फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   308 objections yet officials are adamant on increasing property tax

Ghaziabad News: 308 आपत्तियां फिर भी संपत्ति कर बढ़ाने पर अड़े अधिकारी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jan 2024 02:46 PM IST
विज्ञापन
308 objections yet officials are adamant on increasing property tax
गाजियाबाद। नगर निगम ने इस साल अप्रैल से तीन से चार गुना तक संपत्ति कर बढ़ाने की तैयारी कर ली है। शहर के 4.52 लाख संपत्ति मालिकों पर पड़ने जा रहे इस बोझ का विरोध शुरू हो गया है। पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने निगम के इस फैसले का विरोध किया है। पार्षदों का आरोप है कि, सालभर पहले बोर्ड बैठक में नियमानुसार 10 प्रतिशत संपत्ति कर बढ़ाने पर सहमति बनी थी। निगम की ओर से प्रस्तावित कर के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया था। 308 आपत्तियों के बाद भी खारिज प्रस्ताव को शासन को भेजकर निगम के अधिकारियों ने गुपचुप तरीके से बढ़े संपत्ति कर का बोझ आम जनता पर डाल दिया है।
विज्ञापन


पार्षदों के अनुसार उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 174 (2) के खंड (ख) में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि नगर आयुक्त की ओर से प्रत्येक दो वर्ष में एक बार संपत्ति कर की दरें निर्धारित की जा सकती हैं। साल 2022 में तत्कालीन बोर्ड की अंतिम बैठक में सालाना पांच प्रतिशत और दो साल में 10 प्रतिशत संपत्ति कर बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी थी। एक अप्रैल 2023 से निवर्तमान दरों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू की जा चुकी है। ऐसे में निर्धारित दो वर्ष से पूर्व एक अप्रैल 2024 से दोबारा संपत्ति कर की बढ़ोतरी विधिसम्मत नहीं है। पूर्व पार्षद हिमांशु मित्तल का कहना है कि बोर्ड से खारिज प्रस्ताव को शासन के पास मंजूरी के लिए भेजना अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। अगर शासन को भेजा भी गया तो नए बोर्ड में इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। निगम बोर्ड को स्वत: संज्ञान लेकर नई दरों के आदेश को निरस्त करना चाहिए। ऐसा नहीं किया गया तो आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में जाएंगे। वार्ड -88 के भाजपा पार्षद नीरज गोयल ने बताया कि संपत्ति कर बढ़ाने का फैसला गलत है। बोर्ड में प्रस्ताव मंजूर कराए बिना आर्थिक बोझ जनता पर नहीं थोपा जाना चाहिए। इस प्रस्ताव को दोबारा बोर्ड में रखा जाना चाहिए।
विज्ञापन

-------
विपक्ष को बैठे-बिठाए मिला मुद्दा
नगर निगम के अफसरों ने संपत्ति कर में बेतहाशा बढ़ोतरी कर विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दा दे दिया है। वार्ड-67 के कांग्रेस पार्षद अजय शर्मा का कहना है कि यह फैसला जन विरोधी है। सोमवार को महापौर और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर प्रत्येक वार्ड में जाकर विरोध जताऊंगा। पूर्व पार्षद मनोज चौधरी ने कहा कि महापौर को तत्काल बोर्ड बैठक बुलाकर आदेश को निरस्त कराना चाहिए। जनता ने उन्हे तीन लाख वोट देकर जिताया था, उनकी जिम्मेदारी है निगम अफसरों की मनमानी पर अंकुश लगाएं। अगर ऐसा नहीं किया तो हर वार्ड में जाकर जनता को जागरूक कर नगर निगम मुख्यालय पर आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------
जनता पर नहीं पड़ने दूंगी बोझ-महापौर
महापौर सुनीता दयाल का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। वर्ष 2023-24 में 10 प्रतिशत गृहकर बढ़ाया गया। इस वर्ष फिर से कर में बढ़ोतरी करना न्याय संगत नहीं है। शहरवासियाें पर अत्याधिक आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है। यह मामला पहले सदन की बैठक में आया था, तब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी। लेकिन शासनादेश को भी सदन में पेश करना चाहिए था। शहर की जनता पर आर्थिक बोझ नही पड़ने दूंगी।
-------
हमारी दरें सबसे कम-नगर आयुक्त
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक का कहना है कि एनसीआर में होने के बावजूद गाजियाबाद नगर निगम की संपत्ति कर की दरें अन्य निगम व पालिकाओं से कम हैं। शासन के दिशा-निर्देश पर दरें बढ़ाई गई हैं। गाजियाबाद में संपत्ति कर की न्यूनतम 0.87 पैसे और अधिकतम दर 1.32 रुपये प्रति वर्गफीट हैं। वहीं, मेरठ नगर निगम की न्यूनतम 3.72 और अधिकतम 5.58, पिलखुवा नगर पालिका की न्यूनतम 2.60 और अधिकतम 3.72 और मुरादाबाद की न्यूनतम 2.80 रुपये और अधिकतम दर 3.71 रुपये प्रति वर्गफीट हैं। शासन से प्रस्ताव को लिखित मंजूरी मिल चुकी है।

--------
नई दरें क्या होंगी (प्रति वर्गफीट में)
12 मी. से कम चौड़ी सड़क
श्रेणी ए में 3.50 रुपये तक
श्रेणी बी में 3 .00 रुपये तक
श्रेणी सी में 2.50 रुपये तक
--------
12 से 24 मी. चौड़ी सड़क
श्रेणी ए में 3.75 रुपये तक
श्रेणी बी में 3.25 रुपये तक
श्रेणी सी में 2.75 रुपये तक

24 मी. से अधिक चौड़ी सड़क
श्रेणी ए में 4.00 रुपये तक
श्रेणी बी में 3.50 रुपये तक
श्रेणी सी में 3.00 रुपये तक
-----------
31 मार्च तक 127 करोड़ वसूली का लक्ष्य
नगर निगम अधिकारियों ने 31 मार्च तक 127 करोड़ रुपये संपत्ति कर वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 313 करोड़ रुपये की कर वसूली करनी है। अब तक लगभग 185 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। वसुंधरा जोन ने 64 प्रतिशत, मोहन नगर जोन ने 58 प्रतिशत, कवि नगर जोन ने 61 प्रतिशत, सिटी जोन ने 52 प्रतिशत, विजयनगर जोन ने 49 प्रतिशत कर की वसूली की है।
---------------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed