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‘अखिलेश ही हों चुनावी चेहरा’

Tue, 25 Oct 2016 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो गाजियाबाद Updated Tue, 25 Oct 2016 11:53 PM IST
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Akhilesh yadav When the chief electoral face '
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala

समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के बीच पार्टी के टूटने की आशंका से सपा के विधानसभा प्रत्याशी भी चिंतित हैं। चुनाव नजदीक होने के कारण पार्टी टूटी तो बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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साढ़े चार साल में किए गए विकास कार्यों और मुख्यमंत्री की बेदाग छवि के चलते प्रत्याशी भी चाहते हैं कि अखिलेश ही सीएम का चेहरा बनें ताकि ‘चुनावी नैया’ आसानी से पार लग जाए। हालांकि  जीत के लिए मुलायम सिंह और शिवपाल का भी साथ प्रत्याशी जरूरी मानते हैं।
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दूसरी ओर, पार्टी संगठन का मानना है कि सपा का यह पारिवारिक विवाद जल्द थम जाएगा और इसका पार्टी के वोट बैंक पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दरअसल, सपा के इस विवाद को दूसरे राजनीतिक  दल भुनाने में जुट गए हैं।
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राजनीतिक गलियारों में महीने भर से सपा का घमासान चर्चा में है। दूसरे दल सपा पर निशाना साध रहे हैं तो राजनीति के जानकार भी इस लड़ाई से बसपा और भाजपा को फायदा पहुंचने का दावा कर रहे हैं। जानकारों का मानना है कि सपा टूटी और अखिलेश ने अलग पार्टी बनाई तो समाजवादी पार्टी को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।  
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प्रत्याशी बोले
सपा में जो विवाद था वह धीरे-धीरे खत्म होने की ओर है। इस प्रकरण का विधानसभा चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी चुनाव लड़ेगी तो निश्चित ही फिर पूर्ण बहुमत से सरकार बनेगी।
- राशिद मलिक, सपा प्रत्याशी, साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र
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सपा सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में अखिलेश विकास का चेहरा बन चुके हैं। उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे तो पार्टी को ज्यादा फायदा होगा। उम्मीद है कि यह विवाद जल्द खत्म होगा। नेता जी बातचीत के जरिए सभी मसले हल कर लेंगे। - सागर शर्मा, सपा प्रत्याशी, गाजियाबाद विधानसभा क्षेत्र
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यह पारिवारिक विवाद है, चुनाव पर इसका असर नहीं होगा। पार्टी टूटती तो निश्चित नुकसान होता, लेकिन जल्द ही सब कुछ सामान्य हो जाएगा। अखिलेश यादव के नेतृत्व में चुनाव के बेहतर परिणाम होंगे, संगठन का काम शिवपाल यादव के ही हाथों में होना चाहिए। - दिशांत त्यागी, सपा प्रत्याशी, मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र
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सपा में पारिवारिक विवाद लंबा चलेगा तो इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब जनता इसके बारे में पूछने लगी है। अखिलेश यादव के नाम पर ही चुनाव लड़ा जाए तो पार्टी के लिए बेहतर होगा। उनके कार्यकाल में गाजियाबाद समेत पूरे प्रदेश में विकास कार्य हुए हैं।  - ईश्वर मावी, सपा प्रत्याशी, लोनी विधानसभा क्षेत्र
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पार्टी संगठन का नजरिया
नेताजी देश के सबसे बड़े नेता हैं। हर कठिन परिस्थिति से निपटना उन्हें आता है। वह जो कहेंगे सभी लोग उसी पर अमल करेंगे। जल्द ही सब कुछ सामान्य हो जाएगा। इस प्रकरण का असर पार्टी के वोट बैंक या चुनाव पर नहीं पड़ेगा। 2107 में सपा फिर प्रदेश में सरकार बनाएगी। - रविंद्र चौहान, जिला उपाध्यक्ष, सपा
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थोड़ा-बहुत विवाद हर पार्टी में चलता रहता है। यह एक परिवार का विवाद है। चुनाव पर असर पड़ने का कोई मतलब ही नहीं है। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का नेताजी में अटूट भरोसा है। वह हर परिस्थिति में पार्टी के साथ खड़े हैं। - साजिद हुसैन, जिलाध्यक्ष, सपा
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सोशल मीडिया पर भी अखिलेश भारी
सपा के इस घमासान में सोशल मीडिया पर भी अखिलेश यादव चाचा शिवपाल यादव पर भारी पड़ते दिखाई दे रहे हैं। युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का फैन क्लब भी पार्टी के दूसरे नेताओं से बड़ा है। एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर भी अखिलेश के समर्थक उनके साथ दिखाई दे रहे हैं और अपनी भावनाओं को उन तक पहुंचा रहे हैं।


सीएम के फैन आशीष कुमार लिखते हैं कि यह जो 224 सीटें आई थीं, यह अखिलेश की हैसियत है, जिसे गुंडों की पार्टी भी कहते थे लोग, पांच साल में विपक्षी एक भी आरोप नहीं लगा पाए, यह अखिलेश की हैसियत है। सीएम के फैन क्लब फेसबुक अकाउंट पर लोग उनके समर्थन में पोस्ट कर रहे हैं।

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