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पुराने ट्रकों को ‘नए’ बनाकर बेचने वाला गिरोह दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Wed, 03 Aug 2016 12:28 AM IST
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ट्रक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विजयनगर पुलिस ने पुराने ट्रकों को ‘नए’ बनाकर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ट्रांसपोर्टर समेत पांच जालसाजों को गिरफ्तार कर उनके पास से 8 ट्रक बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों में रोशन सिंह निवासी विवेक विहार दिल्ली, अनिल निवासी शास्त्रीनगर गाजियाबाद, हरी किशन निवासी हतेवा गौतमबुद्धनगर, सलीम निवासी साहिबाबाद और इश्तियाक निवासी साहिबाबाद हैं।
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सोमवार रात पुलिस ने छह घंटे का चेकिंग अभियान चलाया था, उसी में एनएच-24 पर नीलम धर्म कांटा के पास से इन्हें गिरफ्तार कर किया गया। नौवीं तक पढ़ा रोशन सिंह ट्रांसपोर्टर औैर गैंग लीडर है। रोशन ने बताया कि वह दो साल से यह गोरखधंधा कर रहे हैं।
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कुछ माह पहले एनजीटी ने आदेश दिया था कि 10 साल से पुराने डीजल वाहन सड़कों पर नहीं दौड़ेंगे, इसके बाद तो उनकी चांदी शुरू हो गई। उसने और अनिल ने 10 साल पुराने दस टायर ट्रक बड़े पैमाने पर एक से डेढ़ लाख रुपये में खरीदने शुरू किए।
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इन ट्रकों को वह सलीम और इश्तियाक केपास ले जाकर मोडिफाई कराते थे। साथ ही उनका इंजन नंबर और चेसिस नंबर भी बदल देते थे। इन्हें 10 से 12 लाख रुपये में बेचा जाता था। एसपी सिटी सलमान ताज ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि यह गिरोह पुराने ट्रकों का नागालैंड संभागीय परिवहन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से नया रजिस्ट्रेशन कराता था।
रजिस्ट्रेशन कराने के बाद गिरोह अलीगढ़ संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से उन ट्रकों का यूपी में ट्रांसफर करा लेता था। एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस की एक टीम जांच करने के लिए अलीगढ़ संभागीय परिवहन विभाग जाएगी।
500 से अधिक वाहनों को बेच चुका है गिरोह
एसपी सिटी ने बताया कि पिछले साल यह गिरोह 500 से अधिक पुराने वाहनों को मोडिफाई कर बेच चुका है और करोड़ों रुपये कमा चुका है। इनमें करीब 200 बसें भी हैं। जालसाज संभागीय परिवहन विभागों की मदद से इतनी सफाई से गोरखधंधा कर रहे थे कि ग्राहक जब इंटरनेट पर गाड़ी की डिटेल चेक करता तो सब जानकारी ठीक मिलती थी।
प्रदूषण फैलाने में पुराने ट्रकों का योगदान सबसे ज्यादा
एनजीटी के एक सर्वे में पता चला था कि 10 साल से पुराने वाहन (ट्रक) सबसे अधिक प्रदूषण फैलाते हैं। इस सर्वे के बाद एनजीटी ने 10 साल से पुराने डीजल ट्रकों पर रोक लगा दी थी। यह गिरोह जो ट्रक ग्राहकों को बेचता था वह 10 साल से पुराने होने के कारण ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं।
व्हाट्स एप से भी तलाशते थे ग्राहक
अनिल के पास नौकरी करने वाला हरि किशन मोडिफाई ट्रकों के लिए ग्राहक तलाशने का काम करता था। वह व्हाट्स एप से भी ग्राहक तलाशता था।