फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   problam patient patient due to drug strike strike

दवा कारोबारियों की हड़ताल से मरीज हुए हलाकान

Tue, 30 May 2017 10:53 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Tue, 30 May 2017 10:53 PM IST
विज्ञापन
problam patient patient due to drug strike strike
दवा लेने के लिए लगी भीड़। - फोटो : amar Ujala

थोक एवं फुटकर दवा कारोबारियों की देशव्यापी हड़ताल से मंगलवार को मरीज और उनके तीमारदार हलाकान रहे। आलम यह रहा कि दवा का पर्चा लेकर लोग इधर से उधर भटकते रहे, लेकिन कहीं दवा नहीं मिली। केंद्र सरकार और दवा कारोबारियों के बीच विवाद का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ा।

विज्ञापन


वहीं, लाइसेंस नवीनीकरण, ऑनलाइन फार्मेसी और नई दवा नीति के विरोध में दुकानें बंद कर दवा व्यापारी सड़काें पर उतरे और सरकार की नीतियों को जमकर कोसा। नई बस्ती में दवा कारोबारियों ने विरोध प्रदर्शन किया और कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन


ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (एआईओसीडी) के आह्वान पर मंगलवार को दवा कारोबारियों ने दुकानें बंद कर हड़ताल रखी। इस दौरान जिले की कुल पांच हजार में चार हजार से अधिक थोक व खुदरा दवा दुकानें बंद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कारोबारी दवा की थोक मंडी नई बस्ती में इकट्ठा हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। डिस्ट्रिक्ट गाजियाबाद केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महासचिव राजीव त्यागी ने कहा कि नई दवा नीति लागू होने पर दवा कारोबारी बेरोजगार हो जाएंगे।

ऑनलाइन फार्मेसी पर रोक नहीं लगाकर विदेशी कंपनियों के हाथों में दवा कारोबार दिया जा रहा है। फार्मासिस्ट की कमी से ड्रग लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो रहा है। एआईओसीडी ने सरकार को मांग पत्र दिया हुआ है पर कुछ नहीं हुआ।

प्रदर्शन में दीपक अग्रवाल, हेमंत मलिक, नरेश, राजकुमार चौधरी, संदीप खन्ना, विकास शर्मा, योगेश अग्रवाल आदि उपस्थित थे। उधर, केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े दवा कारोबारियों ने हड़ताल का विरोध किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष डीपी राणा ने कहा कि हड़ताल सरकार और जनविरोधी है।

उधर, मसूरी, मोदीनगर, लोनी और मुरादनगर में भी दुकानेें बंद रहीं। मुरादनगर के केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष बालकृष्ण बंसल ने बताया कि सरकार की नीतियों से देश में 8.5 लाख केमिस्ट और 50 लाख कर्मचारी प्रभावित होंगे।

विरोध में मुरादनगर के सभी मेडिकल दयानंद त्यागी, एसएन वर्मा, एसके त्यागी, प्रदीप शर्मा, विजय, आनंदवीर त्यागी, सागर सिंह चौहान सहित नगर के मेडिकल स्टोर संचालक मौजूद रहे। दनकौर से एमएमजी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने आईं बानो ने बताया कि कुछ दवाएं अस्पताल में नहीं मिलीं।

बाहर बनी दुकानें बंद थीं। ऐसे में अब दवा लेने के लिए दोबारा आना पड़ेगा।विजय नगर निवासी संजना ने बताया कि डाक्टर को दिखाने के बाद दवा का पर्चा लेकर इधर-उधर भटक रही हूं। सभी दुकानें बंद होने के कारण दवा नहीं मिल रही है।
 
- विजय नगर से आई रूपाली ने बताया कि दवा की सभी दुकानें बंद हैं। मरीज को दवा चाहिए लेकिन मिल ही नहीं रही है। तीमारदार इधर से उधर भटक रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में तो दवाएं मिलनी हो जाएंगी बंद
जिला एसोसिएशन के अध्यक्ष ह्रदेश कंसल ने बताया कि वर्तमान में देश में करीब छह लाख खुदरा दवा कारोबारी हैं। इनमें से करीब 50 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। इतनी बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर खुले हैं लेकिन उसके मुकाबले फार्मासिस्ट नहीं हैं। ड्रग डिपार्टमेंट में लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो रहा है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में तो दवाएं मिलनी बंद हो जाएंगी जबकि नियमानुसार खुदरा कारोबारी शेड्यूल-एच, शेड्यूल-एच1 और शेड्यूल-एक्स के अलावा सभी दवाएं बेच सकता है।  

 
बड़े अस्पतालों में ही खुले रहे मेडिकल स्टोर
 हड़ताल से नई बस्ती, एमएमजी अस्पताल के बाहर की दुकानें, आरडीसी, कविनगर, नेहरू नगर, शास्त्री नगर, विजन नगर समेत टीएचए की सभी कालोनियों में दवा की दुकानें बंद रहीं। केवल शहर के बड़े अस्पतालों के मेडिकल स्टोर ही खुले रहे, लेकिन यहां भी दवा के लिए भटक रहे मरीजों की दिक्कत दूर नहीं हुई।

ज्यादातर मेडिकल स्टोर सिर्फ अपने अस्पताल के पर्चे पर ही दवाएं दे रहे थे, बाहर से आए लोगों को लौटा दिया गया।  

बोले अधिकारी
ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली व विवेक कुमार ने बताया कि हड़ताल में दवाओं की आपूर्ति रुकी नहीं है, जो दुकानें खुली रहीं, वहां से मरीजों ने दवाएं खरीदीं।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed