{"_id":"5b898e6142c79246730f60fd","slug":"153574152417-pilakhwa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आदेश ताक पर, स्कूलों के पास चल रहीं नशे की दुकानें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आदेश ताक पर, स्कूलों के पास चल रहीं नशे की दुकानें
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आदेश ताक पर, स्कूलों के पास चल रहीं नशे की दुकानें
पिलखुवा। देश को नशामुक्त करने के लिए भले ही बड़े प्रयास किए जा रहे हों, लेकिन नगर में स्कूलों के आसपास ही बीड़ी, सिगरेट और शराब की दुकानें खुली हैं। जबकि नियमानुसार स्कूल कालेजों से सौ मीटर की दूरी तक मादक पदार्थ और धूम्रपान सामग्री बेचने की दुकान नहीं होनी चाहिए। स्कूल के आसपास दुकानें होने से किशोरों में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है।
शिक्षकों का कहना है कि नियमानुसार स्कूल, कालेज समेत किसी भी शिक्षक संस्था के आसपास नशा करने वाले किसी भी पदार्थ की बिक्री नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने काफी पहले सख्त आदेश भी जारी किए थे, लेकिन नगर में नियमों का उल्लंघन किसी भी कालेज या स्कूल के पास देखा जा सकता है। नगर के मारवाड़ इंटर कालेज, आरआर इंटर कालेज, चंडी इंटर कालेज, केएमएस इंटर कालेज, वीआईपी इंटर कालेज के पास ही बीड़ी, सिगरेट, गुटखे की बिक्री धड़ल्ले से होती है। चंडी इंटर कालेज और आरआर इंटर कालेज के पास तो शराब की दुकानें भी स्थित हैं। सरकारी स्कूलों के अंदर तो बच्चे गुटखा खाकर भी चले जाते हैं। जबकि मान्यता प्राप्त स्कूलों में बच्चे चोरी-छिपे बीड़ी और गुटखे का सेवन करते हैं। कई बार सामाजिक संस्थाओं ने शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
समाजसेवी आलम सिंह चौधरी व पूर्व सपा नगराध्यक्ष ज्ञानेंद्र गुप्ता ने एसडीएम धौलाना हनुमान प्रसाद और डीआईओएस से स्कूलों के पास स्थित शराब व बीड़ी सिगरेट की दुकानों को हटवाने की मांग की है। एसडीएम का कहना है कि शिक्षा अधिकारियों से इस संबंध में बात की जाएगी। इसके बाद संयुक्त रूप से अभियान चलाकर इन दुकानों को हटवाया जाएगा।
विज्ञापन
बोले लोग: सरकार हटवाए दुकानें
जगह-जगह गुटके व तंबाकू की दुकानें खुलने से युवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को चिन्हित कर दुकानें खोलने कर अनुमति देनी चाहिए, ताकि नशे पर रोक लग सके।
- बीना शर्मा, प्रधानाचार्य
स्कूलों के पास खुली गुटके की दुकानों से आज अपराध बढ़ता जा रहा है। नियमानुसार स्कूल कालेजों के पास मादक पदार्थ की दुकानें नही होनी चाहिए। इससे किशोर गलत संगत में पड़ रहे हैं।
- ममता तोमर, समाजसेवी
स्कूलों के पास खुली बीड़ी-सिगरेट की दुकानों से युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। लोगों को देखकर वह भी इनके आदि हो जाते है। सरकार को स्कूलों के पास से दुकानें हटवानी चाहिए।
- शरद अग्रवाल, व्यापारी
जब तक नशे पर रोक नहीं लगेगी, तब तक युवा इसका पीछा नहीं छोड़ेंगे। इसलिए जरूरी है कि नशे के पदार्थों को युवाओं की पहुंच से दूर रखा जाए। इसके लिए जरूरी है कि स्कूलों के पास से दुकानें हटाई जाएं।
- उमेश शर्मा, शिक्षक
विज्ञापन
पिलखुवा। देश को नशामुक्त करने के लिए भले ही बड़े प्रयास किए जा रहे हों, लेकिन नगर में स्कूलों के आसपास ही बीड़ी, सिगरेट और शराब की दुकानें खुली हैं। जबकि नियमानुसार स्कूल कालेजों से सौ मीटर की दूरी तक मादक पदार्थ और धूम्रपान सामग्री बेचने की दुकान नहीं होनी चाहिए। स्कूल के आसपास दुकानें होने से किशोरों में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है।
शिक्षकों का कहना है कि नियमानुसार स्कूल, कालेज समेत किसी भी शिक्षक संस्था के आसपास नशा करने वाले किसी भी पदार्थ की बिक्री नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने काफी पहले सख्त आदेश भी जारी किए थे, लेकिन नगर में नियमों का उल्लंघन किसी भी कालेज या स्कूल के पास देखा जा सकता है। नगर के मारवाड़ इंटर कालेज, आरआर इंटर कालेज, चंडी इंटर कालेज, केएमएस इंटर कालेज, वीआईपी इंटर कालेज के पास ही बीड़ी, सिगरेट, गुटखे की बिक्री धड़ल्ले से होती है। चंडी इंटर कालेज और आरआर इंटर कालेज के पास तो शराब की दुकानें भी स्थित हैं। सरकारी स्कूलों के अंदर तो बच्चे गुटखा खाकर भी चले जाते हैं। जबकि मान्यता प्राप्त स्कूलों में बच्चे चोरी-छिपे बीड़ी और गुटखे का सेवन करते हैं। कई बार सामाजिक संस्थाओं ने शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
समाजसेवी आलम सिंह चौधरी व पूर्व सपा नगराध्यक्ष ज्ञानेंद्र गुप्ता ने एसडीएम धौलाना हनुमान प्रसाद और डीआईओएस से स्कूलों के पास स्थित शराब व बीड़ी सिगरेट की दुकानों को हटवाने की मांग की है। एसडीएम का कहना है कि शिक्षा अधिकारियों से इस संबंध में बात की जाएगी। इसके बाद संयुक्त रूप से अभियान चलाकर इन दुकानों को हटवाया जाएगा।
विज्ञापन
बोले लोग: सरकार हटवाए दुकानें
जगह-जगह गुटके व तंबाकू की दुकानें खुलने से युवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को चिन्हित कर दुकानें खोलने कर अनुमति देनी चाहिए, ताकि नशे पर रोक लग सके।
- बीना शर्मा, प्रधानाचार्य
स्कूलों के पास खुली गुटके की दुकानों से आज अपराध बढ़ता जा रहा है। नियमानुसार स्कूल कालेजों के पास मादक पदार्थ की दुकानें नही होनी चाहिए। इससे किशोर गलत संगत में पड़ रहे हैं।
- ममता तोमर, समाजसेवी
स्कूलों के पास खुली बीड़ी-सिगरेट की दुकानों से युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। लोगों को देखकर वह भी इनके आदि हो जाते है। सरकार को स्कूलों के पास से दुकानें हटवानी चाहिए।
- शरद अग्रवाल, व्यापारी
जब तक नशे पर रोक नहीं लगेगी, तब तक युवा इसका पीछा नहीं छोड़ेंगे। इसलिए जरूरी है कि नशे के पदार्थों को युवाओं की पहुंच से दूर रखा जाए। इसके लिए जरूरी है कि स्कूलों के पास से दुकानें हटाई जाएं।
- उमेश शर्मा, शिक्षक