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Ghaziabad News: हिंडन किनारे फ्लड जोन में बनेगा चार किलोमीटर लंबा तटबंध

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 12:23 AM IST
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A four-kilometer-long embankment will be built in the flood zone along the Hindon River.
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में स्वीकृत किए गए प्रस्तावों में तुलसी निकेतन पुनर्विकास और हिंडन तटबंध मार्ग परियोजना को भी हरी झंडी मिल गई है।
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हिंडन नदी किनारे सिटी फॉरेस्ट से अटौर तक नदी किनारे तटबंध यानी बंधा बनाने का प्रस्ताव भू-अर्जन विभाग की ओर से रखा गया। प्रस्ताव के तहत बाढ़ क्षेत्र में चार किलोमीटर लंबा तटबंध यानी बंधा बनाने के लिए जमीन का अर्जन किया जाएगा। बंधा बनने से हिंडन किनारे चल रहीं परियोजनाएं जैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एरोसिटी थीम पर प्रस्तावित टाउनिशप समेत अन्य योजनाएं बाढ़ आने पर सुरक्षित रहेंगी। यह बंधा अटौत में नार्दर्न पेरिफेरल रोड से जुड़ेगा। इस रास्ते से हरनंदीपुरम होते हुए मेरठ रोड की ओर ट्रैफिक जा सकेगा।
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तुलसी निकेतन योजना के पुनर्विकास को मिली सैद्धांतिक अनुमति
तुलसी निकेतन योजना के पुनर्विकास को बोर्ड ने प्रशासनिक और सैद्धांतिक अनुमति प्रदान कर दी है। उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 के प्रावधानों के तहत 25 साल पुरानी इस योजना को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्र ने बताया कि योजना में 288 एलआईजी, 2004 ईडब्ल्यूएस भवन और 60 दुकानें हैं। मौजूदा समय में ये जर्जर अवस्था में पहुंच गए हैं। नए शासनादेश को अवलोकनाथ प्रस्तुत किया गया। बोर्ड की अनुमति मिलने के बाद अब इस योजना को पीपीपी मॉडल पर पुनर्विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। पुनर्विकास के तहत आधुनिक बहुमंजिला आवासीय परिसर, सुव्यवस्थित पार्किंग, आंतरिक सड़कें, सीवरेज, जलापूर्ति, विद्युत व्यवस्था और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। वर्तमान निवासियों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
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नहीं बिक रहीं भवनों की लगेगी सेल
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की योजनाओं में वर्षों से रिक्त पड़े आवासों को मूल लागत में बिना ब्याज सहित बिक्री करने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा गया था, जिसे पास कर दिया गया है। इससे योजनाओं में आवास की पाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। संपत्तियों के दाम फ्रीज होने से अपने सपनों का आशियना देखने वालों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि करीब 1500 संपत्तियां जीडीए की योजनाओं में अनिस्तारित हैं। इसके साथ ही इंद्रप्रस्थ योजना, कोयल एंक्लेव, मधुबन-बापूधाम योजना में दो सौ से अधिक फ्लैट एलआईजी, टू-बीएचके, थ्री बीएचके खाली पड़े हैं।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
1. विभिन्न परियोजनाओं की गुणवत्ता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (पीएमयू) के चयन को स्वीकृति।


2. 15 सिविल इंजीनियरों की आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति की मंजूरी।



3. विभिन्न परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए अधिकतम तीन वर्ष के लिए विशेषज्ञ कंसल्टेंट्स की नियुक्ति को स्वीकृति।



4. महायोजना-2031 के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों के भू-उपयोग परिवर्तन प्रस्तावों को मंजूरी।



5.अवैध निर्माण के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन के लिए भूतपूर्व सैनिकों और होमगार्ड की सेवाएं लेने के व्यय का अनुमोदन।



6. 228 अविकसित/ रिक्त आवासीय इकाइयों को शासनादेश दिनांक 25.12.2025 के अनुरूप विक्रय के लिए स्वीकृति। इससे लगभग 485 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।


परियोजनाओं को समय से करें पूरा : मंडलायुक्त
बोर्ड के अध्यक्ष मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने जीडीए अधिकारियों को निर्देशित किया कि तुलसी निकेतन पुनर्विकास, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एरोसिटी टाउनशिप और हिंडन तटबंध परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने पर बल दिया। कहा कि बोर्ड द्वारा लिए गए ये निर्णय गाजियाबाद को एक आधुनिक, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निवेश-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
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