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Ghaziabad News: दावा...दूध कारोबारी को मारीं आठ गोलियां
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गनौली गांव में धरने पर बैठे लोगों के बीच पहुंचे खतौली विधायक मदन भैया
- फोटो : 1
लोनी। गनौली गांव निवासी दूध कारोबारी ओंकार उर्फ ओमन को बेइज्जती का बदला लेने के लिए आठ गोलियां मारकर गंगनहर में बहाया गया था। यह बात पुलिस गिरफ्त में आए गनौली गांव निवासी आरोपी मोहित ने पुलिस के सामने कबूल की।
घटना 30 मई की सुबह अंजाम देकर कारोबारी को पूठखास पुल के पास गंगनहर में फेंक दिया गया। घटना से एक दिन पूर्व कारोबारी ने बेटे के साथ झगड़ा करने के आरोप में आरोपी सौरभ और उसके पिता की बेइज्जती करते हुए मारपीट की थी। इसी बदले के लिए कारोबारी के साथ वारदात को अंजाम दिया। उधर, धरने पर बैठे परिजन ने ओमन की बॉडी न मिलने तक धरना जारी रखने की बात कही है।
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि शुक्रवार सुबह आरोपी मोहित को गिरफ्तार किया गया है। मोहित ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि गांव के गोपाल से उसकी दोस्ती है। 20 अप्रैल को दूध कारोबारी ओमन के बेटे देवांश से सौरभ का झगड़ा हो गया था। देवांश ने पुलिस को दी शिकायत में उसका नाम भी लिखा था। चूंकि गोपाल से उसकी दोस्ती है। साथ ही सौरभ और गोपाल की भी दोस्ती थी। झगड़े में समझौता करने के लिए गनौली निवासी विक्की के घर 29 मई को पंचायत की गई थी।
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इसमें दूध कारोबारी ने सौरभ और उसके पिता विजेंद्र की बेइज्जती करते हुए मारपीट की थी। पिता-पुत्र दोनों उसी दिन से रंजिश मानने लगे। उसी रात ओमन की हत्या की साजिश रची थी। इसके लिए गौरव, सौरभ उर्फ भोला, गोपाल और गौतमबुद्ध नगर के बादलपुर निवासी मोहित को भी शामिल किया। सभी ने 30 मई की सुबह वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई, चूंकि कारोबारी सुबह चारा लेने जाते थे। 29 मई की रात आरोपी सौरभ की कार से सभी गांव के बाहर निकले। सौरभ एक पिस्टल और तमंचा भी लेकर आया था। जावली से होते हुए टीला गांव के बाहर खेत में जाकर शराब पी। इसके बाद 30 मई की तड़के जब कारोबारी खेत की तरफ आते हुए देखा तो सभी ने कार से उनकी बाइक का पीछा किया।
खरखड़ी गांव अंडरपास के नीचे बाइक रोककर कारोबारी को ताबड़तोड़ आठ गोलियां मारी थीं। इसके बाद कारोबारी को लहूलुहाल हालत में कार की डिग्गी में डालकर जंगल की ओर चल दिए और पूठखास पुल से 600 मीटर दूर गंगनहर में फेंक दिया।
जंगल में तो कभी ट्यूबवेल पर गुजारी रात
लोनी। दूध कारोबारी को गोली मारने के बाद गंगनहर में फेंककर भाग निकले। आरोपी मोहित ने जंगल और ट्यूबवेल पर फरारी काटी, लेकिन भूख लगी तो जेब में रुपये न होने की वजह से बिस्किट और चिप्स खाकर ही भूख मिटाईं। मुख्य आरोपी सौरभ ने वारदात में शामिल होने पर सभी साथियों को 10-10 लाख रुपये देने का लालच दिया था। कारोबारी को गंगनहर में फेंकने के बाद आरोपी गोपाल ने मोहित को बुलंदशहर के जौली के जंगल में छोड़ दिया। पुलिस न पकड़ ले इसलिए सभी ने फोन बंद कर लिए थे। तीन दिन बाद चीती गांव पहुंचा था। वहां गोपाल के परिजन ने उसे चीती में ट्यूबेल पर छिपा दिया।
सोशल मीडिया के माध्यम से ओंकार के गायब होने के मामले में क्षेत्र का माहौल खराब करने का हवाला देते हुए लोनी पुलिस ने नगर पालिका के पूर्व चेरयमैन मनोज धामा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, धरने पर बैठे दूध कारोबारी के परिजन को समर्थन देने आए मुखिया गुर्जर के खिलाफ भी माहौल खराब करने की प्राथमिकी दर्ज की गई है। खतौली विधायक मदन भैया ने शुक्रवार को बंथला चिरौड़ी मार्ग पर धरने पर बैठे ओंकार के परिजन और ग्रामीणों से मिलें।
किसी और से बदला लेने के लिए रची गई थी साजिश : गनौली गांव निवासी गोपाल ने एक साल पहले हुई अपने भाई अंकुर की हत्या का बदला लेने के लिए गांव के ही सैंकी के खिलाफ साजिश रची थी, लेकिन उसने जेल से छूटने के बाद घर से निकलना बंद कर दिया। इसके बाद गोपाल ने सैंकी के छोटे भाई की हत्या की साजिश रची। अब गोपाल का दोस्त सौरभ था। वहीं, सैंकी के भाई का दोस्त दूध कारोबारी ओंकार का बेटा देवांश है। देवांश और सैंकी का भाई दोनों 20 मई को कार से एक साथ है। इसी सूचना पर गोपाल ने अपने दोस्त सौरभ समेत अन्य के साथ पीछा किया था। यह बात मोहित ने पुलिस के सामने बताई। पुलिस ने बताया कि 20 मई को कार में कारोबारी का बेटा देवांश अकेला था और किसी तरह भागकर जान बचाई थी। घटना के बाद पुलिस को शिकायत की गई थी। 29 मई को विक्की के घर पर पंचायत बुलाई और वहां पर बेटे की हत्या की बात सुनकर कारोबारी आपा खो बैठे और उन्होंने सौरभ व उसके पिता से अभद्रता करते हुए मारपीट की थी।
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घटना 30 मई की सुबह अंजाम देकर कारोबारी को पूठखास पुल के पास गंगनहर में फेंक दिया गया। घटना से एक दिन पूर्व कारोबारी ने बेटे के साथ झगड़ा करने के आरोप में आरोपी सौरभ और उसके पिता की बेइज्जती करते हुए मारपीट की थी। इसी बदले के लिए कारोबारी के साथ वारदात को अंजाम दिया। उधर, धरने पर बैठे परिजन ने ओमन की बॉडी न मिलने तक धरना जारी रखने की बात कही है।
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डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि शुक्रवार सुबह आरोपी मोहित को गिरफ्तार किया गया है। मोहित ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि गांव के गोपाल से उसकी दोस्ती है। 20 अप्रैल को दूध कारोबारी ओमन के बेटे देवांश से सौरभ का झगड़ा हो गया था। देवांश ने पुलिस को दी शिकायत में उसका नाम भी लिखा था। चूंकि गोपाल से उसकी दोस्ती है। साथ ही सौरभ और गोपाल की भी दोस्ती थी। झगड़े में समझौता करने के लिए गनौली निवासी विक्की के घर 29 मई को पंचायत की गई थी।
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इसमें दूध कारोबारी ने सौरभ और उसके पिता विजेंद्र की बेइज्जती करते हुए मारपीट की थी। पिता-पुत्र दोनों उसी दिन से रंजिश मानने लगे। उसी रात ओमन की हत्या की साजिश रची थी। इसके लिए गौरव, सौरभ उर्फ भोला, गोपाल और गौतमबुद्ध नगर के बादलपुर निवासी मोहित को भी शामिल किया। सभी ने 30 मई की सुबह वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई, चूंकि कारोबारी सुबह चारा लेने जाते थे। 29 मई की रात आरोपी सौरभ की कार से सभी गांव के बाहर निकले। सौरभ एक पिस्टल और तमंचा भी लेकर आया था। जावली से होते हुए टीला गांव के बाहर खेत में जाकर शराब पी। इसके बाद 30 मई की तड़के जब कारोबारी खेत की तरफ आते हुए देखा तो सभी ने कार से उनकी बाइक का पीछा किया।
खरखड़ी गांव अंडरपास के नीचे बाइक रोककर कारोबारी को ताबड़तोड़ आठ गोलियां मारी थीं। इसके बाद कारोबारी को लहूलुहाल हालत में कार की डिग्गी में डालकर जंगल की ओर चल दिए और पूठखास पुल से 600 मीटर दूर गंगनहर में फेंक दिया।
जंगल में तो कभी ट्यूबवेल पर गुजारी रात
लोनी। दूध कारोबारी को गोली मारने के बाद गंगनहर में फेंककर भाग निकले। आरोपी मोहित ने जंगल और ट्यूबवेल पर फरारी काटी, लेकिन भूख लगी तो जेब में रुपये न होने की वजह से बिस्किट और चिप्स खाकर ही भूख मिटाईं। मुख्य आरोपी सौरभ ने वारदात में शामिल होने पर सभी साथियों को 10-10 लाख रुपये देने का लालच दिया था। कारोबारी को गंगनहर में फेंकने के बाद आरोपी गोपाल ने मोहित को बुलंदशहर के जौली के जंगल में छोड़ दिया। पुलिस न पकड़ ले इसलिए सभी ने फोन बंद कर लिए थे। तीन दिन बाद चीती गांव पहुंचा था। वहां गोपाल के परिजन ने उसे चीती में ट्यूबेल पर छिपा दिया।
सोशल मीडिया के माध्यम से ओंकार के गायब होने के मामले में क्षेत्र का माहौल खराब करने का हवाला देते हुए लोनी पुलिस ने नगर पालिका के पूर्व चेरयमैन मनोज धामा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, धरने पर बैठे दूध कारोबारी के परिजन को समर्थन देने आए मुखिया गुर्जर के खिलाफ भी माहौल खराब करने की प्राथमिकी दर्ज की गई है। खतौली विधायक मदन भैया ने शुक्रवार को बंथला चिरौड़ी मार्ग पर धरने पर बैठे ओंकार के परिजन और ग्रामीणों से मिलें।
किसी और से बदला लेने के लिए रची गई थी साजिश : गनौली गांव निवासी गोपाल ने एक साल पहले हुई अपने भाई अंकुर की हत्या का बदला लेने के लिए गांव के ही सैंकी के खिलाफ साजिश रची थी, लेकिन उसने जेल से छूटने के बाद घर से निकलना बंद कर दिया। इसके बाद गोपाल ने सैंकी के छोटे भाई की हत्या की साजिश रची। अब गोपाल का दोस्त सौरभ था। वहीं, सैंकी के भाई का दोस्त दूध कारोबारी ओंकार का बेटा देवांश है। देवांश और सैंकी का भाई दोनों 20 मई को कार से एक साथ है। इसी सूचना पर गोपाल ने अपने दोस्त सौरभ समेत अन्य के साथ पीछा किया था। यह बात मोहित ने पुलिस के सामने बताई। पुलिस ने बताया कि 20 मई को कार में कारोबारी का बेटा देवांश अकेला था और किसी तरह भागकर जान बचाई थी। घटना के बाद पुलिस को शिकायत की गई थी। 29 मई को विक्की के घर पर पंचायत बुलाई और वहां पर बेटे की हत्या की बात सुनकर कारोबारी आपा खो बैठे और उन्होंने सौरभ व उसके पिता से अभद्रता करते हुए मारपीट की थी।