साहिबाबाद। एक मुश्त योजना (ओटीएस) के तहत सितंबर तक आवास विकास परिषद के 400 से अधिक बकायेदाराें ने पंजीकरण कराया है। परिषद अधिकारी अब जांच के बाद इनका डिमांड लेटर बनवाए जा रहे हैं। राशि जमा होने के बाद परिषद को करोड़ों के स्टांप कर का भी लाभ मिलेगा।
डिफॉल्टरों पर लगने वाली पेनल्टी से रियायत देने के लिए परिषद ने एकमुश्त समाधान योजना शुरू की थी। पूर्व में इसकी अंतिम तारीख 17 जुलाई थी, लेकिन बढ़ाकर इसे दिसंबर कर दिया गया। जिले के 800 बकायेदारों हैं और इस योजना में अब तक 448 ने पंजीकरण करा लिया है। योजना के पंजीकरण के दौरान ही डिमांड लेटर बनाने का काम भी शुरू हो गया है। करीब 60 बड़े मामलों में डिमांड लेटर बनना बाकी है। डिमांड लेटर जारी होने की तारीख से तीन माह के भीतर बकायेदारों को भुगतान करना होगा। संपत्ति प्रबंधक पीएस रावत ने बताया कि इस योजना के प्रचार-प्रसार के बाद बहुत से डिफाल्टर जो महज एक दो किश्त ही जमा करने के बाद संपर्क में नहीं थे, सभी सामने आए हैं। इससे परिषद को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि परिषद के ऐसे बकायदारों की संख्या अधिक है जो अलग-अलग योजनाओं में फ्लैट बुक कर गुम हो गए थे। इनमें सबसे अधिक मंडोला और वसुंधरा योजना के लोग शामिल हैं। संपत्ति प्रबंधक ने बताया कि अब आवेदन की तारीख 15 दिसंबर कर दी गई है। तारीख बढ़ाए जाने से अधिकारियों की उम्मीदें भी बढ़ी है। अधिकारियों का कहना है कि बेहतर प्रचार-प्रसार के बाद और भी लोगों के आने की उम्मीदें हैं जिसका लाभ परिषद को मिलेगा।