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गाजियाबाद: हाइवे पर फर्जी एक्सिडेंट, फर्जी पुलिस, समझौते के मांगे एक लाख
Tue, 02 Jul 2019 05:27 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो,गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो,गाजियाबाद
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jul 2019 05:27 AM IST
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फर्जी पुलिस समझौते के मांगे एक लाख (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Social Media
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सावधान, अगर आप हाइवे पर कार से चल रहे हैं और कोई वर्दी वाला आपके वाहन से एक्सिडेंट होने सूचना देकर रोकता है, तो सतर्क होने की आवश्यकता है। वह आपको डरा-धमकाकर रुपये हड़पने चाहता है। जिले में हाइवे पर इस तरह का खाकी वर्दी वाला गैंग सक्रिय हो गया है। सोमवार को एक मल्टीनेशनल कंपनी के मैनेजर को रोककर उनकी कार से फर्जी तरीके से एक्सिडेंट करने का आरोप लगाकर दबाव बनाया और समझौते के लिए एक लाख रुपये मांगे। भाजपा नेता के फोन करने पर उक्त पुलिसकर्मी मौके से फरार हो गए।
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शेखर त्यागी मूलरूप से हापुड़ के तगा सराय मोहल्ले के रहने वाले हैं। वर्तमान में गुरुग्राम रहते हैं और मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर हैं। पीड़ित ने बताया कि सोमवार सुबह 6.15 विजयनगर के पास पहुंचे। यहां पीछे से दो बाइक सवार लोग पुलिस की वर्दी में आए। उन्होंने रांग साइड से हाथ दिया और उल्टे हाथ की तरफर कार रुकवा ली। एक वर्दी वाला व्यक्ति बाइक लेकर कार से 100 मीटर पीछे खड़ा रहा। जबकि एक वर्दी वाला व्यक्ति कार के पास पहुंचा।
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उसने कहा कि लाल कुआं के पास कार से एक्सीडेंट करके आए हैं। पीड़ित ने कहा कि उसकी कार तो किसी से टच भी नहीं हुई है, एक्सीडेंट कैसे हो सकता है। उक्त वर्दी वाले ने कहा कि लाल कुआं चल। वहीं पर फैसला होगा। पीड़ित ने जाने से मना किया और उक्त व्यक्ति को 200 रुपये दे दिए। आरोपी ने कहा कि 200 रुपये नहीं चाहिए। समझौते के लिए एक लाख रुपये चाहिए। इससे कम में बात नहीं बनेगी। शेखर ने अपने रिश्तेदार भाई भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अमित त्यागी को फोन किया।
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उन्होंने उक्त वर्दी वाले से फोन पर बात की और कहा कि तुम वहीं रूको हम 10 मिनट में पहुंचते हैं। उक्त युवक कार से उतरा और बाइक से बैठकर वहां से फरार हो गया। पीड़ित ने बताया कि वर्दी पहनावे से दोनों पुलिस वाले नहीं लग रहे थे। नेम प्लेट भी नहीं लगी हुई थी। सवाल उठता है कि यह वर्दी वाले असली थे या फर्जी बनकर लोगों से हाइवे पर ठगी का काम करते हैं।
पीड़ित की अभी तक शिकायत नहीं मिली है। हाइवे पर बिना किसी घटना के इस तरह से कोई समझौते के नाम पर वर्दी पहनकर रुपये मांग रहा है तो यह गंभीर मामला है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। यह भी देखा जाएगा यह असली पुलिस कर्मी हैं या वर्दी पहनकर गैंग सक्रिय हुआ है- श्लोक कुमार, एसपी सिटी।