{"_id":"5820be6d4f1c1b067fb3839c","slug":"a-call-will-be-available-on-the-official-doctor","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘एक कॉल पर उपलब्ध होंगे सरकारी डाक्टर’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘एक कॉल पर उपलब्ध होंगे सरकारी डाक्टर’
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Mon, 07 Nov 2016 11:18 PM IST
विज्ञापन
मीटिंग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश स्तर पर जल्द ही एक कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके टोल फ्री नंबर पर मरीज या तीमारदार सीधे लखनऊ फोन कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। अगर किसी सरकारी अस्पताल में चिकित्सक न होने की शिकायत होगी तो 15 मिनट के अंदर कॉल बैक कर मरीज को चिकित्सक मुहैया कराया जाएगा।
विज्ञापन
इसके सभी जनपदों के चिकित्सकों के नंबर एकत्र किए जा रहे हैं। यह बात प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री शिवाकांत ओझा ने सोमवार को कही। वह राजनगर स्थित एक निजी होटल में दो मंडलों की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक कर रहे थे।
विज्ञापन
बैठक में अस्पतालों में साफ-सफाई, एंबुलेंस सेवा में धांधली, नसबंदी टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा न होने पर अफसरों को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही अस्पतालों में सफाई रखने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण खाना मुहैया कराने के लिए
विज्ञापन
सभी सीएमओ व सीएमएस को एक हफ्ते का समय देते हुए कहा कि 15 नवंबर तक हर हाल में यह सभी कार्य हो जाने चाहिए और अस्पतालों, सार्वजनिक स्थलों पर जल्द से जल्द सरकार की उपलब्धियों के बोर्ड लग जाने चाहिए।
समीक्षा बैठक में मेरठ मंडल के गौतमबुद्धनगर, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ और गाजियाबाद जबकि सहारनपुर मंडल के शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के सीएमओ व सीएमएस समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बारे में नई घोषणा करते हुए कहा कि अब पावर विकेंद्रीकरण करते हुए मंडल स्तर पर ही एडी हेल्थ कोे यह पावर होगा कि जहां चिकित्सक अधिक होंगे वहां से जरूरत के स्थान पर चिकित्सक को तैनात कर सकेंगे। यह योजना जल्द ही लागू की जाएगी।
इसके अलावा सीएचसी पर चिकित्सकों की उपस्थिति, सीएमओ, सीएमएस, एसीएमओ सबको चार घंटे ओपीडी में बैठने के निर्देश के साथ समय पर आशाओं के मानदेय के भुगतान के निर्देश दिए।
इस मौके पर मुख्य रूप से डायरेक्टर हेल्थ डॉ. जीके के कुरियन, सहारनपुर की एडी हेल्थ डॉ. मधु सक्सेना, मेरठ एडी डॉ. मंजू शर्मा वैश्य, सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री शिवाकांत ओझा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से ही डेंगू फैला, क्योंकि डेंगू की जिन दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है, वह बेअसर हैं। अधिकतर जगहों पर खराब क्वालिटी की दवाओं की खरीद की जा रही है, जिसकी वजह से डेंगू अधिक फैला है।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश के 95 फीसदी अस्पतालों में गंदगी की शिकायत मिली हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में सबसे जरूरी है अस्पतालों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो। अस्पतालों में रोजाना चादरें बदली जाएं, बाथरूम से लेकर परिसर वार्ड सभी साफ रखें जाएं।
यह व्यवस्था 15 नवंबर तक सभी अस्पतालों में लागू हो जानी चाहिए नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि शिकायतें हैं कि अस्पतालों में मरीजों को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता बिल्कुल खराब है इसमें तत्काल सुधार किया जाए।
इसके लिए एक टीम बनाई जाएगी जो कभी भी अस्पतालों में औचक निरीक्षण करके खाने की गुणवत्ता चेक करेगी और जिस अस्पताल में कमी पाई जाएगी उस पर कड़ी कार्रवाई होगी?स्वास्थ्य मंत्री ने रविवार रात मुरादनगर और मोदीनगर में सीएचसी का औचक निरीक्षण किया और अस्पताल के पास गंदगी देखकर तुरंत सफाई कराने के आदेश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने मुरादनगर में पुराने बेड के स्थान पर 20 नए बेड लगवाने की घोषणा की। सीएमओ अजेय अग्रवाल, संजय अग्रवाल, डा. सूर्यांशु ओझा आदि मौजूद रहे। वहीं मोदीनगर में सीएचसी का निरीक्षण करने के बाद वह सतीश पार्क कालोनी स्थित सुशील जैन के निवास पर पहुंचे और पत्रकारों से बातचीत की।
इस मौके पर राजकुमार गुप्ता एडवोकेट, राजीव शर्मा, सुनील शर्मा, अतुल गोयल आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।