जीते का कबूलनामा: चीखने पर रूमाल से दबाया था तरुण का मुंह, मकान मालिक का भी नाम; अब तक पांच गिरफ्तार
डीसीपी नगर राजेश कुमार ने बताया कि जीते वारदात को अंजाम देने के बाद से फरार था। पुलिस को चकमा देकर वह दूर जाने की फिराक में था। उसे हिंडन मेट्रो स्टेशन के पास से पकड़ा गया है।
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इंटीरियर डिजाइनर तरुण की हत्या में शामिल एक और आरोपी जितेंद्र उर्फ जीते निवासी गांव सेहरा बीबीनगर, बुलंदशहर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बकौल पुलिस, पूछताछ में जितेंद्र उर्फ जीते ने बताया कि तरुण के गले को रस्सी से कसते समय उसकी चीख निकल गई तो मैंने रुमाल डालकर उसका मुंह बंद कर दिया था। मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि, चार अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
डीसीपी नगर राजेश कुमार ने कहा कि पूछताछ के दौरान जितेंद्र ने बताया कि हत्या के बाद वह व अंकुर वहां से निकल गए थे और पवन, वंश, दीपांशु, अंकित शव को ठिकाने लगाने के लिए रुके थे। तरुण की हत्या की साजिश के समय दीपांशु और अंकित का मकान मालिक मनोज भी मौजूद था। डीसीपी ने बताया कि दीपांशु और अंकित के मकान मालिक मनोज की भूमिका की भी जांच भी शुरू कर दी गई है।
धड़ और दाहिना पैर हुआ बरामद
आरोपियों ने हत्या करने के बाद तरुण के शव के छह टुकड़े कर दिए थे। शव को बुलंदशहर के बीबीनगर क्षेत्र में नहर में फेंक दिया था। दाहिने पैर को पुलिस ने औरंगाबाद झाल से बरामद किया। जबकि, धड़ को अतरौली, अलीगढ़ से बरामद किया गया। वहां की पुलिस ने धड़ का अंतिम संस्कार भी कर दिया। अब पुलिस रिपोर्ट मंगवाकर उसको विवेचना का हिस्सा बनाएगी।
चार आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर
अंजलि, पवन, वंश, अंकुर और जीते की गिरफ्तारी के बाद पुलिस दीपांशु, अंकित, अक्षय व मनोज अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस का दावा है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाकर दबिश दी जा रही है। उनको भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इसलिए दिया था वारदात को अंजाम
अंजलि अक्षय की साली है। वह उसके फ्लैट में रहती थी। एसीपी ने बताया कि पवन और अंजलि के संबंध थे। बाद वह केडब्ल्यू सृष्टि निवासी तरुण के संपर्क में आ गई थी। यह बात पवन को पता चली तो वह तरुण से खुन्नस मानने लगा था। इसी वजह से तरुण को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। 16 अगस्त को पवन के कहने पर दीपांशु ने यह कहकर तरुण को बुलाया था कि वह अपने यहां इंटीरियर का कुछ काम कराना चाहते हैं। जब तरुण वहां पहुंचे तो सभी लोग वहां मौजूद थे और उनकी हत्या कर दी।