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दो अनहोनी से बचाया तीसरी ने ली जान-Ghaziabad city
Updated Sat, 06 Jan 2018 01:21 AM IST
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दो अनहोनी से बचाया तीसरी ने ली जान
लोनी। नैतिक की मौत के बाद मां सावित्री की आंखों के आंसू थम नहीं रहे थे। रोते बिलखते वह बेटे के शव को बार-बार बाहों में भर रही थी। रोते हुए वह यही कहे जा रही थी कि अपने बेटे को दो बार अनहोनी से बचा लिया, लेकिन तीसरी अनहोनी ने उसके बेटे की जान ले ली।
रोते हुए सावित्री ने बताया कि नैतिक ने दो माह पूर्व घर के बाहर से गुजर रहे तारों को छू लिया था। करंट लगने से वह घायल हो गया था। दो दिन अस्पताल में इलाज के बाद ठीक हो गया था। करीब 15 दिन पहले नैतिक खेलते समय मकान की छत से गिरकर चोटिल हो गया था। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया था। लगातार हो रही घटनाओं से वह चिंतित थी, लेकिन नहीं जानती थी कि मौत उसका पीछा नहीं छोड़ेगी। तीसरी घटना में तालाब में डूबने से उसके बेटे की मौत हो गई। मां सावित्री को अब इस बात का मलाल है कि उसने तख्ते जिगर को तालाब के पास खेलने जाने क्यों दिया। गोताखोरों ने करीब दो घंटे बाद नैतिक के शव को तालाब से बाहर निकाला तो वहां खडे़ अन्य लोगों की आंखों में भी आंसू आ गए।
नहीं कराया पोस्टमार्टम
तालाब से निकालने के बाद पुलिस नैतिक को अस्पताल लेकर पहुंची थी। डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की मानें तो तालाब के गंदे पानी में केमिकल भी था। केमिकल न होता तो शायद जान बच भी सकती थी। केमिकल से नैतिक के शरीर पर जख्म हो गए थे। परिजनों ने नैतिक (7) के शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। सीओ दुर्गेश कुमार ने बताया कि पंचनामा भरकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। नैतिक के पिता राज मिस्त्री हैं और आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। कालोनी वासियों ने पुलिस से नैतिक के परिजनों की आर्थिक मदद की मांग की है। देर शाम शव को दफना दिया गया।
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डूबने से पहले भी हुई मौत
20 जून 2017 खन्ना नगर कालोनी में नाले में डूबकर कासिम (6) की मौत
27 जून 2017 बंथला गांव में स्थित तालाब में डूबकर किरणपाल (40) की मौत
7 अगस्त 2017 रूप नगर कालोनी निवासी मोहित (18) यमुना में डूबकर मौत
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लोनी। नैतिक की मौत के बाद मां सावित्री की आंखों के आंसू थम नहीं रहे थे। रोते बिलखते वह बेटे के शव को बार-बार बाहों में भर रही थी। रोते हुए वह यही कहे जा रही थी कि अपने बेटे को दो बार अनहोनी से बचा लिया, लेकिन तीसरी अनहोनी ने उसके बेटे की जान ले ली।
रोते हुए सावित्री ने बताया कि नैतिक ने दो माह पूर्व घर के बाहर से गुजर रहे तारों को छू लिया था। करंट लगने से वह घायल हो गया था। दो दिन अस्पताल में इलाज के बाद ठीक हो गया था। करीब 15 दिन पहले नैतिक खेलते समय मकान की छत से गिरकर चोटिल हो गया था। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया था। लगातार हो रही घटनाओं से वह चिंतित थी, लेकिन नहीं जानती थी कि मौत उसका पीछा नहीं छोड़ेगी। तीसरी घटना में तालाब में डूबने से उसके बेटे की मौत हो गई। मां सावित्री को अब इस बात का मलाल है कि उसने तख्ते जिगर को तालाब के पास खेलने जाने क्यों दिया। गोताखोरों ने करीब दो घंटे बाद नैतिक के शव को तालाब से बाहर निकाला तो वहां खडे़ अन्य लोगों की आंखों में भी आंसू आ गए।
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नहीं कराया पोस्टमार्टम
तालाब से निकालने के बाद पुलिस नैतिक को अस्पताल लेकर पहुंची थी। डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की मानें तो तालाब के गंदे पानी में केमिकल भी था। केमिकल न होता तो शायद जान बच भी सकती थी। केमिकल से नैतिक के शरीर पर जख्म हो गए थे। परिजनों ने नैतिक (7) के शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। सीओ दुर्गेश कुमार ने बताया कि पंचनामा भरकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। नैतिक के पिता राज मिस्त्री हैं और आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। कालोनी वासियों ने पुलिस से नैतिक के परिजनों की आर्थिक मदद की मांग की है। देर शाम शव को दफना दिया गया।
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डूबने से पहले भी हुई मौत
20 जून 2017 खन्ना नगर कालोनी में नाले में डूबकर कासिम (6) की मौत
27 जून 2017 बंथला गांव में स्थित तालाब में डूबकर किरणपाल (40) की मौत
7 अगस्त 2017 रूप नगर कालोनी निवासी मोहित (18) यमुना में डूबकर मौत