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Ghaziabad News: जीटी रोड पर हादसे का खतरा, चौड़ीकरण के नाम पर खोदकर छोड़ दिया फुटपाथ
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गाजियाबाद। जीटी रोड पर चौड़ीकरण के नाम पर खोदा गया फुटपाथ हादसे को दावत दे रहा है। लालकुआं से दौलतपुर भाटिया मोड़ रेलवे ओवरब्रिज तक दोनों ओर सात-सात मीटर सड़क चौड़ी करने का काम लोक निर्माण विभाग करा रहा है। करीब चार महीने पहले शुरू हुए काम के दौरान सड़क किनारे खोदाई तो कर दी गई, लेकिन कई जगह गड्ढे खुले छोड़ दिए गए हैं। ऐसे में सुबह-शाम जाम के दौरान वाहन सवारों के गड्ढों में गिरने का खतरा बना हुआ है।
करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में चौड़ीकरण का काम मई-जून में शुरू हुआ था। सड़क के दोनों किनारों पर करीब दो फीट तक गहरे गड्ढे खोदे गए हैं। पेट्रोल पंप से रेलवे ओवरब्रिज के बीच कई जगह पानी भी भरा हुआ है। इससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है। रात में कई जगह स्ट्रीट लाइटें भी नहीं जलती हैं, जिससे खुले गड्ढे दिखाई न देने पर हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।
स्थानीय निवासी रघुनंदन भारद्वाज का कहना है कि रात में अक्सर स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं। ऐसे में सड़क किनारे खोदे गए गड्ढे दिखाई नहीं देते। पानी भरने के कारण भी स्थिति खराब है। विभाग को काम पूरा होने तक गड्ढों को सुरक्षित करना चाहिए।
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रोजाना गुजरते हैं 50 हजार से ज्यादा वाहन
लालकुआं से वजीराबाद होते हुए दिल्ली जाने वाले हजारों वाहन रोजाना इस मार्ग से गुजरते हैं। इस रोड से बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र के लिए ट्रकों का भी आवागमन होता है। रोजाना 50 हजार से ज्यादा वाहनों की आवाजाही वाले इस मार्ग के चौड़ीकरण की मांग पिछले साल स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उठाई थी। इसके बाद मई-जून में काम शुरू कराया गया, लेकिन अभी तक काम रफ्तार नहीं पकड़ सका है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राम राजा का कहना है कि चौड़ीकरण के लिए खंभों की शिफ्टिंग होनी है। इसके लिए ऊर्जा निगम को एस्टिमेट भी भेज दिया गया है। खंभों की वजह से काम रुका हुआ है। फुटपाथ की जगह जहां गड्ढे हुए हैं, उन्हें जल्द ही भरवा दिया जाएगा।
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करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में चौड़ीकरण का काम मई-जून में शुरू हुआ था। सड़क के दोनों किनारों पर करीब दो फीट तक गहरे गड्ढे खोदे गए हैं। पेट्रोल पंप से रेलवे ओवरब्रिज के बीच कई जगह पानी भी भरा हुआ है। इससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है। रात में कई जगह स्ट्रीट लाइटें भी नहीं जलती हैं, जिससे खुले गड्ढे दिखाई न देने पर हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।
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स्थानीय निवासी रघुनंदन भारद्वाज का कहना है कि रात में अक्सर स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं। ऐसे में सड़क किनारे खोदे गए गड्ढे दिखाई नहीं देते। पानी भरने के कारण भी स्थिति खराब है। विभाग को काम पूरा होने तक गड्ढों को सुरक्षित करना चाहिए।
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रोजाना गुजरते हैं 50 हजार से ज्यादा वाहन
लालकुआं से वजीराबाद होते हुए दिल्ली जाने वाले हजारों वाहन रोजाना इस मार्ग से गुजरते हैं। इस रोड से बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र के लिए ट्रकों का भी आवागमन होता है। रोजाना 50 हजार से ज्यादा वाहनों की आवाजाही वाले इस मार्ग के चौड़ीकरण की मांग पिछले साल स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उठाई थी। इसके बाद मई-जून में काम शुरू कराया गया, लेकिन अभी तक काम रफ्तार नहीं पकड़ सका है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राम राजा का कहना है कि चौड़ीकरण के लिए खंभों की शिफ्टिंग होनी है। इसके लिए ऊर्जा निगम को एस्टिमेट भी भेज दिया गया है। खंभों की वजह से काम रुका हुआ है। फुटपाथ की जगह जहां गड्ढे हुए हैं, उन्हें जल्द ही भरवा दिया जाएगा।