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Ghaziabad News: डिफॉल्टरों को बिजली कनेक्शन और फायर एनओसी देने पर रोक
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साहिबाबाद। बिना रजिस्ट्री कब्जा देने के मामले में मंगलवार को आवास विकास परिषद ने वसुंधरा की एक सोसायटी का बिजली एवं सीवर कनेक्शन काटने के आदेश दिए थे। वहीं अब न केवल एक बल्कि आविप ने अपने सभी डिफॉल्टरों की योजना में नया बिजली कनेक्शन और फायर एनओसी न देने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा है।
आवास विकास परिषद का 30 से अधिक डिफाल्टरों पर करीब एक हजार करोड़ से भी अधिक का बकाया है। अब ऊर्जा निगम और अग्निशमन विभाग को पत्र लिखकर कहा गया है कि इन सभी बिल्डर्स को नया बिजली का कनेक्शन या अग्निशमन विभाग की तरफ किसी भी प्रकार की एनओसी जारी नहीं की जाए। तीन दिन पहले हुई आवास विकास विभाग की बैठक के बाद यह पत्र जारी किया गया है। अधिकारियों की मानें तो पूरे गाजियाबाद में करीब 30 से अधिक बिल्डर्स हैं जिन पर एक हजार करोड़ से अधिक का बकाया है। अकेले वसुंधरा में करीब 15 ऐसे बकायदारों को एक महीनें पहले ही नोटिस जारी किया गया था जिनके ऊपर 441 करोड़ का बकाया था। आवास विकास संपत्ति विभाग की तरफ से कई बार इनको नोटिस भी जारी किया जा चुका है। यह राशि जमा नहीं होने के कारण आवास विकास को काफी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और इसके कारण कई नई परियोजनाएं भी अटक रही हैं। वहीं आवास विकास के अधिकारियों का कहना है कि कई बड़े बकायदारों का केस भी कोर्ट में चल रहा है क्योंकि इनके ऊपर 2018 से ही बकाया और कुछ तो फरार भी चल रहे हैं।
-मिगसन ने एनओसी के लिए आविप में किया आवेदन-
इसी सप्ताह मिगसन के कयाना प्रोजेक्ट में भी बिजली और सीवर कनेक्शन काटने का आदेश था, इसके लेकर बिल्डर आविप अधीक्षण अभियंता से मिले थे। बिल्डर ने आविप में अपनी बकाया धनराशि जमा कर दी है और कंप्लीशन सर्टिफिकेट के लिए अपने सभी जरूरी कागजात आवास विकास परिषद में जमा किए हैं। बिल्डर द्वारा आवेदन मिलने पर फिलहाल कयाना प्रोजेक्ट के बिजली और सीवर कनेक्शन काटने के आदेश को रोक दिया गयाहै। बकाया राशि भी पूरी जमा कर दी गई है।
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ऊर्जा निगम और अग्निशमन विभाग को डिफाल्टर्स को किसी तरह का सहयोग और नया कनेक्शन नहीं देने के लिए कहा गया है क्योंकि, इनके ऊपर करोड़ों रुपये बकाया है और विभाग को इससे नुकसान हो रहा है।- निखिल माहेश्वरी, अधिशासी अभियंता।
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आवास विकास परिषद का 30 से अधिक डिफाल्टरों पर करीब एक हजार करोड़ से भी अधिक का बकाया है। अब ऊर्जा निगम और अग्निशमन विभाग को पत्र लिखकर कहा गया है कि इन सभी बिल्डर्स को नया बिजली का कनेक्शन या अग्निशमन विभाग की तरफ किसी भी प्रकार की एनओसी जारी नहीं की जाए। तीन दिन पहले हुई आवास विकास विभाग की बैठक के बाद यह पत्र जारी किया गया है। अधिकारियों की मानें तो पूरे गाजियाबाद में करीब 30 से अधिक बिल्डर्स हैं जिन पर एक हजार करोड़ से अधिक का बकाया है। अकेले वसुंधरा में करीब 15 ऐसे बकायदारों को एक महीनें पहले ही नोटिस जारी किया गया था जिनके ऊपर 441 करोड़ का बकाया था। आवास विकास संपत्ति विभाग की तरफ से कई बार इनको नोटिस भी जारी किया जा चुका है। यह राशि जमा नहीं होने के कारण आवास विकास को काफी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और इसके कारण कई नई परियोजनाएं भी अटक रही हैं। वहीं आवास विकास के अधिकारियों का कहना है कि कई बड़े बकायदारों का केस भी कोर्ट में चल रहा है क्योंकि इनके ऊपर 2018 से ही बकाया और कुछ तो फरार भी चल रहे हैं।
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-मिगसन ने एनओसी के लिए आविप में किया आवेदन-
इसी सप्ताह मिगसन के कयाना प्रोजेक्ट में भी बिजली और सीवर कनेक्शन काटने का आदेश था, इसके लेकर बिल्डर आविप अधीक्षण अभियंता से मिले थे। बिल्डर ने आविप में अपनी बकाया धनराशि जमा कर दी है और कंप्लीशन सर्टिफिकेट के लिए अपने सभी जरूरी कागजात आवास विकास परिषद में जमा किए हैं। बिल्डर द्वारा आवेदन मिलने पर फिलहाल कयाना प्रोजेक्ट के बिजली और सीवर कनेक्शन काटने के आदेश को रोक दिया गयाहै। बकाया राशि भी पूरी जमा कर दी गई है।
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ऊर्जा निगम और अग्निशमन विभाग को डिफाल्टर्स को किसी तरह का सहयोग और नया कनेक्शन नहीं देने के लिए कहा गया है क्योंकि, इनके ऊपर करोड़ों रुपये बकाया है और विभाग को इससे नुकसान हो रहा है।- निखिल माहेश्वरी, अधिशासी अभियंता।