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Ghaziabad News: संपत्ति कर के दायरे में 25 हजार फ्लैट, आज से जारी होंगे नोटिस
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गाजियाबाद। शहर की बहुमंजिला इमारतों के फ्लैटों में रहने वाले एक लाख पुराने संपत्ति करदाताओं को नोटिस भेजे जा चुके हैं। अब लगभग 25 हजार ऐसे फ्लैट मालिकों से कर वसूला जाएगा, जो पहले संपत्ति कर के दायरे से बाहर थे। एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाकर सोमवार से इन फ्लैट मालिकों को नगर निगम की तरफ से नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बकायदारों से कर वसूलने के लिए सोसायटियों में भी शिविर लगाने की तैयारी की जा रही है।
पिछले वर्ष नगर निगम की सीमा के अंतर्गत 4.52 लाख संपत्तियां कर के दायरे में थीं, जो मौजूदा वित्तीय वर्ष में बढ़कर साढ़े पांच लाख से ज्यादा हो गई हैं। नगर निगम की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए एक लाख से ज्यादा भवनों को संपत्ति कर के दायरे में लिया गया है। साथ ही, पुराने भवनों की नए सिरे से पैमाइश भी कराई जा रही है। संपत्ति कर की दरों को लेकर अटकलों के बीच नगर निगम ने पुराने बकायेदारों के साथ ही नए भवन मालिकों को भी बिल भेजकर वसूली का अभियान चलाया हुआ है। निगम की सीमा के अंतर्गत बहमंजिला इमारतों के लगभग 1.25 लाख फ्लैटों से संपत्ति कर वसूला जाना है, जिनमें 25 हजार नए करदाता शामिल हुए हैं।
संपत्ति कर वसूलने में तोड़ा पिछला रिकॉर्ड
संपत्ति कर वसूलने में नगर निगम ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 313 करोड़ रुपये संपत्ति कर वसूलने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसमें 295 करोड़ रुपये से ज्यादा कर वसूला गया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 415 करोड़ रुपये कर वसूलने का लक्ष्य है। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा ने बताया कि पिछले वर्ष एक अप्रैल से 31 अगस्त तक 84.61 करोड़ रुपये संपत्ति कर वसूला गया था। पिछले वर्ष की तुलना में 63.54 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति कर वसूला गया है।
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250 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार
नगर निगम ने 250 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर ली है, जिनमें पांचों जोन के 50-50 बकायेदार शामिल हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने एक सप्ताह के भीतर इन बकायेदारों से 64 करोड़ रुपये वसूलने का लक्ष्य अधिकारियों को दिया है। साथ ही, सभी व्यावसायिक भवनों को 10 दिनों के अंदर कर वसूली के नोटिस जारी करने का समय दिया गया। सभी जोनल अधिकारियों को अपने-अपने जोन में प्राथमिकता के आधार पर व्यावसायिक भवनों से कर वसूली के निर्देश दिए गए।
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पुराने बकायेदारों को छूट का लाभ नहीं
पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम क्षेत्र में तकरीबन 4.52 लाख संपत्तियां थीं, जिनमें से 2.71 लाख संपत्तियों का कर जमा हुआ है। करीब 1.80 लाख भवन मालिकों ने तय समय पर संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया। इन भवन मालिकों को बकाया राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज लगाकर नए बिल भेजे जा रहे हैं। नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की वर्तमान मांग पर छूट का प्रावधान किया है। पुरानी बकाया राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज देना ही होगा। वहीं, 30 सितंबर तक वर्तमान मांग पर 10 प्रतिशत छूट के साथ संपत्ति कर जमा कराया जा सकता है।
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पिछले वर्ष नगर निगम की सीमा के अंतर्गत 4.52 लाख संपत्तियां कर के दायरे में थीं, जो मौजूदा वित्तीय वर्ष में बढ़कर साढ़े पांच लाख से ज्यादा हो गई हैं। नगर निगम की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए एक लाख से ज्यादा भवनों को संपत्ति कर के दायरे में लिया गया है। साथ ही, पुराने भवनों की नए सिरे से पैमाइश भी कराई जा रही है। संपत्ति कर की दरों को लेकर अटकलों के बीच नगर निगम ने पुराने बकायेदारों के साथ ही नए भवन मालिकों को भी बिल भेजकर वसूली का अभियान चलाया हुआ है। निगम की सीमा के अंतर्गत बहमंजिला इमारतों के लगभग 1.25 लाख फ्लैटों से संपत्ति कर वसूला जाना है, जिनमें 25 हजार नए करदाता शामिल हुए हैं।
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संपत्ति कर वसूलने में तोड़ा पिछला रिकॉर्ड
संपत्ति कर वसूलने में नगर निगम ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 313 करोड़ रुपये संपत्ति कर वसूलने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसमें 295 करोड़ रुपये से ज्यादा कर वसूला गया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 415 करोड़ रुपये कर वसूलने का लक्ष्य है। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा ने बताया कि पिछले वर्ष एक अप्रैल से 31 अगस्त तक 84.61 करोड़ रुपये संपत्ति कर वसूला गया था। पिछले वर्ष की तुलना में 63.54 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति कर वसूला गया है।
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250 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार
नगर निगम ने 250 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर ली है, जिनमें पांचों जोन के 50-50 बकायेदार शामिल हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने एक सप्ताह के भीतर इन बकायेदारों से 64 करोड़ रुपये वसूलने का लक्ष्य अधिकारियों को दिया है। साथ ही, सभी व्यावसायिक भवनों को 10 दिनों के अंदर कर वसूली के नोटिस जारी करने का समय दिया गया। सभी जोनल अधिकारियों को अपने-अपने जोन में प्राथमिकता के आधार पर व्यावसायिक भवनों से कर वसूली के निर्देश दिए गए।
पुराने बकायेदारों को छूट का लाभ नहीं
पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम क्षेत्र में तकरीबन 4.52 लाख संपत्तियां थीं, जिनमें से 2.71 लाख संपत्तियों का कर जमा हुआ है। करीब 1.80 लाख भवन मालिकों ने तय समय पर संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया। इन भवन मालिकों को बकाया राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज लगाकर नए बिल भेजे जा रहे हैं। नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की वर्तमान मांग पर छूट का प्रावधान किया है। पुरानी बकाया राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज देना ही होगा। वहीं, 30 सितंबर तक वर्तमान मांग पर 10 प्रतिशत छूट के साथ संपत्ति कर जमा कराया जा सकता है।