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Ghaziabad News: प्रॉपर्टी के नाम पर 70 लाख रुपये ठगे, रिपोर्ट दर्ज
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इंदिरापुरम। प्रॉपर्टी के नाम पर 70 लाख रुपये ठगने के मामले में पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपियों ने पीड़ित को फर्जी कागजात दिखाकर प्रॉपर्टी बेचने का लालच दिया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
रामबहादुर निवासी वसुंधरा ने बताया कि अनिल कुमार यादव व रनवीर सिंह निवासी वसुंधरा सेक्टर-12 प्रोपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। दोनों ने वसुंधरा के व्यावसायिक इमारत के ग्राउंड फ्लोर को बेचने के लिए पीड़ित से संपर्क किया।
रनवीर सिंह को पीड़ित पहले से ही जानते। आरोपियों ने भरोसे में लेकर पीड़ित को प्रोपर्टी खरीदने के लिए तैयार किया। 25 फरवरी 2022 को एग्रीमेंट के माध्यम से उक्त प्रोपर्टी को खरीदने के लिए 1़ 48 करोड़ रुपये में सौदा हुआ। इस प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करने की तारीख 25 मार्च 2022 को तय की गई। एग्रीमेंट के समय ही उन्होंने अनिल यादव को 10 लाख रुपये का चेक दिया। 3 मार्च को 20 लाख रुपये फिर दे दिए। इसके बाद पीड़ित ने प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करने के लिए कई बार कहा। लेकिन आरोपी बहाना बनाने लगे। 30 मार्च को उन्होंने फिर से 20 लाख और 7 अप्रैल को 20 लाख रुपये दिए। इस तरह से उन्होंने आरोपियों को 70 लाख रुपये दे दिए। रजिस्ट्री करने के नाम पर आरोपी बहाना बनाने लगे। उन्होंने कहा कि आरोपी ना रुपये दे रहे हैं और ना ही प्रोपर्टी। आरोपियों ने जाली कागजात दिखाकर उनसे 70 लाख रुपये ठग लिए। एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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रामबहादुर निवासी वसुंधरा ने बताया कि अनिल कुमार यादव व रनवीर सिंह निवासी वसुंधरा सेक्टर-12 प्रोपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। दोनों ने वसुंधरा के व्यावसायिक इमारत के ग्राउंड फ्लोर को बेचने के लिए पीड़ित से संपर्क किया।
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रनवीर सिंह को पीड़ित पहले से ही जानते। आरोपियों ने भरोसे में लेकर पीड़ित को प्रोपर्टी खरीदने के लिए तैयार किया। 25 फरवरी 2022 को एग्रीमेंट के माध्यम से उक्त प्रोपर्टी को खरीदने के लिए 1़ 48 करोड़ रुपये में सौदा हुआ। इस प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करने की तारीख 25 मार्च 2022 को तय की गई। एग्रीमेंट के समय ही उन्होंने अनिल यादव को 10 लाख रुपये का चेक दिया। 3 मार्च को 20 लाख रुपये फिर दे दिए। इसके बाद पीड़ित ने प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करने के लिए कई बार कहा। लेकिन आरोपी बहाना बनाने लगे। 30 मार्च को उन्होंने फिर से 20 लाख और 7 अप्रैल को 20 लाख रुपये दिए। इस तरह से उन्होंने आरोपियों को 70 लाख रुपये दे दिए। रजिस्ट्री करने के नाम पर आरोपी बहाना बनाने लगे। उन्होंने कहा कि आरोपी ना रुपये दे रहे हैं और ना ही प्रोपर्टी। आरोपियों ने जाली कागजात दिखाकर उनसे 70 लाख रुपये ठग लिए। एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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