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Ghaziabad News: बिना अनुमति बिजली का खंभा बदलने के आरोप में चार पर रिपोर्ट
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गाजियाबाद। गोविंदपुरम क्षेत्र के स्वर्णजयंतीपुरम में बिना अनुमति बिजली के खंभे शिफ्ट करने के मामले में विभागीय जांच के बाद पुलिस कार्रवाई शुरू हो गई है। मामले में दो संविदाकर्मियों राजन निवासी मोरटी और राकेश निवासी बापूधाम, ट्रैक्टर चालक विनोद कुमार व अज्ञात प्लॉट स्वामी के खिलाफ एंटी पावर थेफ्ट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बिजली निगम के अधिकारियों का आरोप है कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना खंभे शिफ्ट किए गए। इससे निगम को करीब 50 हजार रुपये की आर्थिक क्षति हुई और क्षेत्र में सुरक्षा का खतरा पैदा हो गया।
अवर अभियंता (जेई) सिकंदर सिंह यादव की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने नौ अक्तूबर को बिजनेस प्लान के तहत लिए गए शटडाउन की आड़ में स्वर्णजयंतीपुरम के ई-ब्लॉक और अक्षय एन्क्लेव में दो स्थानों पर बिजली के खंभे शिफ्ट कर दिए। इसके लिए गड्ढा खोदने का औजार लगे नीले रंग के ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया गया। ट्रैक्टर विनोद कुमार चला रहा था, जो ठेकेदार के अधीन काम करता है। आरोप है कि खंभे शिफ्ट करने के बदले प्लॉट स्वामी से रुपये लिए गए।
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ऐसे खुला मामला
जेई सिकंदर सिंह यादव के मुताबिक, निर्धारित अवधि में बिजनेस प्लान का काम पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई थी, लेकिन जिस गली में खंभा शिफ्ट किया गया था, वहां बिजली नहीं पहुंची। इसके बाद एक उपभोक्ता ने फोन कर शिकायत की। जेई ने मौके पर जाकर जांच की तो खंभा बदला हुआ मिला। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि खंभा बदलने के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। इसके बाद उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई।
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उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए गए हैं। शुरुआती जांच में राजन, राकेश और विनोद की भूमिका सामने आई है। प्लॉट स्वामी ने भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना काम कराया, इसलिए उसे भी जिम्मेदार माना गया है। मामले में निगम के अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
-अनिल कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता (जोन-1)
अवर अभियंता (जेई) सिकंदर सिंह यादव की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने नौ अक्तूबर को बिजनेस प्लान के तहत लिए गए शटडाउन की आड़ में स्वर्णजयंतीपुरम के ई-ब्लॉक और अक्षय एन्क्लेव में दो स्थानों पर बिजली के खंभे शिफ्ट कर दिए। इसके लिए गड्ढा खोदने का औजार लगे नीले रंग के ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया गया। ट्रैक्टर विनोद कुमार चला रहा था, जो ठेकेदार के अधीन काम करता है। आरोप है कि खंभे शिफ्ट करने के बदले प्लॉट स्वामी से रुपये लिए गए।
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ऐसे खुला मामला
जेई सिकंदर सिंह यादव के मुताबिक, निर्धारित अवधि में बिजनेस प्लान का काम पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई थी, लेकिन जिस गली में खंभा शिफ्ट किया गया था, वहां बिजली नहीं पहुंची। इसके बाद एक उपभोक्ता ने फोन कर शिकायत की। जेई ने मौके पर जाकर जांच की तो खंभा बदला हुआ मिला। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि खंभा बदलने के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। इसके बाद उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई।
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उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए गए हैं। शुरुआती जांच में राजन, राकेश और विनोद की भूमिका सामने आई है। प्लॉट स्वामी ने भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना काम कराया, इसलिए उसे भी जिम्मेदार माना गया है। मामले में निगम के अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
-अनिल कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता (जोन-1)