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प्लाट के विवाद में की थी हत्या, उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Wed, 17 Aug 2016 01:49 AM IST
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न्यायालय
- फोटो : file photo
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प्लाट के विवाद में एक व्यक्ति की हत्या करने के आरोपी को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी केस में कोर्ट ने कुख्यात अनिल उर्फ पैना को भी तीन साल कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।घटना 6 अगस्त 2010 की है।
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लोनी के रामपार्क एक्सटेंशन जी ब्लाक में देवेंद्र कुमार और जोगेंद्र खड़े हुए थे। इसी दौरान बाइक सवार सुनील अपने नाबालिग भाई के साथ वहां आया। बाइक को उसका नाबालिग भाई चला रहा था। पीछे बैठे सुशील ने पिस्टल से देवेंद्र और जोगेंद्र पर फायरिंग कर दी। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में घायल जोगेंद्र की मौत हो गई थी।
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सरकारी वकील प्रमोद कुमार तंवर ने बताया कि मामला एक प्लाट के विवाद का था। जोगेंद्र इसे बेचना चाहता था। जबकि दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा था। घायल देवेंद्र ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। मामला एडीजे-13 आरके शुक्ला की कोर्ट में विचाराधीन था। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी सुनील को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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सरकारी वकील ने बताया कि इस मामले में बार के पूर्व अध्यक्ष नाहर सिंह यादव ने भी अभियोजन की ओर से बहस की थी। उन्होंने बताया कि दोषी सिद्ध हुए युवक के नाबालिग भाई के खिलाफ जुवेनाइल कोर्ट में अलग से मामला विचाराधीन है। जबकि इस हत्या में पिस्टल कुख्यात अनिल पैना ने उपलब्ध कराई थी। कोर्ट ने 25 आर्म्स एक्ट के लिए अनिल पैना को भी तीन साल की सजा सुनाई है।