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Ghaziabad News: लोहा कारोबारी और चालक की हत्या में 16 साल बाद अजय राज सांगवान को आजीवन कारावास

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 01:09 AM IST
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Ajay Raj Sangwan sentenced to life imprisonment for the murder of an iron trader and a driver.
गाजियाबाद। करीब डेढ़ दशक तक चली कानूनी लड़ाई के बाद वर्ष 2009 में लोहा कारोबारी देवीशंकर अग्रवाल और उनके चालक सुनील की हत्या के मामले में सोमवार को अदालत ने फैसला सुनाया। एससी/एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश जितेंद्र मिश्र की अदालत ने मुख्य आरोपी मेरठ के जानी थाना क्षेत्र के कलंजरी निवासी अजय राज सांगवान उर्फ राजा उर्फ गौरव उर्फ डॉन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सहअभियुक्त हापुड़ के ऊंचागांव धौलाना निवासी संदीप को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।
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अदालत ने अजय राज सांगवान को हत्या, अपहरण और लूट का दोषी ठहराते हुए अलग-अलग सजा सुनाई। हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अपहरण के आरोप में उसे 10 वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने तथा लूट के मामले में पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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वहीं, संदीप को हत्या, अपहरण और लूट के आरोपों से राहत देते हुए अदालत ने चोरी की संपत्ति रखने के मामले में तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों को एससी-एसटी एक्ट के तहत लगाए गए आरोप से दोषमुक्त कर दिया। आदेश के मुताबिक, आरोपियों ने जेल में पहले जितनी अवधि बिताई है, उसे उनकी सजा में समायोजित किया जाएगा।
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दुकान से निकले, फिर घर नहीं लौटे
नेहरूनगर तृतीय निवासी विजय शंकर अग्रवाल ने 23 दिसंबर 2009 को कविनगर थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनके पिता देवीशंकर अग्रवाल 22 दिसंबर 2009 की रात करीब आठ बजे लोहा मंडी स्थित अपनी दुकान से चालक सुनील के साथ गाड़ी से घर के लिए निकले थे। कुछ देर बाद उन्होंने घर पर फोन कर बताया था कि वह करीब एक से डेढ़ घंटे में पहुंच जाएंगे, लेकिन रात बीतने के बाद भी दोनों घर नहीं पहुंचे।

परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान चालक सुनील के घर फोन आया। सुभाष नाम के व्यक्ति ने बताया कि कादराबाद के जंगल में रजवाहे की पटरी के किनारे आम के बाग में दो लोगों के शव पड़े हैं। विजय शंकर पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उनके पिता देवीशंकर और चालक सुनील के शव मिले। दोनों के शरीर पर गोली के निशान थे। उनकी गाड़ी भी मौके से गायब थी। मामले की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के बाद अजय राज सांगवान और संदीप को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके बाद अदालत में मुकदमा चला और करीब 16 वर्ष बाद इसमें फैसला आया।
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