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फोरेंसिक टीम ढूंढेगी फिरू की मौत का राज

Mon, 24 Apr 2017 12:35 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Mon, 24 Apr 2017 12:35 AM IST
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Forensic Team Will Find Faru's Death Secrets
Forensic - फोटो : अमर उजाला

पॉश कालोनी राजनगर में छह महीने पहले एक कोठी की छत पर संदिग्ध हालात में मिले नौकर के शव के मामले में पुलिस ने एक बार फिर जांच शुरू कर दी है। रविवार को लोकल पुलिस और लखनऊ से आई फोरेंसिक टीम ने वारदात का डेमो किया और टीम के सदस्य एक प्लास्टिक बॉडी को उठाकर छत तक ले गए।

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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कविनगर पुलिस और लखनऊ से आई पांच सदस्यीय फोरेंसिक टीम ने राजनगर सेक्टर-5 की कोठी नंबर 114 में करीब छह माह पहले हुई नौकर फिरू की हत्या के मामले की जांच शुरू फिर शुरू कर दी है। पुलिस ने मृतक फिरू के भाई वीरू की रिपोर्ट पर मामले की जांच शुरू की है।
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पुलिस और फोरेंसिक टीम ने एक प्लास्टिक की बॉडी के साथ सीन को रिक्रिएट किया। इस दौरान पुलिस ने कोठी के मालिक दीपक कुमार गुप्ता और उनके परिवार से भी पूछताछ की। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने वीरू की अर्जी पर कोठी मालिक और उसके परिवार का नॉर्को टेस्ट कराने के लिए एक फाइल तैयार की है। कविनगर पुलिस इस मामले में जल्द ही कोर्ट से नार्को टेस्ट कराने की अनुमति लेने को अर्जी दाखिल करेगी।
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बता दें कि मूलरूप से फूलबाड़ी, दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) का रहने वाला फिरू (38) पुत्र देबू सरदार राजनगर सेक्टर-5 स्थित दीपक कुमार गुप्ता की कोठी में काम करता था और यहीं रहता था। पुलिस के अनुसार 19 नवंबर 2016 को फिरू का शव कोठी की छत पर मिला था। दीपक गुप्ता सड़क बनवाने का ठेका लेते हैं। पुलिस के मुताबिक दीपक ने ही पुलिस को सूचना देकर फिरू के शव के बारे में बताया था। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो दीपक ने बताया कि शाम को घर की लिफ्ट ठीक करने के लिए आए एक कर्मचारी आया था।


वह जब घर की छत पर पहुंचा तो वहां शव से बदबू आ रही थी। इसके बाद उसने नीचे आकर दीपक के  परिवार को बताया। दीपक ने बताया कि फिरू डेढ़ साल से और उसका भाई वीरू उर्फ मुन्ना छह माह से उनके घर पर काम कर रहे थे। पुलिस पूछताछ में वीरू उर्फ मुन्ना ने बताया कि फिरू 12 नवंबर की शाम को उससे बात कर घर से बाहर घूमने के लिए गया था। इसके बाद वह सो गया था। इसके बाद 19 नवंबर को उसके भाई का शव बरामद हुआ। वीरू ने अज्ञात के खिलाफ  कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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