{"_id":"57094b254f1c1b422cc81128","slug":"himanshi-death-matter-began-at-on-facebook","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमांशी मौत प्रकरण में फेसबुक पर शुरू हुई रार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हिमांशी मौत प्रकरण में फेसबुक पर शुरू हुई रार
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sun, 10 Apr 2016 12:38 AM IST
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अपराध्ा
- फोटो : अमर उजाला
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राज्यसभा सांसद नरेंद्र कश्यप की पुत्रवधू हिमांशी की मौत पर फेसबुक पर भी बहस छिड़ी हुई है। कोई उन्हें बेकुसूर बताकर दुख जता रहा है, तो कोई कुसूरवार बताकर कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग कर रहा है। दोनों पक्षों के समर्थकों में फेसबुक पर गाली-गलौज हो रही है। अभद्र भाषा की सीमाएं लांघी जा रही हैं।
पुनीत दत्त लिखते हैं कि लड़की की मृत्यु कैसे भी हो, मुकदमा दहेज का दर्ज करा देते हैं। विनय लिखते हैं कि घटना से एक दिन पहले ही हिमांशी के पिता ने नरेंद्र कश्यप की तारीफ में कसीदे पढ़े थे। विक्की गौतम के शब्द हैं कि जरूरी नहीं कि जो हीरालाल जी कह रहे हैं, वह सच हो।
अशोक, ब्रिजेश और अरुण ने दुख जताते हुए सागर के साथ होने की बात लिखी है। दूसरी तरफ, मेघा कश्यप लिखती हैं कि तो फिर हिमांशी की मौत कैसे हुई...कोई बताएगा, सुसाइड तो नहीं था। कुछ तो है, जो अभी सामने आना बाकी है। लव कश्यप लिखते हैं कि वी वांट जस्टिस।
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हिमांशी के आरोपियों को फांसी दो। अर्जुन दक्श ने फोटो पोस्ट की है, जिस पर लिखा है कि बदायूं की बेटी हिमांशी को इंसाफ दो। सांसद के फरार छोटे बेटे और दो बेटियों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। इस तरह के तमाम कमेंट्स फेसबुक पर छाए हुए हैं।
एक घंटे की सीसीटीवी फुटेज में कैद हैं ‘अहम’ सुबूत
सांसद नरेंद्र कश्यप की पुत्रवधू की मौत की गुत्थी जल्द ही सुलझ सकती है। सांसद के घर लगे सीसीटीवी कैमरे की एक घंटे की फुटेज में अहम सुबूत छिपे हैं। एक्सपर्ट्स की टीम जल्द ही रिकॉर्डिंग खोलेगी। सोमवार को घटना में प्रयुक्त बताई जा रही रिवाल्वर, खून से सने कपड़े और ब्लड सैंपल जांच के लिए आगरा फोरेंसिक लैब भेजे जाएंगे।
दूसरी तरफ, पुलिस का मानना है कि अगर हिमांशी और सागर के मोबाइल में आखिरी कॉल रिकार्ड हुई तो राज फाश हो चुका होता, मगर दोनों के ही मोबाइल में रिकॉर्डिंग नहीं की गई। दरअसल, सागर और हिमांशी के बीच फोन पर सुबह 10 बजकर 53 मिनट पर 54 सेकेंड की बात हुई थी।
सागर ने दावा किया था कि वह घटना के वक्त वह मेरठ में था, इसकी पुष्टि उसके मोबाइल लोकेशन से भी हो चुकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हिमांशी की मौत की टाइमिंग का जिक्र नहीं किया गया है, घटना का समय ‘मिड-डे’ बताया गया है।
सांसद परिवार ने दावा किया था कि उन्होंने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी थी। ऐसे में साढे़ दस से साढे़ 11 बजे के बीच की सीसीटीवी फुटेज मामले के खुलासे में अहम साबित होगी।
मायके आई शादीशुदा ननद पर गहराया शक
घटना से एक दिन पहले हिमांशी की शादीशुदा ननद सरिता मायके में थी। घटना के वक्त वह कहां थी, यह जांच की जा रही है। ऐसे में पुलिस का शक उन पर और गहरा हो गया है। जल्द ही साक्ष्य एकत्रित कर पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी।
मायके में रहने लगी थी छोटी बहू!
सांसद नरेंद्र कश्यप की छोटी बहू भी शादी के बाद मायके में जाकर रहने लगी थी। यह जिक्र दोनों परिवारों के समर्थकों के बीच फेसबुक पर चल रहे वार-पलटवार पर किया गया है। जिक्र करने वाले ने लिखा है कि अगर सांसद परिवार बहुओं से अच्छा बर्ताव करता तो छोटी बहू मायके में क्यों रहने लगी थी।
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पुनीत दत्त लिखते हैं कि लड़की की मृत्यु कैसे भी हो, मुकदमा दहेज का दर्ज करा देते हैं। विनय लिखते हैं कि घटना से एक दिन पहले ही हिमांशी के पिता ने नरेंद्र कश्यप की तारीफ में कसीदे पढ़े थे। विक्की गौतम के शब्द हैं कि जरूरी नहीं कि जो हीरालाल जी कह रहे हैं, वह सच हो।
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अशोक, ब्रिजेश और अरुण ने दुख जताते हुए सागर के साथ होने की बात लिखी है। दूसरी तरफ, मेघा कश्यप लिखती हैं कि तो फिर हिमांशी की मौत कैसे हुई...कोई बताएगा, सुसाइड तो नहीं था। कुछ तो है, जो अभी सामने आना बाकी है। लव कश्यप लिखते हैं कि वी वांट जस्टिस।
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हिमांशी के आरोपियों को फांसी दो। अर्जुन दक्श ने फोटो पोस्ट की है, जिस पर लिखा है कि बदायूं की बेटी हिमांशी को इंसाफ दो। सांसद के फरार छोटे बेटे और दो बेटियों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। इस तरह के तमाम कमेंट्स फेसबुक पर छाए हुए हैं।
एक घंटे की सीसीटीवी फुटेज में कैद हैं ‘अहम’ सुबूत
सांसद नरेंद्र कश्यप की पुत्रवधू की मौत की गुत्थी जल्द ही सुलझ सकती है। सांसद के घर लगे सीसीटीवी कैमरे की एक घंटे की फुटेज में अहम सुबूत छिपे हैं। एक्सपर्ट्स की टीम जल्द ही रिकॉर्डिंग खोलेगी। सोमवार को घटना में प्रयुक्त बताई जा रही रिवाल्वर, खून से सने कपड़े और ब्लड सैंपल जांच के लिए आगरा फोरेंसिक लैब भेजे जाएंगे।
दूसरी तरफ, पुलिस का मानना है कि अगर हिमांशी और सागर के मोबाइल में आखिरी कॉल रिकार्ड हुई तो राज फाश हो चुका होता, मगर दोनों के ही मोबाइल में रिकॉर्डिंग नहीं की गई। दरअसल, सागर और हिमांशी के बीच फोन पर सुबह 10 बजकर 53 मिनट पर 54 सेकेंड की बात हुई थी।
सागर ने दावा किया था कि वह घटना के वक्त वह मेरठ में था, इसकी पुष्टि उसके मोबाइल लोकेशन से भी हो चुकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हिमांशी की मौत की टाइमिंग का जिक्र नहीं किया गया है, घटना का समय ‘मिड-डे’ बताया गया है।
सांसद परिवार ने दावा किया था कि उन्होंने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी थी। ऐसे में साढे़ दस से साढे़ 11 बजे के बीच की सीसीटीवी फुटेज मामले के खुलासे में अहम साबित होगी।
मायके आई शादीशुदा ननद पर गहराया शक
घटना से एक दिन पहले हिमांशी की शादीशुदा ननद सरिता मायके में थी। घटना के वक्त वह कहां थी, यह जांच की जा रही है। ऐसे में पुलिस का शक उन पर और गहरा हो गया है। जल्द ही साक्ष्य एकत्रित कर पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी।
मायके में रहने लगी थी छोटी बहू!
सांसद नरेंद्र कश्यप की छोटी बहू भी शादी के बाद मायके में जाकर रहने लगी थी। यह जिक्र दोनों परिवारों के समर्थकों के बीच फेसबुक पर चल रहे वार-पलटवार पर किया गया है। जिक्र करने वाले ने लिखा है कि अगर सांसद परिवार बहुओं से अच्छा बर्ताव करता तो छोटी बहू मायके में क्यों रहने लगी थी।