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वारंटी की बजाय दूसरे युवक को हिरासत में लेकर पिटाई की जांच शुरू
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वारंटी की बजाय दूसरे युवक को पीटने की जांच शुरू
गाजियाबाद। मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव में वारंटी के नाम के दूसरे युवक के भाई को अवैध हिरासत में लेने और बेरहमी से पिटाई के मामले में जांच शुरू हो गई है। एसपी ग्रामीण ने अपने स्तर से जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि दबाव के कारण पीड़ित युवक और उसके परिजनों ने आरोपी दरोगा के खिलाफ तहरीर नहीं दी है, लेकिन कई मानवाधिकार के क्षेत्र में कार्य करने वाले संगठनों ने इस घटना का संज्ञान लिया है। जल्द मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंच सकता है।
मामला बीते शुक्रवार का है। मसूरी थाना क्षेत्र की एक चौकी पर तैनात दरोगा नाहल गांव के अड्डे वाले मोहल्ला निवासी अशरफ पुत्र अय्यूब का वारंट लेकर उसे गिरफ्तार करने गांव में पहुंचा था। पूरी जानकारी न होने से वह मोहल्ला मोरान में दूसरे अशरफ के घर पहुंच गया। यहां अशरफ के न मिलने पर दरोगा ने उसके छोटे भाई तौहीद को हिरासत में लेकर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। विधायक दरोगा की शिकायत लेकर थाने पहुंचे तो पुलिस को गलती का अहसास हुआ और दरोगा ने दबाव बनाकर समझौतानामा करा दिया था। इस मामले में एसपी देहात नीरज कुमार जादौन ने अब जांच शुरू कर दी है। उनका कहना है कि जांच में आरोप सही पाए गए तो संबंधित दरोगा के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं इस मामले को लेकर जल्द ही सामाजिक संगठन मानवाधिकार आयोग तक पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि पुलिस ने अगर गलती से किसी युवक को हिरासत में लिया भी तो उसे थाने लेकर जाना चाहिए था। बेरहमी से पिटाई कर मानवाधिकारों का हनन किया गया है।
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गाजियाबाद। मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव में वारंटी के नाम के दूसरे युवक के भाई को अवैध हिरासत में लेने और बेरहमी से पिटाई के मामले में जांच शुरू हो गई है। एसपी ग्रामीण ने अपने स्तर से जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि दबाव के कारण पीड़ित युवक और उसके परिजनों ने आरोपी दरोगा के खिलाफ तहरीर नहीं दी है, लेकिन कई मानवाधिकार के क्षेत्र में कार्य करने वाले संगठनों ने इस घटना का संज्ञान लिया है। जल्द मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंच सकता है।
मामला बीते शुक्रवार का है। मसूरी थाना क्षेत्र की एक चौकी पर तैनात दरोगा नाहल गांव के अड्डे वाले मोहल्ला निवासी अशरफ पुत्र अय्यूब का वारंट लेकर उसे गिरफ्तार करने गांव में पहुंचा था। पूरी जानकारी न होने से वह मोहल्ला मोरान में दूसरे अशरफ के घर पहुंच गया। यहां अशरफ के न मिलने पर दरोगा ने उसके छोटे भाई तौहीद को हिरासत में लेकर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। विधायक दरोगा की शिकायत लेकर थाने पहुंचे तो पुलिस को गलती का अहसास हुआ और दरोगा ने दबाव बनाकर समझौतानामा करा दिया था। इस मामले में एसपी देहात नीरज कुमार जादौन ने अब जांच शुरू कर दी है। उनका कहना है कि जांच में आरोप सही पाए गए तो संबंधित दरोगा के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं इस मामले को लेकर जल्द ही सामाजिक संगठन मानवाधिकार आयोग तक पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि पुलिस ने अगर गलती से किसी युवक को हिरासत में लिया भी तो उसे थाने लेकर जाना चाहिए था। बेरहमी से पिटाई कर मानवाधिकारों का हनन किया गया है।
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