जल्द बॉडी बनाने के चक्कर में पड़ सकते हैं बीमार: ऑनलाइन मंगवाया जा रहा नकली स्टेरॉयड, 50 व्यायामशाला रडार पर
पुलिस ने नकली पूरक आहार और स्टेरॉयड बेचने वाले गिरोह को पकड़ा। 50 लाख रुपये से अधिक का माल बरामद हुआ। इंटरनेट सप्लायरों और 50 व्यायामशालाओं की जांच हो रही है।
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विदेशी ब्रांड के नाम पर नकली सप्लीमेंट के साथ स्टेरॉयड बेचने वाले गिरोह को सामान देने वालों की ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट एप से जानकारी ली जाएगी। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि नकली सामान तैयार करने के लिए सामग्री आरोपी ऑनलाइन ही मंगवा रहे थे। औषधि विभाग और पुलिस की मदद से मुख्य सप्लायर की तलाश कर रहा है। जिले की 50 व्यायामशालाएं भी रडार पर है।
निरीक्षक रुद्रेश त्रिपाठी ने बताया कि नकली सप्लीमेंट और बॉडी बिल्डिंग में प्रयोग होने वाली एलोपैथिक दवाओं के बारे में जानकारी करने पर उनमें कोई बैच नहीं मिला है। साथ ही बरामद सामान में ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जिससे यह पता चल सके कि वह कहां तैयार हुआ है। ऐसे में अब जिस ऑनलाइन सिस्टम से लाखों का सामान गाजियाबाद पहुंचाया जा रहा है, उसके बारे में पता किया जा रहा है।
पुलिस और औषधि विभाग की टीम ने शालीमार गार्डन के फ्लैट से दिल्ली की पुरानी सीमापुरी में रहने वाले दिलीप पांडेय और वीरभान उर्फ रवि के साथ गाजियाबाद के विजयनगर के रहने वाले रोहित बक्शी उर्फ लट्टू, हनी कुलश्रेष्ठ व आर्यन को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 50 लाख रुपये से अधिक का माल बरामद किया गया था। मामले में तीन भागे हुए आरोपियों की भी तलाश की जा रही है। वहीं, यहां से लिए गए 21 सैंपल को भी लखनऊ भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी युवाओं को जल्द बॉडी बनाने का सपना दिखाने के बाद उन्हें स्टेरॉयड दे रहे थे।
यह कार्य कुछ व्यायामशालाओं/ जिम के माध्यम से हो रहा था। जहां जिम आरोपी की विजयनगर में न्यूट्रिशन वर्ल्ड और अड्डा के नाम से चल रही दुकानों से सामान मंगवाते थे। इस प्रकार 50 जिम से आरोपियों के संपर्क की बात सामने आई है। रुद्रेश त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों के संपर्क वाली सभी जिम की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ-साथ पुलिस भी इस मामले में पंजाब और दिल्ली कनेक्शन को लेकर जांच कर रही है।