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बिल्डर ने जीडीए के नोटिस पर भी न कराए काम, रेजिडेंट्स परेशान
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 17 Apr 2016 12:54 AM IST
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बिल्डर
- फोटो : अमर उजाला
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वर्ष 1996 में विकसित होनी शुरू हुई 850 मकान और प्लाट वाली कालोनी ‘अवंतिका’ में बिल्डर ने अभी तक मूलभूत सुविधाएं भी नहीं दी हैं। कालोनी में कूड़ा निस्तारण, सीवर निस्तारण, ले-आउट प्लान के मुताबिक पार्क, सड़कें और सामुदायिक सुविधाएं नहीं हैं।
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वर्ष 2013 और 2014 में जीडीए अधिकारी बिल्डर को पत्र जारी कर सुविधाएं न दिए जाने पर रिकवरी की चेतावनी जारी कर चुके थे। निगम अफसरों ने इन तमाम आपत्तियों को दरकिनार कर कालोनी को टेकओवर कर लिया।
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अवंतिका के आरडब्ल्यूए पदाधिकारी शनिवार को महापौर से मिले और निगम के इस फैसले को निरस्त कराने की मांग की। उन्होंने मामले को कोर्ट ले जाने की चेतावनी दी।
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सितंबर 2014 में जीडीए के मुख्य नगर नियोजक एससी गौड़ की ओर से अंसल हाउसिंग एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड को पत्र जारी कर अधूरे विकास कार्यों और मेंटेनेंस संबंधी शिकायतों को निस्तारित करने को कहा था। यह पत्र आरडब्ल्यूए की शिकायत पर जारी किया था।
मुख्य नगर नियोजक ने काम न कराए जाने पर विकास कार्यों का एस्टिमेट तैयार कराकर राजस्व विभाग द्वारा वसूल कराने की चेतावनी भी जारी की थी। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ह्रदेश कंसल के मुताबिक इसके बाद आरडब्ल्यूए ने सिर्फ सड़कों की मरम्मत कराई है।
कालोनी में कूड़ा डालने के लिए न तो कूड़ेदान हैं और न लिफ्टिंग के लिए ट्रक और जेसीबी। बाकी काम अभी भी अधूरे हैं। निगम ने इन तमाम आपत्तियों के बावजूद कालोनी गुपचुप टेकओवर कर ली। इसके विरोध में आरडब्ल्यूए पदाधिकारी शनिवार को महापौर से मिले।
अध्यक्ष ह्रदेश कंसल, उपाध्यक्ष एके शर्मा, महासचिव अनिल वशिष्ठ, भोपाल सिंह के नेतृत्व में लोग शनिवार सुबह मेयर आवास पर पहुंचे। उन्होंने अधूरे कार्यों की लिस्ट और उन पर आने वाले खर्च का ब्यौरा सौंपा और इस निर्णय को वापस लेने की मांग की है। अवंतिका आरडब्ल्यूए के महापौर अशु वर्मा को पूरे प्रकरण से अवगत कराया।