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थाने पर बहता रहा किशोर का खून-Cordination
Updated Sat, 15 Jul 2017 01:31 AM IST
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खून बहता रहा, किशोर चिल्लाता रहा... दरोगा जी लिखते रहे रिपोर्ट
पुलिस की असंवेदनशीलता का नजारा शुक्रवार सुबह विजयनगर थाने में देखने को मिला। झगडे़ में नुकीली वस्तु से घायल एक किशोर थाने में ही इलाज को चिल्लाता रहा और दरोगा जी उसे फर्स्ट एड दिलाने की बजाय पहले रिपोर्ट लिखने पर आमादा रहे।
करीब 20 मिनट तड़पने के बाद पुलिस ने किशोर को एक आटो में बैठाकर खुद ही अस्पताल पहुंचने को कह दिया। ऐसे में अस्पताल पहुंचे किशोर का इलाज वहां भी करीब आधा घंटे की देरी से शुरू हुआ। पुलिस के इस कृत्य का वीडियो सोशल साइट पर वायरल हुआ तो आला अफसरों में हड़कंप मच गया। सीओ ने मामले में जांच बैठा दी है।
प्रताप विहार सेक्टर-11 में रहने वाला 14 वर्षीय कादिर शुक्रवार सुबह मोबाइल पर बात कर रहा था। आरोप है कि इस दौरान पास ही रहने वाला एक और किशोर आया और बात करने के लिए उससे मोबाइल छीनने का प्रयास किया।
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कादिर ने विरोध किया तो आरोपी किशोर ने नुकीली चीज से उसके सिर पर वार किया। कादिर का सिर फट गया और खून बहने लगा। कादिर के परिजन उसे थाना विजयनगर लेकर पहुंचे तो पुलिस ने उसे प्राथमिक उपचार देने की बजाए कागजी कार्रवाई करनी शुरू कर दी।
करीब 20 मिनट तक कादिर के परिजनों से तहरीर लिखवाई गई। इस दौरान कादिर का खून बहता रहा और वह दर्द से कराहता रहा। पुलिस ने आरोपी किशोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
पुलिस अमानवीयता की हद यहीं पर खत्म नहीं हुई, बल्कि जब किशोर को मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाने की बात आई तो कांस्टेबल ने उसे आटो में बैठाकर खुद ही अस्पताल पहुंचने को बोल दिया। कांस्टेबल का कहना था कि ‘तुम अस्पताल चलो, मैं अपनी बाइक से आता हूं।’
कादिर के थाने पर रोने और चिल्लाने की शिकायत की वीडियो एक युवक ने वायरल कर दी। इसकी जानकारी सीओ प्रथम मनीषा सिंह को हुई तो उन्होंने तुरंत मामले की जांच के आदेश दिए। सीओ ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
उधर, एसएचओ विजयनगर नरेश सिंह ने बताया कि बच्चे को परिजनों केसाथ ऑटो में बिठाकर कांस्टेबल बाइक से अस्पताल पहुंचा था। वहां उसने ही बच्चे का इलाज करवाया। अस्पताल में इलाज के बाद कांस्टेबल को थाने लौटना था। इसी के चलते वह अपनी बाइक से गया था।
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पुलिस की असंवेदनशीलता का नजारा शुक्रवार सुबह विजयनगर थाने में देखने को मिला। झगडे़ में नुकीली वस्तु से घायल एक किशोर थाने में ही इलाज को चिल्लाता रहा और दरोगा जी उसे फर्स्ट एड दिलाने की बजाय पहले रिपोर्ट लिखने पर आमादा रहे।
करीब 20 मिनट तड़पने के बाद पुलिस ने किशोर को एक आटो में बैठाकर खुद ही अस्पताल पहुंचने को कह दिया। ऐसे में अस्पताल पहुंचे किशोर का इलाज वहां भी करीब आधा घंटे की देरी से शुरू हुआ। पुलिस के इस कृत्य का वीडियो सोशल साइट पर वायरल हुआ तो आला अफसरों में हड़कंप मच गया। सीओ ने मामले में जांच बैठा दी है।
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प्रताप विहार सेक्टर-11 में रहने वाला 14 वर्षीय कादिर शुक्रवार सुबह मोबाइल पर बात कर रहा था। आरोप है कि इस दौरान पास ही रहने वाला एक और किशोर आया और बात करने के लिए उससे मोबाइल छीनने का प्रयास किया।
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कादिर ने विरोध किया तो आरोपी किशोर ने नुकीली चीज से उसके सिर पर वार किया। कादिर का सिर फट गया और खून बहने लगा। कादिर के परिजन उसे थाना विजयनगर लेकर पहुंचे तो पुलिस ने उसे प्राथमिक उपचार देने की बजाए कागजी कार्रवाई करनी शुरू कर दी।
करीब 20 मिनट तक कादिर के परिजनों से तहरीर लिखवाई गई। इस दौरान कादिर का खून बहता रहा और वह दर्द से कराहता रहा। पुलिस ने आरोपी किशोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
पुलिस अमानवीयता की हद यहीं पर खत्म नहीं हुई, बल्कि जब किशोर को मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाने की बात आई तो कांस्टेबल ने उसे आटो में बैठाकर खुद ही अस्पताल पहुंचने को बोल दिया। कांस्टेबल का कहना था कि ‘तुम अस्पताल चलो, मैं अपनी बाइक से आता हूं।’
कादिर के थाने पर रोने और चिल्लाने की शिकायत की वीडियो एक युवक ने वायरल कर दी। इसकी जानकारी सीओ प्रथम मनीषा सिंह को हुई तो उन्होंने तुरंत मामले की जांच के आदेश दिए। सीओ ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
उधर, एसएचओ विजयनगर नरेश सिंह ने बताया कि बच्चे को परिजनों केसाथ ऑटो में बिठाकर कांस्टेबल बाइक से अस्पताल पहुंचा था। वहां उसने ही बच्चे का इलाज करवाया। अस्पताल में इलाज के बाद कांस्टेबल को थाने लौटना था। इसी के चलते वह अपनी बाइक से गया था।