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Ghaziabad News: 40 दिन बीत गए...वकीलों की हड़ताल समाप्त होने के नहीं दिख रहे हैं आसार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 10 Dec 2024 12:48 AM IST
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40 days have passed... there is no sign of the lawyers' strike ending
गाजियाबाद। जिला जज अनिल कुमार को हटाए जाने की मांग लेकर 40 दिन से चल रही वकीलों की हड़ताल खत्म होने के आसार नहीं बन रहे हैं। इसकी वजह यह है कि वकीलों की इस मांग पर अब तक कहीं से कोई आश्वासन तक नहीं मिला है। यह स्थिति तब है जब न्यायिक कार्य के बहिष्कार के साथ वकील रोज ही न केवल धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं बल्कि सड़क जाम से लेकर थाने का घेराव तक भी कर चुके हैं।
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इतना ही नहीं। आंदोलन को धार देने के लिए चार बार पश्चिम यूपी के 22 जिलों के वकीलों की कचहरी में बैठक हो चुकी है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और यूपी के वकील भी रणनीति बना चुके हैं लेकिन तमाम उपाय करके भी बात बनती नजर नहीं आ रही है।
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जिला जज को हटाए जाने, लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने और वकीलों पर दर्ज किए गए छह मुकदमे वापस लिए जाने समेत पांच मांगें हैं, लेकिन इसमें से एक भी अब तक पूरी नहीं हुई है। ऐसे में धरना दे रहे वकीलों ने सोमवार को तय किया कि दिल्ली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल सिब्बल से मिलकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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गाजियाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा का कहना है कि मांगे पूरी होने तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया है।



बार सचिव अमित नेहरा ने बताया कि मंगलवार को चैंबर नंबर 151 से चैंबर नंबर 400 तक सभी चैंबर के अधिवक्ता धरनास्थल पर उपस्थित रहेंगें। सोमवार को अधिवक्ता संजय गांधी और राहुल कुमार कोको ने क्रमिक अनशन किया।



दूसरी ओर हड़ताल जारी रहने से परेशान उन लोगों को हो रही है जिनके केस की सुनवाई प्रभावित हो रही है। कोर्ट में रोज लगभग 10 हजार केस सुनवाई के लिए लगते हैं, जबकि कुल लंबित मामलों की संख्या चार लाख से ज्यादा है।



हड़ताल खत्म की तो



आत्मदाह कर लूंगा



( वकील ने दी धमकी )



सोमवार को धरना-प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने आगे की रणनीति पर चर्चा की। कुछ वकीलों का कहना था कि न्यायाधीश से वार्ता कर कोई न कोई हल निकाला जाए। इसका कुछ वकीलों ने विरोध किया। एक वकील तो इतने गुस्से में आ गए कि उन्होंने बार एसोसिएशन के सचिव अमित नेहरा के हाथ से न केवल माइक छीन लिया बल्कि आत्मदाह की धमकी तक दे डाली। उन्होंने कहा कि अगर जिला जज पर कार्रवाई के बिना ही आंदोलन खत्म किया गया तो वह आत्मदाह कर लेंगे। यह कहकर वह वहां से चले गए। कुछ वकील उनके पीछे गए। उन्हें समझाया गया कि इस तरह आंदोलन समाप्त नहीं होगा। इस पर वह वापस धरना स्थल पर आए।






बिना वकील के दाखिल हो गए 101 केस





81



जमानत प्रार्थना पत्रों पर हुई सुनवाई





गाजियाबाद। हड़ताल के दौरान ही सोमवार को बिना वकील की मदद के अलग-अलग अदालतों में 101 नए केस दाखिल हुए, जबकि 601 केसों का निस्तारण हुआ। इनमें 81 जमानत प्रार्थना पत्र, आठ क्रिमिनल विविध वाद/परिवाद, छह समन, पांच सिविल और एक परिवार न्यायालय में वाद दाखिल किए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुमार मिताक्षर ने बताया कि विभिन्न न्यायालयों में सोमवार को 76 जमानत प्रार्थना पत्र। 345 आपराधिक केस, आठ सत्र परीक्षण, 98 चालान, 10 एनआई एक्ट का वाद, 11 सिविल वाद का निस्तारण किया गया। इसके अलावा 41 मामलों में गवाहों के बयान दर्ज किए गए। नौ फौजदारी मामलों में आरोप साबित किए गए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 16 जमानत प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया। जनपद न्यायाधीश ने नौ जमानत प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया। प्राधिकरण सचिव ने बताया कि वादकारियों का हित देखते हुए जनपद न्यायालय में न्यायिक कार्य जारी है।
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