{"_id":"6a7b7c919ddfda642a0f10eb","slug":"case-registered-against-shop-owners-administration-orders-an-inquiry-ghaziabad-news-c-198-1-gbd1023-22575-2026-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: दुकान मालिकों पर दर्ज हुई रिपोर्ट, प्रशासन ने बैठाई जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: दुकान मालिकों पर दर्ज हुई रिपोर्ट, प्रशासन ने बैठाई जांच
विज्ञापन
लोनी। बॉर्डर थानाक्षेत्र के गुलाब वाटिका कॉलोनी स्थित दो मंजिला हार्डवेयर की दुकान की छत गिरने से श्रमिक की मौत के मामले में दुकानदार भाईयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए प्रशासन के सहयोग से दुकान को भी बंद करा दिया है। अब जीडीए और पीडब्ल्यूडी की टीमें दुकान का निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपेगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मूलरूप से बाराबंकी थाना कोठी बलनीपुरे निवासी सुशील ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके भाई मुकेश (20) लोनी की गुलाब वाटिका कॉलोनी में किराए पर रहते थे। वह दिल्ली शाहदरा निवासी कुणाल जैन और अभिषेक जैन की सैनेट्री व हार्डवेयर की दुकान पर नाैकरी करते थे। सुशील ने आरोप लगाया कि दुकान की छत मानकहीन और जर्जर हालत में थी। उनके भाई मुकेश ने एक अगस्त को दुकान मालिक को छत का लोहे का गर्डर खिसकने की सूचना भी दी थी, लेकिन दुकान मालिक ने मुकेश को डांट दिया था। इसके बाद दोनों भाईयों ने दुकान की जर्जर हालत में छत होने के बावजूद तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य को जारी रखा। यह बात खुद मुकेश ने फोन पर उन्हें बताई थी। मंगलवार को राजमिस्त्री अजीत दूसरी मंजिल पर कमरे में प्लास्टर कर रहे थे और अचानक वही छत भरभराकर नीचे वाली छत पर आ गिरी। इससे पहली और भूतल की छत के नीचे अजीत, मुकेश और जतिन मलबे में दब गए। लोगों ने किसी तरह अजीत और जतिन को तो मलबे से बाहर निकाल लिया, लेकिन मुकेश को चार घंटे बाद ही निकाला जा सका। उनका आरोप है कि दुकान मालिकाें ने बचाव कार्य नहीं करने दिया गया। पुलिस व एसडीआरएफ करीब नौ बजे मुकेश को जीटीबी अस्पताल पहुंचाया, जहां मुकेश को मृत घोषित कर दिया। एसीपी अंकुर विहार अमरदीप मौर्य ने बताया कि शिकायत पर दुकान मालिक कुणाल जैन और अभिषेक जैन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को पैतृक गांव बाराबंकी लेकर गए हैं।
जीडीए और पीडब्ल्यूडी की टीम करेगी जांच
लोनी एसडीएम दीपक कुमार ने बताया कि मामले में जीडीए व लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम को भवन की जांच कर व एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जर्जर हालत को देखते हुए फिलहाल दुकान को बंद कर दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन की तरफ से आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिजनों को आर्थिक मदद भी दिलाने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन
-- -- --
विज्ञापन
मूलरूप से बाराबंकी थाना कोठी बलनीपुरे निवासी सुशील ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके भाई मुकेश (20) लोनी की गुलाब वाटिका कॉलोनी में किराए पर रहते थे। वह दिल्ली शाहदरा निवासी कुणाल जैन और अभिषेक जैन की सैनेट्री व हार्डवेयर की दुकान पर नाैकरी करते थे। सुशील ने आरोप लगाया कि दुकान की छत मानकहीन और जर्जर हालत में थी। उनके भाई मुकेश ने एक अगस्त को दुकान मालिक को छत का लोहे का गर्डर खिसकने की सूचना भी दी थी, लेकिन दुकान मालिक ने मुकेश को डांट दिया था। इसके बाद दोनों भाईयों ने दुकान की जर्जर हालत में छत होने के बावजूद तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य को जारी रखा। यह बात खुद मुकेश ने फोन पर उन्हें बताई थी। मंगलवार को राजमिस्त्री अजीत दूसरी मंजिल पर कमरे में प्लास्टर कर रहे थे और अचानक वही छत भरभराकर नीचे वाली छत पर आ गिरी। इससे पहली और भूतल की छत के नीचे अजीत, मुकेश और जतिन मलबे में दब गए। लोगों ने किसी तरह अजीत और जतिन को तो मलबे से बाहर निकाल लिया, लेकिन मुकेश को चार घंटे बाद ही निकाला जा सका। उनका आरोप है कि दुकान मालिकाें ने बचाव कार्य नहीं करने दिया गया। पुलिस व एसडीआरएफ करीब नौ बजे मुकेश को जीटीबी अस्पताल पहुंचाया, जहां मुकेश को मृत घोषित कर दिया। एसीपी अंकुर विहार अमरदीप मौर्य ने बताया कि शिकायत पर दुकान मालिक कुणाल जैन और अभिषेक जैन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को पैतृक गांव बाराबंकी लेकर गए हैं।
विज्ञापन
जीडीए और पीडब्ल्यूडी की टीम करेगी जांच
लोनी एसडीएम दीपक कुमार ने बताया कि मामले में जीडीए व लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम को भवन की जांच कर व एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जर्जर हालत को देखते हुए फिलहाल दुकान को बंद कर दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन की तरफ से आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिजनों को आर्थिक मदद भी दिलाने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन