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Ghaziabad News: प्लेस ऑफ जॉय के रूप में विकसित होंगे परिषदीय विद्यालय
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गाजियाबाद। बच्चों व अभिभावकों की शिक्षा के प्रति रूचि बढ़ाने के उद्देश्य से परिषदीय विद्यालयों को आनंद का स्थान (प्लेसमेंट ऑफ जॉय) के रूप में विकसित किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस नए प्रयोग से परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ने के साथ उनका चहुंमुखी विकास भी होगा। शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा का आदेश मिलने के बाद बीएसए ने इसका क्रियान्वयन शुरू कर दिया है।
जिले के 446 परिषदीय विद्यालयों में नए सत्र में काफी प्रयास के बावजूद भी अपेक्षा के अनुरूप बच्चे शिक्षकों को नहीं मिल पा रहे हैं। सबसे कम संख्या कक्षा दो में है। इस कक्षा में अभी तक 500 दाखिले भी नहीं हुए हैं। बीएसए ओपी यादव ने बताया कि शिक्षकों को बच्चों के साथ आत्मीय व्यवहार करने के आदेश जारी किए गए हैं। बच्चों की पढ़ाई में रूचि बढ़ाने के लिए स्कूलों को प्लेस ऑफ जॉय के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें खेलकूद के साथ अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। लोकगीत, नाटक, कहानी, नृत्य निबंध, वाद विवाद प्रतियोगिता आदि आयोजन बढ़ेंगे। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कार भी दिया जाएगा। शिक्षकों को कहा गया है कि वह बच्चों के अभिभावकों को भी इसके लिए जागरूक करें। स्कूल में मौजूद सुविधाओं के साथ उनको शिक्षा का महत्व समझाया जाए। इससे बच्चों की संख्या में भी निश्चित ही इजाफा होगा।
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जिले के 446 परिषदीय विद्यालयों में नए सत्र में काफी प्रयास के बावजूद भी अपेक्षा के अनुरूप बच्चे शिक्षकों को नहीं मिल पा रहे हैं। सबसे कम संख्या कक्षा दो में है। इस कक्षा में अभी तक 500 दाखिले भी नहीं हुए हैं। बीएसए ओपी यादव ने बताया कि शिक्षकों को बच्चों के साथ आत्मीय व्यवहार करने के आदेश जारी किए गए हैं। बच्चों की पढ़ाई में रूचि बढ़ाने के लिए स्कूलों को प्लेस ऑफ जॉय के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें खेलकूद के साथ अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। लोकगीत, नाटक, कहानी, नृत्य निबंध, वाद विवाद प्रतियोगिता आदि आयोजन बढ़ेंगे। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कार भी दिया जाएगा। शिक्षकों को कहा गया है कि वह बच्चों के अभिभावकों को भी इसके लिए जागरूक करें। स्कूल में मौजूद सुविधाओं के साथ उनको शिक्षा का महत्व समझाया जाए। इससे बच्चों की संख्या में भी निश्चित ही इजाफा होगा।
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