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Ghaziabad News: ट्रोनिका सिटी के 2,000 उद्योगों को मिलेगी बिजली कटौती से राहत
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गाजियाबाद। लोनी के ट्रोनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों को बिजली कटौती से राहत दिलाने की योजना पर जल्द ही काम शुरू होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से दो नए 33 केवी के सबस्टेशन बनाएगा। इसकी औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया पर काम शुरू हो गया है। अगले छह से आठ महीने में सबस्टेशन बनकर तैयार हो जाएंगे। इसके बाद लगभग 2,000 औद्योगिक इकाइयों को ओवरलोडिंग के कारण बिजली कटौती से राहत मिल जाएगी।
फिलहाल, ट्रोनिका सिटी में 33 केवी के चार सब स्टेशन हैं, जिन पर क्षमता से ज्यादा लोड होने के कारण औद्योगिक इकाइयों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित होने से उत्पादन पर बुरा असर पड़ रहा है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) लगातार नए बिजली सबस्टेशन बनाने की मांग उठाता आ रहा है। आईआईए के गाजियाबाद चैप्टर सचिव हर्ष अग्रवाल नने बताया कि ट्रोनिका सिटी में 33 केवी के दो नए सबस्टेशन बनाने की मांग बीते पांच जून को यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के समक्ष उठाई गई थी।
सेक्टर ए-1 और अपैरल पार्क में सबस्टेशन बनाने की औपचारिक मंजूरी मिल गई है। अटल इंड्रस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन 3.0 के तहत करीब 14 करोड़ रुपये का बजट इसके लिए स्वीकृत हो गया है। आईआईए के डिवीजन चेयरमैन राकेश अनेजा ने बताया कि लंबे समय से की जा रही मांग को यूपीसीडा ने पूरा किया है। दो सबस्टेशन बनने के बाद लगभग दो हजार उद्योगों को अघोषित बिजली कटौती से राहत मिल जाएगी।
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सेक्टर डी-1 अपैरल पार्क में करीब 3.90 लाख रुपये की लागत से सबस्टेशन तैयार किया जाएगा, जबकि 2.43 करोड़ रुपये की लागत से फीडर लाइन खींची जाएगी। इसी तरह सेक्टर ए-1 में करीब 3.90 करोड़ रुपये की लागत से सबस्टेशन तैयार किया जाएगा, जबकि फीडर लाइन खींचने पर 3.77 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। यूपीसीडा के प्रबंधक (विद्युत) योगेंद्र सिंह ने बताया कि सबस्टेशनों के लिए निविदा प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया गया है। एक से डेढ़ महीने में कंपनी का चयन होने की उम्मीद है। इसके बाद चार से छह महीने सबस्टेशन तैयार करने में लगेंगे।
6.5 करोड़ की लागत से लगाई एलईडी लाइटें
ट्रोनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र में 1800 सोडियम लाइटें लगी हुई थीं, जिनको बदलने का काम लगभग पूरा हो गया है। इन लाइटों की जगह चार हजार एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। इसके अलावा 50 हाईमास्ट लाइटें लगा दी गई हैं। इस काम के लिए 6.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
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फिलहाल, ट्रोनिका सिटी में 33 केवी के चार सब स्टेशन हैं, जिन पर क्षमता से ज्यादा लोड होने के कारण औद्योगिक इकाइयों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित होने से उत्पादन पर बुरा असर पड़ रहा है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) लगातार नए बिजली सबस्टेशन बनाने की मांग उठाता आ रहा है। आईआईए के गाजियाबाद चैप्टर सचिव हर्ष अग्रवाल नने बताया कि ट्रोनिका सिटी में 33 केवी के दो नए सबस्टेशन बनाने की मांग बीते पांच जून को यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के समक्ष उठाई गई थी।
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सेक्टर ए-1 और अपैरल पार्क में सबस्टेशन बनाने की औपचारिक मंजूरी मिल गई है। अटल इंड्रस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन 3.0 के तहत करीब 14 करोड़ रुपये का बजट इसके लिए स्वीकृत हो गया है। आईआईए के डिवीजन चेयरमैन राकेश अनेजा ने बताया कि लंबे समय से की जा रही मांग को यूपीसीडा ने पूरा किया है। दो सबस्टेशन बनने के बाद लगभग दो हजार उद्योगों को अघोषित बिजली कटौती से राहत मिल जाएगी।
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सेक्टर डी-1 अपैरल पार्क में करीब 3.90 लाख रुपये की लागत से सबस्टेशन तैयार किया जाएगा, जबकि 2.43 करोड़ रुपये की लागत से फीडर लाइन खींची जाएगी। इसी तरह सेक्टर ए-1 में करीब 3.90 करोड़ रुपये की लागत से सबस्टेशन तैयार किया जाएगा, जबकि फीडर लाइन खींचने पर 3.77 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। यूपीसीडा के प्रबंधक (विद्युत) योगेंद्र सिंह ने बताया कि सबस्टेशनों के लिए निविदा प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया गया है। एक से डेढ़ महीने में कंपनी का चयन होने की उम्मीद है। इसके बाद चार से छह महीने सबस्टेशन तैयार करने में लगेंगे।
6.5 करोड़ की लागत से लगाई एलईडी लाइटें
ट्रोनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र में 1800 सोडियम लाइटें लगी हुई थीं, जिनको बदलने का काम लगभग पूरा हो गया है। इन लाइटों की जगह चार हजार एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। इसके अलावा 50 हाईमास्ट लाइटें लगा दी गई हैं। इस काम के लिए 6.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।