फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Adulterated protein is increasing the disease not muscles

बॉडी बनाने की चाह सेहत कर सकती बर्बाद: मसल्स नहीं, बीमारी बढ़ा रहा मिलावटी प्रोटीन; नपुंसकता का भी खतरा

Wed, 26 Feb 2025 09:57 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद Published by: आकाश दुबे Updated Wed, 26 Feb 2025 09:57 PM IST
सार

मिलावटी प्रोटीन न सिर्फ लिवर और गुर्दे को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि हार्मोनल असंतुलन, दिल की बीमारियों और अन्य गंभीर समस्याओं को भी बढ़ा रहा हैं।

विज्ञापन
Adulterated protein is increasing the disease not muscles
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI Generated

विस्तार

मिलावटी प्रोटीन युवाओं में मसल्स नहीं, बीमारी बढ़ा रहा है। तेजी से मसल्स बनाने की चाह में युवा बिना जांच-पड़ताल के प्रोटीन पाउडर और सप्लीमेंट्स का प्रयोग कर रहे हैं, जिनमें कई बार हानिकारक केमिकल्स और स्टेरॉयड मिलाए जाते हैं। एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में रोजाना आठ से दस ऐसे युवा इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जो प्रोटीन के प्रयोग करने से बीमार हो रहे हैं। इन युवाओं के शरीर में सूजन, हृदयाघात, सुस्ती, सिरदर्द, खाना अच्छा नहीं लगना, अनिंद्रा, पेट और पेशाब में जलन होने की परेशानी हो रही है। प्रोटीन के बारे में जागरूक करने के लिए हर वर्ष 27 फरवरी को राष्ट्रीय प्रोटीन दिवस मनाया जाता है।

विज्ञापन

एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा का कहना है कि मिलावटी प्रोटीन न सिर्फ लिवर और गुर्दे को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि हार्मोनल असंतुलन, दिल की बीमारियों और अन्य गंभीर समस्याओं को भी बढ़ा रहा हैं। डॉ. संतराम वर्मा ने बताया कि प्रोटीन पाउडर और सप्लीमेंट्स का प्रयोग छोड़ने के बाद भी एक से दो साल तक युवाओं को परेशानी हो रही है। इससे नपुंसकता का भी खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि एनर्जी बूस्ट करने नाम पर स्टेरॉयड और अन्य हानिकारक टेबलेट्स को सूखे दूध पाउडर में मिला रहे हैं। कार्ब्स के नाम पर ग्लूकोज पाउडर, ड्राई मिल्क पाउडर और एफडीसी (फिक्स डोज कॉम्बिनेशन) टेबलेट्स को पीसकर वजन बढ़ाने वाला बना रहे हैं। इसका सेवन करने से एकदम से चेहरा मोटा होने के साथ-साथ भूख ज्यादा लगनी शुरू हो जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

त्वचा पर भी हो रहा दुष्प्रभाव
एमएमजी अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एके दीक्षित का कहना है कि ओपीडी में रोजाना पांच से सात ऐसे युवा त्वचा रोग का इलाज कराने के लिए आ रहे हैं, जो प्रोटीन सप्लीमेंट्स का प्रयोग कर रहे थे। खराब प्रोटीन पाउडर में मौजूद हानिकारक तत्व त्वचा पर दाने, खुजली और चेहरे पर मुंहासे का कारण बन रहे हैं। नकली प्रोटीन पाउडर में मेलामाइन, फॉर्मल्डिहाइड और बेंजीन जैसे केमिकल मिलाए जाते हैं, जो त्वचा के साथ-साथ अन्य अंगों पर भी असर डाल रहे हैं।

विज्ञापन

प्राकृतिक स्रोत वाले प्रोटीन का करें प्रयोग
डाइटीशियन सविता का कहना है कि बच्चों और युवा वर्ग के संपूर्ण विकास के लिए प्रोटीन सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है। यह मांसपेशियों, हड्डियों और दिमागी विकास के लिए आवश्यक होता है। इसकी जरूरत डेयरी उत्पाद दूध, दही, पनीर और छाछ से कर सकते हैं। इसके अलावा मूंग दाल, मसूर दाल, चना और सोयाबीन बेहतरीन प्रोटीन स्रोत हैं। बादाम, अखरोट, काजू और चिया सीड्स, हरी सब्जियां, अंडा, चिकन, मछली से प्रोटीन की जरूरत पूरी हो जाती है।

प्रोटीन की कमी से परेशानी
लगातार कमजोरी, थकान, बालों का झड़ना, प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना, पढ़ाई में ध्यान न लगना और मांसपेशियों का कमजोर होना जैसे लक्षण दिखें, तो यह संकेत हो सकता है कि उनके आहार में पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed