फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Current death broke

करंट लगने से व्यक्ति की मौत,हंगामा

Tue, 01 Nov 2016 12:37 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो/ अमर उजाला गाजियाबाद Updated Tue, 01 Nov 2016 12:37 AM IST
विज्ञापन
Current death broke
व्यक्ति की मौत के बाद मौके पर हंगामा करते लोग - फोटो : अमर उजाला
शास्त्रीनगर में सोमवार दोपहर करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने सड़क पर शव रखकर हंगामा किया। इस दौरान जाम लग गया। लोगों ने दो घंटे तक पुलिस को शव नहीं ले जाने दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को हटाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
विज्ञापन


बांदा के अतर्रा निवासी कमल (40) शास्त्रीनगर सी-ब्लाक में परिवार के साथ रहते थे। वह साइकिल रिपेयर और पंचर लगाने की दुकान करते थे। आरोप है कि पानी की टंकी के पास रहने वाले एक डॉक्टर ने उनसे कोठी से सटे पेड़ को छांटने के लिए कहा।
विज्ञापन


पेड़ पर चढ़कर छंटाई करने के दौरान कमल वहां से गुजर रही विद्युत लाइन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई। इस दौरान परिजन और मोहल्ले के लोग जमा हो गए। उन्होंने मकान मालिक डॉक्टर और विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसके बाद सड़क पर शव रखकर वह हंगामा करने लगे, जिससे जाम लग गया। उन्होंने मुआवजे और कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन


सूचना पर कविनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शव ले जाने की कोशिश करने लगी, लेकिन लोगों ने शव नहीं उठने दिया। बाद में पुलिस ने लाठियां फटकारी तो लोग भाग खड़े हुए। पुलिस ने परिजनों को एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब लोग शांत हुए। कमल के परिवार में पत्नी और पांच बच्चे हैं।


डॉक्टर के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर
सीओ द्वितीय मनीष मिश्र ने बताया कि इस संबंध में मृतक के भाई राजकुमार की तहरीर पर डॉक्टर एपी सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि उनकी लापरवाही की वजह से मृत्यु हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed