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Ghaziabad News: त्योहारी सीजन से पहले कमर्शियल सिलिंडर के बढ़े दाम, घरेलू की कालाबाजारी का खतरा बढ़ा
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गाजियाबाद। त्योहारी सीजन शुरू होने से ठीक पहले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के दाम बढ़ने से होटल-रेस्टोरेंट, हलवाई और कैटरिंग कारोबार की लागत बढ़ गई है। 19 किलो का कमर्शियल सिलिंडर 62.50 रुपये महंगा होकर 2810 रुपये का हो गया है। वहीं, 14.2 किलो का घरेलू सिलिंडर 939.50 रुपये पर स्थिर है।
दाम बढ़ने के बाद घरेलू और कमर्शियल सिलिंडरों की कीमत में करीब 1870 रुपये का अंतर हो गया है। इस अंतर के कारण घरेलू सिलिंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल की आशंका बढ़ गई है। एजेंसी संचालकों का भी यही मानना है। हलवाई, छोटे ढाबे और स्ट्रीट वेंडर कम कीमत वाले घरेलू सिलिंडरों का इस्तेमाल न करें, इस पर गैस एजेंसी संचालकों और आपूर्ति विभाग की निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।
पीएनजी कनेक्शन के बावजूद ले रहे एलपीजी
गैस एजेंसियों के मुताबिक, जिले में करीब 90 फीसदी उपभोक्ता पात्रता के अनुसार 25वें दिन घरेलू सिलिंडर बुक करा रहे हैं। इनमें पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ता भी शामिल हैं। अंदेशा जताया जा रहा है कि इनमें से कई सिलिंडर व्यावसायिक गतिविधियों में खपाए जा रहे हैं।
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तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक होगी
जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि कमर्शियल सिलिंडरों की कीमत बढ़ने के बाद घरेलू सिलिंडरों के दुरुपयोग की आशंका को लेकर विभागीय निगरानी की जा रही है। तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर एजेंसी संचालकों की चिंताओं और बुकिंग के आंकड़ों पर भी चर्चा की जा रही है।
त्योहारों पर ढाई गुना तक बढ़ सकती है खपत
जिले में सामान्य दिनों में रोजाना औसतन 1800 कमर्शियल सिलिंडरों की खपत होती है। रामलीला, दुर्गा पूजा, करवा चौथ, धनतेरस और दीपावली के दौरान कैटरिंग, होटल-रेस्टोरेंट और मिठाई कारोबार बढ़ने से यह मांग दो से ढाई गुना तक पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान रोजाना 3600 से 4500 कमर्शियल सिलिंडरों की जरूरत पड़ सकती है। रेस्टोरेंट संचालक सचिन छाबड़ा का कहना है कि कच्चे माल के साथ ईंधन महंगा होने से कारोबार की लागत बढ़ रही है। कमर्शियल सिलिंडर की कीमत कम नहीं हुई तो उत्पाद के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं।
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दाम बढ़ने के बाद घरेलू और कमर्शियल सिलिंडरों की कीमत में करीब 1870 रुपये का अंतर हो गया है। इस अंतर के कारण घरेलू सिलिंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल की आशंका बढ़ गई है। एजेंसी संचालकों का भी यही मानना है। हलवाई, छोटे ढाबे और स्ट्रीट वेंडर कम कीमत वाले घरेलू सिलिंडरों का इस्तेमाल न करें, इस पर गैस एजेंसी संचालकों और आपूर्ति विभाग की निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।
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पीएनजी कनेक्शन के बावजूद ले रहे एलपीजी
गैस एजेंसियों के मुताबिक, जिले में करीब 90 फीसदी उपभोक्ता पात्रता के अनुसार 25वें दिन घरेलू सिलिंडर बुक करा रहे हैं। इनमें पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ता भी शामिल हैं। अंदेशा जताया जा रहा है कि इनमें से कई सिलिंडर व्यावसायिक गतिविधियों में खपाए जा रहे हैं।
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तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक होगी
जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि कमर्शियल सिलिंडरों की कीमत बढ़ने के बाद घरेलू सिलिंडरों के दुरुपयोग की आशंका को लेकर विभागीय निगरानी की जा रही है। तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर एजेंसी संचालकों की चिंताओं और बुकिंग के आंकड़ों पर भी चर्चा की जा रही है।
त्योहारों पर ढाई गुना तक बढ़ सकती है खपत
जिले में सामान्य दिनों में रोजाना औसतन 1800 कमर्शियल सिलिंडरों की खपत होती है। रामलीला, दुर्गा पूजा, करवा चौथ, धनतेरस और दीपावली के दौरान कैटरिंग, होटल-रेस्टोरेंट और मिठाई कारोबार बढ़ने से यह मांग दो से ढाई गुना तक पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान रोजाना 3600 से 4500 कमर्शियल सिलिंडरों की जरूरत पड़ सकती है। रेस्टोरेंट संचालक सचिन छाबड़ा का कहना है कि कच्चे माल के साथ ईंधन महंगा होने से कारोबार की लागत बढ़ रही है। कमर्शियल सिलिंडर की कीमत कम नहीं हुई तो उत्पाद के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं।