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ड्राइवरों ने गैराज पर किया कब्जा, नगर आयुक्त ने खदेड़ा
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 08 Oct 2016 12:49 AM IST
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नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम के हड़ताली ड्राइवरों को बाहर कर नए ड्राइवर रखे जाने पर शुक्रवार को हंगामा हो गया। ड्राइवरों ने श्याम पार्क स्थित नगर निगम के गैराज पर कब्जा कर लिया। नए ड्राइवर कूड़ा उठाने के लिए वाहन लेने गैराज पहुंचे तो कब्जा करने वाले ड्राइवर विरोध पर उतर आए। हंगामा बढ़ा तो नगर आयुक्त और अपर नगर आयुक्त मौके पर पहुंचे।
उन्होंने पुलिस की मदद से हंगामा कर रहे ड्राइवरों को खदेड़ कर नए ड्राइवरों को वाहन दिलाए। इस दौरान हड़तालियों ने जाम लगाने की कोशिश भी की। हंगामा कर रहे ड्राइवरों के खिलाफ साहिबाबाद थाने में तहरीर दी गई है।
नगर आयुक्त ने पहले आंदोलन कर रहे ड्राइवरों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। ड्राइवरों को गैराज से खदेड़ा तो वह राजेंद्र नगर की मुख्य सड़क पर जाम लगाने पहुंच गए। पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें रोका और एक दर्जन ड्राइवरों को हिरासत में लेने पर उनके अन्य साथी विरोध से पीछे हट गए।
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नगर आयुक्त अब्दुल समद ने कहा कि हर वर्ष त्योहारों और वीआईपी मूवमेंट के दौरान ड्राइवर हड़ताल पर चले जाते हैं, इससे सफाई व्यवस्था चौपट हो जाती है। ड्राइवरों की मनमानी को देखते कुछ वाहन ठेके पर देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इस दौरान अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा, उप नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त, एसके तिवारी, जोनल अधिकारी सुनील राय, पार्षद राजीव भाटी, बाबू सिंह आर्य, सचिन डागर, एसपी सिंह भी मौजूद रहे।
वाहनों की चाभियां भी ले गए ड्राइवर
गैराज में जब अधिकारी पहुंचे तो वहां सभी वाहनों के टायर पंक्चर मिले। वाहनों में लॉक लगा था और चाभियां गायब थीं। कुछ वाहनों की बैटरी और पार्ट्स भी गायब मिले। अधिकारियों को 34 गाड़ियां ठीक करानी पड़ीं। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए है कि कुछ दिन वाहनों को गैराज में नहीं खड़ा किया जाएगा। ड्राइवर रात में वाहनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वाहनों की पार्किंग की जिम्मेदारी पार्षदों को दी गई है।
नगर निगम ड्राइवरों और अफसरों के विवाद का खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। दो दिन से शहर में कूड़ा लिफ्टिंग ठप है। 1600 टन से ज्यादा कचरा कालोनियों में सड़कों किनारे पड़ा हुआ है। नवरात्र के चलते मंदिरों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाए जाने की बजाए कूड़े के ढेर लग गए हैं।
ऐसे में श्रद्धालुओं को कूड़े से होकर मंदिरों और रामलीला मैदानों में पहुंचना पड़ रहा है।पूरा विवाद नगर निगम के 10 वाहनों को ठेके पर देकर सफाई कराने को लेकर है। इसके विरोध में निगम वाहन चालक दो दिन से हड़ताल पर हैं।
बृहस्पतिवार को नगर निगम में मेयर-नगर आयुक्त और पार्षदों ने हड़ताली कर्मचारियों को दौड़ाकर निगम परिसर से बाहर खदेड़ दिया था। इसके बाद से विवाद और बढ़ गया। नगर निगम वाहन चालकों ने शुक्रवार को भी कूड़ा लिफ्ट नहीं किया। शहर से प्रतिदिन करीब 800 मीट्रिक टन कचरा निकलता है।
दो दिन में 1600 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा सड़कों पर डल चुका है। शुक्रवार को भी शहर में सफाई नहीं हुई। हालांकि निगम अधिकारी अब शनिवार से कुछ नए ड्राइवरों को लाकर कूड़ा उठवाने की बात कह रहे हैं।
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उन्होंने पुलिस की मदद से हंगामा कर रहे ड्राइवरों को खदेड़ कर नए ड्राइवरों को वाहन दिलाए। इस दौरान हड़तालियों ने जाम लगाने की कोशिश भी की। हंगामा कर रहे ड्राइवरों के खिलाफ साहिबाबाद थाने में तहरीर दी गई है।
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नगर आयुक्त ने पहले आंदोलन कर रहे ड्राइवरों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। ड्राइवरों को गैराज से खदेड़ा तो वह राजेंद्र नगर की मुख्य सड़क पर जाम लगाने पहुंच गए। पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें रोका और एक दर्जन ड्राइवरों को हिरासत में लेने पर उनके अन्य साथी विरोध से पीछे हट गए।
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नगर आयुक्त अब्दुल समद ने कहा कि हर वर्ष त्योहारों और वीआईपी मूवमेंट के दौरान ड्राइवर हड़ताल पर चले जाते हैं, इससे सफाई व्यवस्था चौपट हो जाती है। ड्राइवरों की मनमानी को देखते कुछ वाहन ठेके पर देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इस दौरान अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा, उप नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त, एसके तिवारी, जोनल अधिकारी सुनील राय, पार्षद राजीव भाटी, बाबू सिंह आर्य, सचिन डागर, एसपी सिंह भी मौजूद रहे।
वाहनों की चाभियां भी ले गए ड्राइवर
गैराज में जब अधिकारी पहुंचे तो वहां सभी वाहनों के टायर पंक्चर मिले। वाहनों में लॉक लगा था और चाभियां गायब थीं। कुछ वाहनों की बैटरी और पार्ट्स भी गायब मिले। अधिकारियों को 34 गाड़ियां ठीक करानी पड़ीं। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए है कि कुछ दिन वाहनों को गैराज में नहीं खड़ा किया जाएगा। ड्राइवर रात में वाहनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वाहनों की पार्किंग की जिम्मेदारी पार्षदों को दी गई है।
नगर निगम ड्राइवरों और अफसरों के विवाद का खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। दो दिन से शहर में कूड़ा लिफ्टिंग ठप है। 1600 टन से ज्यादा कचरा कालोनियों में सड़कों किनारे पड़ा हुआ है। नवरात्र के चलते मंदिरों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाए जाने की बजाए कूड़े के ढेर लग गए हैं।
ऐसे में श्रद्धालुओं को कूड़े से होकर मंदिरों और रामलीला मैदानों में पहुंचना पड़ रहा है।पूरा विवाद नगर निगम के 10 वाहनों को ठेके पर देकर सफाई कराने को लेकर है। इसके विरोध में निगम वाहन चालक दो दिन से हड़ताल पर हैं।
बृहस्पतिवार को नगर निगम में मेयर-नगर आयुक्त और पार्षदों ने हड़ताली कर्मचारियों को दौड़ाकर निगम परिसर से बाहर खदेड़ दिया था। इसके बाद से विवाद और बढ़ गया। नगर निगम वाहन चालकों ने शुक्रवार को भी कूड़ा लिफ्ट नहीं किया। शहर से प्रतिदिन करीब 800 मीट्रिक टन कचरा निकलता है।
दो दिन में 1600 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा सड़कों पर डल चुका है। शुक्रवार को भी शहर में सफाई नहीं हुई। हालांकि निगम अधिकारी अब शनिवार से कुछ नए ड्राइवरों को लाकर कूड़ा उठवाने की बात कह रहे हैं।