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रैपिड ट्रेन को लेकर सरकारी जमीन पर कब्जे की बाधा दूर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2019 01:32 AM IST
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रैपिड ट्रेन को लेकर सरकारी जमीन पर कब्जे की बाधा दूर
रैपिड ट्रेन को लेकर सरकारी जमीन पर कब्जे की बाधा दूर
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गाजियाबाद। सराय काले खां से मेरठ तक बनने वाले 82 किमी के रैपिड ट्रेन रूट निर्माण को लेकर सरकारी जमीन पर कब्जे की बाधा दूर हो गई है। सोमवार को लखनऊ में मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकारी जमीन पर तत्काल कब्जा देने को लेकर सहमति बनी है। बैठक में निर्णय लिया गया है कि सभी सरकारी संबंधित विभागों से एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन) के पक्ष में जमीन हस्तांतरित करने की कागजी प्रक्रिया अलग से चलती रहेगी। उससे पहले सभी विभाग बिना देरी कर रूट व स्टेशन निर्माण के लिए चिन्हित की गई जमीन पर कब्जा दे दें, जिससे की तत्काल रूट निर्माण का कार्य शुरू हो सके।
जमीन पर कब्जा देने के साथ ही एनसीआरटीसी को काम करने का भी अधिकार (राइट टू वर्क) भी दे दिया गया है। प्रोजेक्ट में जा रही सरकार जमीन के बदले किन-किन विभागों को कितना पैसा दिया जाना है, इसका निर्धारण प्रमुख सचिव आवास सभी विभाग के साथ समन्वय कर करेंगे। प्रदेश सरकार की तरफ से आवास विकास विभाग पूरे प्रोजेक्ट का नोडल हैं, जिसके चलते उन्हें यह दायित्व सौंपा गया है। प्रमुख सचिव आवास गाजियाबाद और मेरठ में रैपिड ट्रेन रूट निर्माण में जा रही सरकारी जमीन का विभाग वार आंकलन कराएंगे। उसके बाद विभागों की तरफ से मांगी जा रही कीमत पर रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिस पर दोनों जिलों के जिला प्रशासन से भी राय लेंगे। इसके बाद उचित मूल्य का निर्धारण कर प्रस्ताव अलग से मुख्य सचिव के सामने रखेंगे। जहां से कीमतों का निर्धारण होने के बाद ही विभागों को जमीन के बदले धनराशि का आवंटन किया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव ने दुहाई में डिपो निर्माण को लेकर निजी जमीन खरीद प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने को कहा। इस पर गाजियाबाद जिला प्रशासन की तरफ से जानकारी दी गई कि जमीन चिन्हित कर ली गई है। गांव वार जमीन की कीमतों का निर्धारण कर मंडलायुक्त की स्वीकृति के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही जमीन खरीद की प्रक्रिया को शुरू करा दिया जाएगा।
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इन विभागों को जा रही सबसे ज्यादा जमीन
रैपिड ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर गाजियाबाद में सबसे ज्यादा जमीन सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, आवास विकास परिषद, नगर निगम, जीडीए व पर्र्यटन विभाग की जमीन जा रही है। साहिबाबाद क्षेत्र में सबसे ज्यादा जमीन आवास विकास, नगर निगम और जीडीए की है। वहीं हिंडन के आसपास सिंचाई विभाग है। उसके बाद मेरठ तिराहे पर पर्यटन विभाग के हिंडन मोटल की जमीन रैपिड ट्रेन के लिए चिन्हित की गई है। उसके बाद दिल्ली मेरठ रोड की जमीन पीडब्ल्यूडी, सिंचाई व वन विभाग की है। उधर, मेरठ में सबसे ज्यादा जमीन सिंचाई, वन विभाग, नगर निगम और मेरठ विकास प्राधिकरण की है। दोनों ही जिलों में सड़क व उसके किनारे की जमीन खाली पड़ी है, जिस पर एनसीआरटीसी अब तत्काल कब्जा लेकर काम शुरू कर सकेगी।
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