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Ghaziabad News: 20 इकाइयों में नहीं लगे एपीसीडी, आज से कार्रवाई करेगी टीम
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साहिबाबाद। शहर की 20 फैक्टरियों की चिमनियों में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस दिए गए समय में भी नहीं लगाई जा सकी। बृहस्पतिवार से अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें फैक्टरियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में पहुचेंगी।
सर्दियों में एक्यूआई नियंत्रित करने के उद्देश्य से फैक्टरियों में लगाया जाने वाला एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस (एपीसीडी) लगाने का बुधवार 30 सितंबर अंतिम दिन था। बुधवार रात तक भी 20 फैक्टरियों में एपीसीडी नहीं लगाई जा सकी है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि जिन फैक्टरियों में एपीसीडी नहीं लगी है। उन्होंने बताया कि सभी औद्योगिक इकाइयों को एपीसीडी लगाने के बाद पीसीबी के पोर्टल पर अपलोड करना था, अभी पोर्टल पर 20 फैक्टरियों का डाटा नहीं दिख रहा। ऐसे में अब एक अक्तूबर की सुबह ही अलग-अलग इलाकों के लिए टीम गठित की जाएंगी जो मौके पर जाकर निरीक्षण कर उचित कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि यदि एपीसीडी लगा है और पोर्टल पर अपडेट नहीं हो सका है तो ऐसी सूरत में छूट दी जा सकती है लेकिन यदि एपीसीडी लगा ही नहीं तो फैक्टरी के खिलाफ सीलिंग तक की कार्रवाई की जा सकती है। लोनी के नियंत्रण अधिकारी एसपी सिंह का कहना है कि लोनी में पांच टीम गठित कर अलग-अलग इलाकों में संचालित अवैध फैक्टरियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्या है दिशा निर्देश
प्रदूषण को कम करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने फरवरी 2026 को निर्देश जारी किया था कि औद्योगिक इकाइयों के लिए चिमनी से निकलने वाले धुएं में पीएम की सीमा 80 मिलीग्राम प्रति सामान्य घन मीटर से घटाकर 50 मिलीग्राम की जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गाजियाबाद में करीब 260 इकाइयां चिन्हित की गई थी। मार्च में इन्हें पहला नोटिस किया गया था, इसके बाद 140 इकाइयों ने बोर्ड को बताया कि उन्होंने पीएम की मात्रा 50 तक लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं बाकी 120 ने कोई रुचि नहीं दिखाई। इन सभी को अगस्त में दोबारा नोटिस भेजा गया था।
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सर्दियों में एक्यूआई नियंत्रित करने के उद्देश्य से फैक्टरियों में लगाया जाने वाला एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस (एपीसीडी) लगाने का बुधवार 30 सितंबर अंतिम दिन था। बुधवार रात तक भी 20 फैक्टरियों में एपीसीडी नहीं लगाई जा सकी है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि जिन फैक्टरियों में एपीसीडी नहीं लगी है। उन्होंने बताया कि सभी औद्योगिक इकाइयों को एपीसीडी लगाने के बाद पीसीबी के पोर्टल पर अपलोड करना था, अभी पोर्टल पर 20 फैक्टरियों का डाटा नहीं दिख रहा। ऐसे में अब एक अक्तूबर की सुबह ही अलग-अलग इलाकों के लिए टीम गठित की जाएंगी जो मौके पर जाकर निरीक्षण कर उचित कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि यदि एपीसीडी लगा है और पोर्टल पर अपडेट नहीं हो सका है तो ऐसी सूरत में छूट दी जा सकती है लेकिन यदि एपीसीडी लगा ही नहीं तो फैक्टरी के खिलाफ सीलिंग तक की कार्रवाई की जा सकती है। लोनी के नियंत्रण अधिकारी एसपी सिंह का कहना है कि लोनी में पांच टीम गठित कर अलग-अलग इलाकों में संचालित अवैध फैक्टरियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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क्या है दिशा निर्देश
प्रदूषण को कम करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने फरवरी 2026 को निर्देश जारी किया था कि औद्योगिक इकाइयों के लिए चिमनी से निकलने वाले धुएं में पीएम की सीमा 80 मिलीग्राम प्रति सामान्य घन मीटर से घटाकर 50 मिलीग्राम की जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गाजियाबाद में करीब 260 इकाइयां चिन्हित की गई थी। मार्च में इन्हें पहला नोटिस किया गया था, इसके बाद 140 इकाइयों ने बोर्ड को बताया कि उन्होंने पीएम की मात्रा 50 तक लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं बाकी 120 ने कोई रुचि नहीं दिखाई। इन सभी को अगस्त में दोबारा नोटिस भेजा गया था।
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