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थाने की रिपोर्ट पर मिलेगी लाउस्पीकर बजाने की स्वीकृति
Updated Tue, 16 Jan 2018 01:14 AM IST
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थाना की रिपोर्ट पर मिलेगी लाउड स्पीकर बजाने की मंजूरी
- सोमवार को खत्म हुई परमिशन के लिए आवेदन करने की तिथि
- करीब पौने छह सौ धार्मिक प्रतिष्ठानों की तरफ से किया गया आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
गाजियाबाद। लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति अब स्थानीय थाने की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। जिला प्रशासन की तरफ से आवेदन फार्म को स्थानीय थाना को भेजा जा रहा है। रिपोर्ट में थाने को यह भी स्पष्ट उल्लेख करना होगा कि जिस संबंधित क्षेत्र में लाउडस्पीकर बजाने की मंजूरी मांगी जा रही है, वहां पर आसपास कोई दूसरा धार्मिक प्रतिष्ठान तो नहीं है। अगर है तो कितनी दूरी पर है। यह सब स्थिति थाना अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट करेगा।
हाईकोर्ट के निर्देश पर शासन ने बिना अनुमति लाउडस्पीकर बजाने पर रोक लगाई है। इसके लिए 15 जनवरी (सोमवार) तक सभी धार्मिक प्रतिष्ठानों से आवेदन मांगे गए। बताया जा रहा है कि सोमवार तक जिले भर में 575 धार्मिक प्रतिष्ठानों की तरफ से आवेदन दिए गए हैं। मंगलवार को स्पष्ट आंकड़ा सामने आ जाएगा। जिला प्रशासन का कहना है पूरे जिले से आवेदन फार्म का डेटा मांगा गया है। क्योंकि आवेदन फार्म जिले की तीनों तहसील व सेक्टर मजिस्ट्रेट कार्यालय में जमा कराए गए हैं, इसलिए सभी जगहों का डाटा एकत्र किया जा रहा है।
21 जनवरी तक जारी होगी मंजूरी
एसडीएम सदर प्रेम रंजन सिंह का कहना है कि अब 16 से 21 जनवरी तक थानों की रिपोर्ट के आधार पर लाउडस्पीकर बजाने की मंजूरी दी जाएगी। जितने भी आवेदन फार्म जमा किए गए हैं, उन सभी पर संबंधित थानों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। इसलिए थाना की रिपोर्ट पर ही अनुमति दी जाएगी। उसके बाद 22 जनवरी से किसी को बिना अनुमति लाउडस्पीकर बजाने की इजाजत नहीं होगी। अगर कोई बिना अनुमति लाउडस्पीकर बजाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) अधिनियम 2000 के तहत बिना अनुमति लाउडस्पीकर, बैंड बजाना, ढोल व डीजे बजाना प्रतिबंधित है। अगर कोई बिना अनुमति बजाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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- सोमवार को खत्म हुई परमिशन के लिए आवेदन करने की तिथि
- करीब पौने छह सौ धार्मिक प्रतिष्ठानों की तरफ से किया गया आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
गाजियाबाद। लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति अब स्थानीय थाने की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। जिला प्रशासन की तरफ से आवेदन फार्म को स्थानीय थाना को भेजा जा रहा है। रिपोर्ट में थाने को यह भी स्पष्ट उल्लेख करना होगा कि जिस संबंधित क्षेत्र में लाउडस्पीकर बजाने की मंजूरी मांगी जा रही है, वहां पर आसपास कोई दूसरा धार्मिक प्रतिष्ठान तो नहीं है। अगर है तो कितनी दूरी पर है। यह सब स्थिति थाना अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट करेगा।
हाईकोर्ट के निर्देश पर शासन ने बिना अनुमति लाउडस्पीकर बजाने पर रोक लगाई है। इसके लिए 15 जनवरी (सोमवार) तक सभी धार्मिक प्रतिष्ठानों से आवेदन मांगे गए। बताया जा रहा है कि सोमवार तक जिले भर में 575 धार्मिक प्रतिष्ठानों की तरफ से आवेदन दिए गए हैं। मंगलवार को स्पष्ट आंकड़ा सामने आ जाएगा। जिला प्रशासन का कहना है पूरे जिले से आवेदन फार्म का डेटा मांगा गया है। क्योंकि आवेदन फार्म जिले की तीनों तहसील व सेक्टर मजिस्ट्रेट कार्यालय में जमा कराए गए हैं, इसलिए सभी जगहों का डाटा एकत्र किया जा रहा है।
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21 जनवरी तक जारी होगी मंजूरी
एसडीएम सदर प्रेम रंजन सिंह का कहना है कि अब 16 से 21 जनवरी तक थानों की रिपोर्ट के आधार पर लाउडस्पीकर बजाने की मंजूरी दी जाएगी। जितने भी आवेदन फार्म जमा किए गए हैं, उन सभी पर संबंधित थानों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। इसलिए थाना की रिपोर्ट पर ही अनुमति दी जाएगी। उसके बाद 22 जनवरी से किसी को बिना अनुमति लाउडस्पीकर बजाने की इजाजत नहीं होगी। अगर कोई बिना अनुमति लाउडस्पीकर बजाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) अधिनियम 2000 के तहत बिना अनुमति लाउडस्पीकर, बैंड बजाना, ढोल व डीजे बजाना प्रतिबंधित है। अगर कोई बिना अनुमति बजाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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