{"_id":"595d44d84f1c1b3e2a8b46b7","slug":"31499284696-ghaziabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेट्रो फंडिंग को लेकर यूपीएसआईडीसी ने खड़े किए हाथ-Ghaziabad city","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेट्रो फंडिंग को लेकर यूपीएसआईडीसी ने खड़े किए हाथ-Ghaziabad city
Updated Thu, 06 Jul 2017 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपीएसआईडीसी ने मेट्रो फंडिंग पर खड़े किए हाथ
दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक मेट्रो प्रोजेक्ट की फंडिंग के लिए यूपीएसआईडीसी ने अपना अंशदान देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। विभाग करीब 89 करोड़ के अंशदान में से केवल 3.94 करोड़ रुपये ही दे सका है।
यूपीएसआईडीसी का कहना है कि बाकी रकम देने के लिए विभाग के पास बजट नहीं है। इस संबंध में पत्र लिखकर शासन को सूचित कर दिया गया है।
नया बस अड्डे तक की मेट्रो लाइन का काम तेजी से चल रहा है। इस प्रोजेक्ट में नगर निगम, जीडीए, आवास विकास परिषद और यूपीएसआईडीसी को मिलकर पूरी लागत देनी है।
यूपीएसआईडीसी की ओर से शुरुआत में रकम जुटाने के लिए साहिबाबाद, लिंक रोड व मोहन नगर क्षेत्र में आने वाले औद्योगिक क्षेत्रों पर पांच हजार रुपये का सेस लगाया गया।
विज्ञापन
इस सेस को प्लांट के ट्रांसफर या आवंटन होने पर लिया जाता, लेकिन इससे मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए अंशदान पूरा करने भर की धनराशि इकठ्ठा नहीं हो सकी। सिर्फ 3.94 करोड़ रुपये मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए दिए जा सके। तत्कालीन रीजनल मैनेजर अजय यादव के मुताबिक विभाग के पास बजट ही नहीं है। इसलिए विभाग ने शासन को इस संबंध में अवगत करा दिया है।
विज्ञापन
दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक मेट्रो प्रोजेक्ट की फंडिंग के लिए यूपीएसआईडीसी ने अपना अंशदान देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। विभाग करीब 89 करोड़ के अंशदान में से केवल 3.94 करोड़ रुपये ही दे सका है।
यूपीएसआईडीसी का कहना है कि बाकी रकम देने के लिए विभाग के पास बजट नहीं है। इस संबंध में पत्र लिखकर शासन को सूचित कर दिया गया है।
नया बस अड्डे तक की मेट्रो लाइन का काम तेजी से चल रहा है। इस प्रोजेक्ट में नगर निगम, जीडीए, आवास विकास परिषद और यूपीएसआईडीसी को मिलकर पूरी लागत देनी है।
विज्ञापन
यूपीएसआईडीसी की ओर से शुरुआत में रकम जुटाने के लिए साहिबाबाद, लिंक रोड व मोहन नगर क्षेत्र में आने वाले औद्योगिक क्षेत्रों पर पांच हजार रुपये का सेस लगाया गया।
विज्ञापन
इस सेस को प्लांट के ट्रांसफर या आवंटन होने पर लिया जाता, लेकिन इससे मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए अंशदान पूरा करने भर की धनराशि इकठ्ठा नहीं हो सकी। सिर्फ 3.94 करोड़ रुपये मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए दिए जा सके। तत्कालीन रीजनल मैनेजर अजय यादव के मुताबिक विभाग के पास बजट ही नहीं है। इसलिए विभाग ने शासन को इस संबंध में अवगत करा दिया है।