट्रीट मार्केट में आग लगने की घटना के बाद टीएचए के लोगों में दहशत व्याप्त है। रेजिडेंट्स का कहना है कि जीडीए से कई बार अवैध रेस्टोरेंट खुलने की शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब फेडरेशन ऑफ एओए जल्द ही जीडीए से मुलाकात कर समस्या हल करने की मांग करेगी।
दरअसल, टीएचए की 60 प्रतिशत सोसायटीज में कन्वीनियिंट शॉप की जगह शॉपिंग कॉंप्लेक्स बना दिए गए हैं, जहां रेस्टोरेंट के साथ ही अन्य दुकानें खोली गईं हैं। दुकानदारों ने अपनी दुकानों के नीचे छोटे बेसमेंट भी बना रखे हैं, जहां सिलेंडर रखे होते हैं। ऐसे में आग लगने पर दुकानों के साथ ही पूरी सोसायटी को भी खतरा है।
रेजिडेंट्स का कहना है कि मार्केट में फायर फाइटिंग सिस्टम की व्यवस्था नहीं है, जहां हैं वहां खराब पड़े हुए हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। फेडरेशन ऑफ एओए के अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि विंडसर स्ट्रीट में अवैध दुकानों में आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम न होने के कारण आग लगने की आशंका पिछले तीन वर्ष से जताई जा रही थी। इस बाबत जीडीए व फायर ब्रिगेड से शिकायत भी की गई थी। इस संबंध में जल्द ही जीडीए वीसी व फायर ब्रिगेड अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।
एक हजार फ्लैट पर बस पांच कन्वीनियिंट शॉप
नियमानुसार एक हजार फ्लैट पर पांच कन्वीनियिंट शॉप ही होनी चाहिए। मगर नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बिल्डर कन्वीनियिंट शॉप को शॉपिंग कांप्लेक्स में बदल रहे हैं, जहां 25 से 150 दुकानें बना दी गई हैं।
इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। शिकायत मिलने पर अवैध रूप से खुली दुकानों को सील किया जाएगा। - वाईएन चौधरी, प्रवर्तन प्रभारी, जीडीए
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इंदिरापुरम की विंडसर पार्क सोसायटी में करीब 35 दुकानें हैं। इनमें से ज्यादातर में रेस्टोरेंट संचालित हैं। बुधवार तड़के चार बजे मार्केट के एक नामी रेस्टोरेंट से धुआं उठता देख गार्ड ने अन्य गार्डों, पुलिस और फायर डिपार्टमेंट को मामले की सूचना दी। करीब 15 मिनट में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं, मगर तब तक आग ने पास के तीन और रेस्टोरेंट को अपनी चपेट में ले लिया।
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करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग में रेस्तरां हांडी, बॉबी टिक्की वाला, कंबोज फूड और मेंस वर्सेज फूड में कुर्सी, मेज, गैस चूल्हा समेत लाखों का कीमती सामान जलकर खाक हो गया।
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एफएसओ सोमदत्त ने बताया कि शुरूआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट लग रहा है। हो सकता है कि किसी रेस्टोरेंट में तंदूर की आग पूरी तरह से न बुझी हो और वह फैल गई हो। जांच के बाद ही आग लगने के कारण की पुष्टि हो पाएगी।
जेसीबी से शटर तोड़कर बुझाई आग
चारों रेस्टोरेंट के अंदर आग लगातार सुलग रही थी। शटर खोलने का प्रयास किया गया, मगर गर्म होने के चलते शटर के लॉक ही नहीं खुले। ऐसे में जेसीबी मंगवाकर शटर तोड़े गए, उसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।
उधर, चारों रेस्टोरेंट के पास बनी दो दुकानों तक भी आग की लपटें पहुंच गई थी। हालांकि दुकानें कई साल से बंद थीं, उनमें ज्यादा सामान नहीं था, इस कारण नुकसान मामूली हुआ।
सिलेंडरों में लगती आग तो होता बड़ा हादसा
एफएसओ ने बताया कि चारों रेस्टोरेंट में एलपीजी सिलेंडर रखे थे। गनीमत रही कि सिलेंडर आग की चपेट में नहीं आए, अगर सिलेंडर फटते तो आसपास की सोसायटीज को भी खतरा हो सकता था।
कंवीनीएंट शॉप के नाम पर खुल गए शॉपिंग कांप्लेक्स
विंडसर स्ट्रीट मार्केट में आग लगने की घटना के बाद टीएचए के लोगों में दहशत व्याप्त है। रेजिडेंट्स का कहना है कि जीडीए से कई बार अवैध रेस्टोरेंट खुलने की शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब फेडरेशन ऑफ एओए जल्द ही जीडीए से मुलाकात कर समस्या हल करने की मांग करेगी।
दरअसल, टीएचए की 60 प्रतिशत सोसायटीज में कन्वीनियिंट शॉप की जगह शॉपिंग कॉंप्लेक्स बना दिए गए हैं, जहां रेस्टोरेंट के साथ ही अन्य दुकानें खोली गईं हैं। दुकानदारों ने अपनी दुकानों के नीचे छोटे बेसमेंट भी बना रखे हैं, जहां सिलेंडर रखे होते हैं। ऐसे में आग लगने पर दुकानों के साथ ही पूरी सोसायटी को भी खतरा है।
रेजिडेंट्स का कहना है कि मार्केट में फायर फाइटिंग सिस्टम की व्यवस्था नहीं है, जहां हैं वहां खराब पड़े हुए हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। फेडरेशन ऑफ एओए के अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि विंडसर स्ट्रीट में अवैध दुकानों में आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम न होने के कारण आग लगने की आशंका पिछले तीन वर्ष से जताई जा रही थी। इस बाबत जीडीए व फायर ब्रिगेड से शिकायत भी की गई थी। इस संबंध में जल्द ही जीडीए वीसी व फायर ब्रिगेड अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।
एक हजार फ्लैट पर बस पांच कन्वीनियिंट शॉप
नियमानुसार एक हजार फ्लैट पर पांच कन्वीनियिंट शॉप ही होनी चाहिए। मगर नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बिल्डर कन्वीनियिंट शॉप को शॉपिंग कांप्लेक्स में बदल रहे हैं, जहां 25 से 150 दुकानें बना दी गई हैं।
इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। शिकायत मिलने पर अवैध रूप से खुली दुकानों को सील किया जाएगा। - वाईएन चौधरी, प्रवर्तन प्रभारी, जीडीए