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बुलंदशहर के लिए संजीवनी बनेगा देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट
Updated Tue, 01 May 2018 01:09 AM IST
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बुलंदशहर के लिए संजीवनी बनेगा देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट
बुलंदशहर। जेवर में निर्माणाधीन देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जिले के विकास के लिए संजीवनी साबित होने वाला है। 30 गांवों की जमीन का अधिग्रहण कर बनाया जा रहे इस एयरपोर्ट से जिले में न केवल बेहतर सड़क, बिजली, पानी की व्यवस्था में सुधार होगा बल्कि जिले को होटल, मॉल, शॉपिंग सेंटर समेत लोगों को अन्य सुविधाएं भी मिल सकेंगी।
बुलंदशहर की सीमा से सटे गौतमबुद्धनगर के कस्बा जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। सरकार के आदेश पर प्रशासनिक अफसर इन दिनों जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में लगे हुए हैं। सरकार द्वारा एयरपोर्ट को चालू करने के लिए 2023 तक का लक्ष्य रखा है। यदि निर्धारित समय में एयरपोर्ट चालू हो जाता है तो जिले का विकास सातवें आसमान पर होगा। एयरपोर्ट शुरू होने से पहले ही जेवर के लिए जाने वाली सभी रोड कनेक्टिविटी की स्थिति में सुधार किया जाएगा। इसके लिए हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ-जेवर नेशनल हाईवे की घोषणा भी की है। कनेक्टिविटी में सुधार, बिजली, पानी की स्थिति बेहतर तथा 30 गांवों के एक साथ जुड़ने से जिले में विकास की गंगा बहेगी। एयरपोर्ट चालू होने से पहले ही बड़ी संख्या में होटल, मॉल, शॉपिंग सेंटर, दुकानें खुलेंगी। इसके लिए एयरपोर्ट अथारिटी द्वारा स्कीम निकाली जाएंगी। जिससे लोगों को रोजगार मिल सकेंगे। उम्मीद के मुताबिक जेवर एयरपोर्ट की शुरुआती क्षमता 60 लाख यात्री प्रति वर्ष के हिसाब से होगी। जो कि अगले 25 वर्ष में 10 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष से अधिक पहुंच सकती है।
बुलंदशहर, खुर्जा, सिकंदराबाद की बदलेगी सूरत
जेवर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनाए जाने से जिले की तीन तहसीलों के विकास को पंख लगेंगे। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोजेक्ट योजना में शामिल किए गए खुर्जा के पॉटरी उद्योग के अलावा सिकंदराबाद की इंडस्ट्री को संजीवनी मिलेगी और देश व विदेश में इसकी ब्रॉडिंग और सप्लाई भी आसानी से की जा सकेगी। इसके अलावा बुलंदशहर का रुका पड़ा विकास भी तेजी से हो सकेगा।
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किसानों के लिए भी बनेगी विश्व स्तरीय मंडी
जेवर में एयरपोर्ट के साथ किसानों की सुविधा के लिए विश्व स्तरीय मंडी का निर्माण भी कराया जाएगा। मंडी का निर्माण होने से किसान अपनी उपज को विदेशों में भी सप्लाई कर सकेंगे। इससे किसानों को न केवल अधिक दाम मिलेगा, बल्कि जिले में होने वाली धान, गेहूं व गन्ना की फसल की पहचान विदेशों तक हो सकेगी।
तीन चरणों में होगा गांवों का अधिग्रहण
एसडीएम जेवर के मुताबिक एयरपोर्ट निर्माण के लिए अधिग्रहण की जाने वाली जमीन को तीन चरणों में अधिग्रहीत किया जाएगा। पहले चरण में रोही, पारोही समेत छह गांवों का अधिग्रहण किया जाएगा। अधिग्रहण से बाहर के गांवों के किसान अधिग्रहण तक जमीन पर खेती कर सकते हैं।
कोट-
किसानों के लिए मंडी स्थापित करने के लिए वार्ता चल रही है। फिलहाल एयरपोर्ट बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण पर फोकस है। मंडी निर्माण के लिए मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - रसुमन द्विवेदी, एसडीएम जेवर
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बुलंदशहर। जेवर में निर्माणाधीन देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जिले के विकास के लिए संजीवनी साबित होने वाला है। 30 गांवों की जमीन का अधिग्रहण कर बनाया जा रहे इस एयरपोर्ट से जिले में न केवल बेहतर सड़क, बिजली, पानी की व्यवस्था में सुधार होगा बल्कि जिले को होटल, मॉल, शॉपिंग सेंटर समेत लोगों को अन्य सुविधाएं भी मिल सकेंगी।
बुलंदशहर की सीमा से सटे गौतमबुद्धनगर के कस्बा जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। सरकार के आदेश पर प्रशासनिक अफसर इन दिनों जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में लगे हुए हैं। सरकार द्वारा एयरपोर्ट को चालू करने के लिए 2023 तक का लक्ष्य रखा है। यदि निर्धारित समय में एयरपोर्ट चालू हो जाता है तो जिले का विकास सातवें आसमान पर होगा। एयरपोर्ट शुरू होने से पहले ही जेवर के लिए जाने वाली सभी रोड कनेक्टिविटी की स्थिति में सुधार किया जाएगा। इसके लिए हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ-जेवर नेशनल हाईवे की घोषणा भी की है। कनेक्टिविटी में सुधार, बिजली, पानी की स्थिति बेहतर तथा 30 गांवों के एक साथ जुड़ने से जिले में विकास की गंगा बहेगी। एयरपोर्ट चालू होने से पहले ही बड़ी संख्या में होटल, मॉल, शॉपिंग सेंटर, दुकानें खुलेंगी। इसके लिए एयरपोर्ट अथारिटी द्वारा स्कीम निकाली जाएंगी। जिससे लोगों को रोजगार मिल सकेंगे। उम्मीद के मुताबिक जेवर एयरपोर्ट की शुरुआती क्षमता 60 लाख यात्री प्रति वर्ष के हिसाब से होगी। जो कि अगले 25 वर्ष में 10 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष से अधिक पहुंच सकती है।
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बुलंदशहर, खुर्जा, सिकंदराबाद की बदलेगी सूरत
जेवर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनाए जाने से जिले की तीन तहसीलों के विकास को पंख लगेंगे। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोजेक्ट योजना में शामिल किए गए खुर्जा के पॉटरी उद्योग के अलावा सिकंदराबाद की इंडस्ट्री को संजीवनी मिलेगी और देश व विदेश में इसकी ब्रॉडिंग और सप्लाई भी आसानी से की जा सकेगी। इसके अलावा बुलंदशहर का रुका पड़ा विकास भी तेजी से हो सकेगा।
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किसानों के लिए भी बनेगी विश्व स्तरीय मंडी
जेवर में एयरपोर्ट के साथ किसानों की सुविधा के लिए विश्व स्तरीय मंडी का निर्माण भी कराया जाएगा। मंडी का निर्माण होने से किसान अपनी उपज को विदेशों में भी सप्लाई कर सकेंगे। इससे किसानों को न केवल अधिक दाम मिलेगा, बल्कि जिले में होने वाली धान, गेहूं व गन्ना की फसल की पहचान विदेशों तक हो सकेगी।
तीन चरणों में होगा गांवों का अधिग्रहण
एसडीएम जेवर के मुताबिक एयरपोर्ट निर्माण के लिए अधिग्रहण की जाने वाली जमीन को तीन चरणों में अधिग्रहीत किया जाएगा। पहले चरण में रोही, पारोही समेत छह गांवों का अधिग्रहण किया जाएगा। अधिग्रहण से बाहर के गांवों के किसान अधिग्रहण तक जमीन पर खेती कर सकते हैं।
कोट-
किसानों के लिए मंडी स्थापित करने के लिए वार्ता चल रही है। फिलहाल एयरपोर्ट बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण पर फोकस है। मंडी निर्माण के लिए मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - रसुमन द्विवेदी, एसडीएम जेवर