फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   crime

Ghaziabad News: साइबर ठगों ने दो लोगों से 32.51 लाख रुपये ठगे

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 26 Mar 2026 01:50 AM IST
विज्ञापन
crime
गाजियाबाद। साइबर ठगों ने दो अलग-अलग लोगों से 32.51 लाख रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। पीड़ितों ने साइबर थाने में मुकदमा पंजीकृत कराए हैं।
विज्ञापन


एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि ट्रांस हिंडन की लोनी क्षेत्र स्थित आक्सी होम्स सोसायटी में रहने वाले अमित कुमार सिंघल के मुताबिक जून 2025 को उन्होंने कंपनी से नौकरी छोड़ दी और काम की तलाश करने लगे। नौ नवंबर 2025 को उन्होंने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा। इसमें पार्ट टाइम ऑनलाइन काम करके रुपये कमाने का झांसा दिया गया। विज्ञापन पर क्लिक करने पर साइबर ठग ने उन्हें टेलीग्राम एप से जोड़कर उत्पादों के सर्वे और फीडबैक के टॉस्क पूर्ण करने के बदले कमाई का झांसा दिया। पीड़ित को एलाईट प्रीमियम प्रोफिट ग्रुप-4 के नाम से जोड़ा गया। पूर्व में उन्हें निशुल्क टॉस्क दिए गए और डी मैट खाते में मोटी कमाई होना दर्शाया गया। इसके बाद उन्हें टॉस्क लेने के लिए खातों में रुपये भेजने को कहा गया। आरोप है कि उनका ब्रेनवॉश कर साइबर ठगों ने मोटी धनराशि ट्रांसफर कराई। जब उन्होंने खाते से रुपये निकालने का प्रयास किया, तो नियमों का उल्लंघन बताकर उनसे लाखों रुपये जमा कराए। पीड़ित ने परेशान होकर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़ित के मुताबिक साइबर ठगों ने उनसे 22 लाख 29 हजार 450 रुपये की ठगी की है।


वहीं, कविनगर थाना क्षेत्र के राजनगर में रहने वाले कारोबारी राजेश सहरा के मुताबिक 22 मार्च 2026 को उनके मोबाइल पर अंजान कॉलर ने कॉल कर खुद को आईजीएल का प्रतिनिधि बताया। कॉलर ने बिल अपडेट न करने पर आपूर्ति बंद होने का भय दिखाया। साथ ही उनके मोबाइल पर आईजीएल बिल अपडेट फाइल डॉट एपीके नाम से फाइल भेजी। क्लिक करते ही उनका मोबाइल हैंग हो गया और इसका कंट्रोल भी अनियंत्रित हो गया। साइबर ठगों ने उनके खाते से सात ट्रांजक्शन के जरिये 10 लाख 22 हजार 311 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिए। एडीसीपी ने बताया कि दोनों पीड़ितों की तहरीर पर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। टीम को सौंपे गए बैंक खाते, मोबाइल नंबर आदि से साइबर ठगों को ट्रेस किया जा रहा है।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed