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Ghaziabad News: दूसरी बार नाकाम रहा अखिलेश का दलित कार्ड

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 24 Nov 2024 03:41 AM IST
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Akhilesh's Dalit card failed for the second time
गाजियाबाद। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सिंहराज जाटव को टिकट देकर जो दलित कार्ड चला, वह कारगर साबित नहीं हुआ। सपा की मंशा दलित-मुस्लिम समीकरण बनाने की लग रही थी लेकिन यह सफल नहीं हो सकी। सदर सीट पर दलित और मुस्लिम वोटरों की संख्या मिलाकर एक लाख से ज्यादा है। इनके अलावा यादव भी हैं। सपा का कांग्रेस से गठबंधन भी है। इसके बावजूद सपा को वोट 28 हजार से कम मिले हैं।
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यह लगातार दूसरी बार है जब अखिलेश यादव का दलित कार्ड चल नहीं पाया है। इससे पहले उन्होंने 2022 में भी विशाल वर्मा को टिकट दिया था। तब भाजपा के अतुल गर्ग ने विशाल वर्मा को एक लाख से ज्यादा वोटों से हराया था। अतुल गर्ग को 1,50,205 और विशाल वर्मा को 44,668 वोट मिले थे। सिंहराज को विशाल से भी कम वोट मिले हैं।
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सिंहराज जाटव लाइनपार क्षेत्र के निवासी हैं और लंबे समय बसपा में अहम पदों पर रहे हैं। इसलिए, सपा नेताओं को लग रहा था कि वह लाइनपार में सबसे आगे रहेंगे और दलित वोटों को अपनी ओर कर पाएंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
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कांग्रेस से नहीं बन पाया तालमेल

सपा की हार की एक और वजह चुनाव के लिए पहले से तैयारी न करना भी रही। उप चुनाव के लिए सपा-कांग्रेस गठबंधन में ऐन वक्त तक तैयारी कांग्रेस कर रही थी। कांग्रेस से 10 से ज्यादा टिकट दावेदार थे। माना जा रहा था कि सदर सीट से कांग्रेस ही लड़ेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नामांकन शुरू होने से ठीक पहले तय हुआ कि सपा लड़ेगी। इसके बाद कांग्रेस और सपा के संगठन में तालमेल नहीं बन पाया।


प्रचार में पिछड़ गई थी सपा

भाजपा के मुकाबले सपा चुनाव प्रचार में पिछड़ गई थी। जहां सीएम योगी भाजपा के लिए वोट मांगने चार बार आए, वहीं सपा से अखिलेश यादव सिर्फ एक बार आए। अखिलेश ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की, कोई जनसभा नहीं की। कांग्रेस से कोई बड़ा नेता सपा के लिए नहीं आया। लोकसभा चुनाव के दौरान अखिलेश और राहुल गांधी एक साथ गाजियाबाद आए थे लेकिन इस बार यह जोड़ी साथ नजर नहीं आई।



इतिहास नहीं दोहरा पाई सपा

बीस साल पहले इसी सदर सीट पर उप चुनाव हुआ था। उसमें सपा ने जीत हासिल की थी। इस इतिहास को सपा दोहरा नहीं पाई। 2004 के उप चुनाव की एक जीत के अलावा सपा यहां हर चुनाव में हारी है। हार की इस शृंखला में एक और कड़ी जुड़ गई है।




2004 का नतीजा

प्रत्याशी दल मिले मत
सुरेंद्र कुमार मुन्नी सपा 64,173

सतीश त्यागी कांग्रेस 52,715

सुनीता दयाल भाजपा 44,324

मुनीश शर्मा बसपा 42,162
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