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Ghaziabad News: ग्राहकों से ले रहे थे मोटी रकम, रिटर्न में दिखाया कम, हुई कार्रवाई
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गाजियाबाद। वसुंधरा के एक नामी बैंक्वेट हॉल में जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा की टीम ने छापा मारकर एक करोड़ से अधिक की कर चोरी पकड़ी है। करीब 12 घंटे तक चली कार्रवाई में कर चोरी से संबंधित कई अहम दस्तावेज टीम के हाथ लगे हैं। टीम का कहना है कि ग्राहकों से मोटी रकम लेकर रिटर्न में कम रकम दिखाई जा रही थी।
राज्य कर विभाग की अपर आयुक्त ग्रेड टू मोनू त्रिपाठी ने बताया कि बैंक्वेट हॉल के बारे में शिकायत मिली थी कि ग्राहकों से मोटी रकम लेकर सरकारी रिकॉर्ड में बेहद कम राशि दर्शाई जा रही है। संयुक्त आयुक्त विशाल पुंडीर के निर्देशन में कार्ययोजना बनाकर अधिकारी आम ग्राहक बनकर बैंक्वेट हॉल में गए और संचालक से बुकिंग के बारे में पूछताछ की और वहां दी जाने वाली सुविधाओं और वसूले जाने वाले वास्तविक शुल्क का ब्योरा एकत्र किया। जांच में पाया गया कि बैंक्वेट हॉल द्वारा ग्राहकों से वसूल की गई धनराशि और जीएसटी रिटर्न में दर्शाए गए बिल के बीच भारी अंतर पाया गया। ग्राहकों से आयोजन के लिए लाखों रुपये वसूले गए, लेकिन रिटर्न में काफी कम राशि दर्शाई गई। फर्म के स्वयं के घोषित व्यय की तुलना में घोषित आय इतनी कम थी कि दोनों में कोई तार्किक संगति ही नहीं थी। फर्म की ओर से आउटडोर कैटरिंग सर्विस देने के क्रम में इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम किया जा रहा था, जबकि अक्तूबर 2019 की अधिसूचना के बाद इस सर्विस के लिए आईटीसी अनुमन्य नहीं है। सोमवार दोपहर करीब एक बजे से रात एक बजे तक जीएसटी की तीन सदस्यीय टीम ने बैंक्वेट हाल पर जांच पड़ताल की। संयुक्त आयुक्त विशाल पुंडीर ने बताया कि बैंक्वेट हॉल संचालक को नोटिस दिया जा रहा है। पिछले रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी। गलत तरीके से लिए गए आईटीसी को वापस कराया जाएगा।
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अन्य बैंक्वेट हॉल भी जीएसटी के रडार पर
अपर आयुक्त ग्रेड टू मोनू त्रिपाठी ने बताया कि अन्य बैंक्वेट हॉलों के बारे में शिकायतें मिल रही है। मोटी रकम लेकर रिटर्न कम दर्शाने वाले होटल और बैंक्वेट हॉल की सूची तैयार की जाएगी। गलत तरीके से आईटीसी लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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राज्य कर विभाग की अपर आयुक्त ग्रेड टू मोनू त्रिपाठी ने बताया कि बैंक्वेट हॉल के बारे में शिकायत मिली थी कि ग्राहकों से मोटी रकम लेकर सरकारी रिकॉर्ड में बेहद कम राशि दर्शाई जा रही है। संयुक्त आयुक्त विशाल पुंडीर के निर्देशन में कार्ययोजना बनाकर अधिकारी आम ग्राहक बनकर बैंक्वेट हॉल में गए और संचालक से बुकिंग के बारे में पूछताछ की और वहां दी जाने वाली सुविधाओं और वसूले जाने वाले वास्तविक शुल्क का ब्योरा एकत्र किया। जांच में पाया गया कि बैंक्वेट हॉल द्वारा ग्राहकों से वसूल की गई धनराशि और जीएसटी रिटर्न में दर्शाए गए बिल के बीच भारी अंतर पाया गया। ग्राहकों से आयोजन के लिए लाखों रुपये वसूले गए, लेकिन रिटर्न में काफी कम राशि दर्शाई गई। फर्म के स्वयं के घोषित व्यय की तुलना में घोषित आय इतनी कम थी कि दोनों में कोई तार्किक संगति ही नहीं थी। फर्म की ओर से आउटडोर कैटरिंग सर्विस देने के क्रम में इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम किया जा रहा था, जबकि अक्तूबर 2019 की अधिसूचना के बाद इस सर्विस के लिए आईटीसी अनुमन्य नहीं है। सोमवार दोपहर करीब एक बजे से रात एक बजे तक जीएसटी की तीन सदस्यीय टीम ने बैंक्वेट हाल पर जांच पड़ताल की। संयुक्त आयुक्त विशाल पुंडीर ने बताया कि बैंक्वेट हॉल संचालक को नोटिस दिया जा रहा है। पिछले रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी। गलत तरीके से लिए गए आईटीसी को वापस कराया जाएगा।
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अन्य बैंक्वेट हॉल भी जीएसटी के रडार पर
अपर आयुक्त ग्रेड टू मोनू त्रिपाठी ने बताया कि अन्य बैंक्वेट हॉलों के बारे में शिकायतें मिल रही है। मोटी रकम लेकर रिटर्न कम दर्शाने वाले होटल और बैंक्वेट हॉल की सूची तैयार की जाएगी। गलत तरीके से आईटीसी लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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