फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   गुमशुदा युवक का लावारिस में कर दिया अंतिम संस्कार

गुमशुदा युवक का लावारिस में कर दिया अंतिम संस्कार

Mon, 17 Jul 2017 04:54 PM IST
Updated Mon, 17 Jul 2017 04:54 PM IST
विज्ञापन
गुमशुदा युवक का लावारिस में कर दिया अंतिम संस्कार
लापता युवक का लावारिस में कर दिया अंतिम संस्कार
विज्ञापन

साहिबाबाद थाना पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने एक युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर दूसरे दिन ही लावारिस में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस एक सूचना पर युवक को चोर समझकर थाने ले आई थी।

तबियत खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी पुलिस को दो दिन बाद हुई तो परिजनों को सूचना दी गई। इससे भड़के परिजनों ने रविवार को साहिबाबाद थाने पर जमकर हंगामा किया और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की।
विज्ञापन


उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल निवासी गिरीश चंद नेगी लाजपत नगर में परिवार के साथ रहते हैं। वह दिल्ली मेट्रो में काम करते हैं। गिरीश चंद ने बताया कि उनका बेटा मनदीप सिंह नेगी (24) आटो चलाता था। साथ ही इलेक्ट्रानिक उपकरण ठीक करने का भी काम करता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि 9 जुलाई की रात करीब नौ बजे मनदीप टहलने के लिए घर से निकला था, लेेकिन लौटा नहीं। मनदीप मोबाइल खराब होने से ही घर पर छोड़ गया था। 11 जुलाई को वह साहिबाबाद थाने पहुंचे और बेटे की गायब होने की सूचना दी।

पुलिस के कहने पर 12 जुलाई को वह मनदीप का बड़ा फोटो लेकर थाने पहुंचे और शिकायत दी। पुलिस ने उनकी शिकायत पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। आरोप है कि पुलिस ने 13 जुलाई को ही लावारिस में शव दिखाकर मनदीप का अंतिम संस्कार कर दिया।

एसएसपी हरि नारायण सिंह का कहना है कि मामले में सीओ साहिबाबाद अनूप सिंह को घटना की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद लापरवाही सामने आने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एसएचओ साहिबाबाद सुधीर त्यागी ने बताया कि 9 जुलाई को पुलिस कंट्रोल रूम से श्याम पार्क में चोर पकड़ने की सूचना मिली थी। इस पर पीआरवी पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी युवक को पकड़कर थाने ले आई। थाने पहुंचने पर युवक की तबीयत ज्यादा खराब थी।

उसे नरेंद्र मोहन अस्पताल में भर्ती कराया गया। नरेंद्र मोहन अस्पताल में फीस अधिक होने पर पुलिस ने उसे एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां 10 जुलाई की सुबह सात बजे उसकी मौत हो गई। 11 जुलाई को मनदीप का पासपोर्ट साइज फोटो मिला, लेकिन उससे उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी, उसी रात मुंशी बदल गया।

12 जुलाई को तैनात हुए नए मुंशी को मामले की जानकारी नहीं थी, उसने मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। अगले दिन 13 जुलाई को शव का 72 घंटे पूरा होने पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।

मृतक के परिजनों का आरोप है कि 9 जुलाई की रात पुलिस ने मनदीप की जमकर पिटाई की। इससे उसकी हालत गंभीर हो गई। पुलिस ने परिजनों को सूचना दिए बिना उसे अस्पताल में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

परिजनों को पिटाई की भनक नहीं लगे, इसलिए पुलिस ने चुपचाप मनदीप का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस अपना बचाव करने के लिए चोरी के आरोप में मनदीप को पीटने वाले बिजनौर निवासी अजीत, अर्जुन और आदित्य चौधरी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।

थाने पहुंच लोगों ने पुलिस से थाने पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाने की मांग की, जिससे पता चल सकेे कि मनदीप को 9 जुलाई की रात पुलिस किस हालत में लेकर आई थी। इस पर पुलिस ने थाने का कैमरा खराब होने की बात कही। इस पर लोग और भड़क गए।


ट्रांस हिंडन आरडब्ल्यूए फेडरेशन ने आईजी रूल्स एंड मैनुअल्स अमिताभ ठाकुर को पत्र लिखकर मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की बर्खास्त करने की गुहार लगाई है। फेडरेशन के उपाध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा ने बताया कि आईजी रूल्स एंड मैनुअल्स ने सोमवार को मामले की जांच कराने की बात कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

पुलिस पर उठ रहे सवाल
- मनदीप को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उससे नाम और उसका पता पूछा होगा। फिर परिजनों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई।
- मनदीप की हालत खराब थी तो पुलिस ने सरकारी अस्पताल में क्यों नहीं भर्ती कराया।
- यदि वह लावारिस था तो समाचार पत्रों में विज्ञापन क्यों नहीं दिया गया।
- गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिसकर्मियों को जानकारी क्यों नहीं थी
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed