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कोराना से मुक्ति के लिए भर रहे हैं राम नाम से पन्ने
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\n\nजैसे-जैसे बढ़ रहा कोविड-19 का संकट, धर्म की ओर बढ़ रहे लोग\n\n- महिलाओं ने शुरू किया राम-नाम लिखना\n\n- वैशाली की कई महिलाएं इस मुहिम में हैं शामिल\n\nमाई सिटी रिपोर्टर\n\nसाहिबाबाद। कोविड-19 का संक्रमण जैसे-जैसे बढ़ रहा है लोग अपने धर्म और आस्था के और करीब आ रहे हैं। रमजान के माह में जहां घर पर रहते हुए लोगों ने कुरान की सारी आयतें पढ़ीं। वहीं अब लोगों में राम नाम और गायत्री मंत्र लिखने की चेन बन रही है। वैशाली में यह चेन तेजी से बढ़ रही है। वैशाली की महिलाएं लगातार गायत्री मंत्र का जाप कर रही हैं और राम-नाम से पन्नों को भर रही हैं। आस्था के इस चेन से न केवल महिलाएं व बुजुर्ग बल्कि युवा भी जुड़ रहे हैं। लोगों का कहना हे कि संकट की घड़ी में ईश्वर का आशीर्वाद ही सही मार्ग सुझाता है। यही वजह है कि लोगों में इन दिनों धर्म में आस्था अधिक बढ़ गई है।
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\n\n\nघर पर हमेशा बैठै रहना एक बड़ी चुनौती बन गई थी। वैसे भी संकट की घड़ी में प्रभु सुमिरण से सबसे बेहतर उपाय है। मेरी एक सहेली ने मुझे यह चेन बनाने के लिए इनवाइट किया और मैंने राम-नाम के साथ ही गायत्री मंत्र लिखना शुरू कर दिया है। मैं पिछले पंद्रह दिनों से राम नाम और गायत्री मंत्र पन्ने पर लिख रही हूं। अब मेरी दिनचर्या में यह शामिल है। इससे काफी सकारात्मकता आती है। अंकिता जैन
n\n\nगायत्री मंत्र के जाप और इसके लिखने से सकारात्मकता आती है। यह एक आस्था है जिसे हम निभा रहे हैं। हम लोग लगातार राम-नाम और गायत्री मंत्र लेखन की चैन बना रहे हैं। कोराना काल एक ऐसी संकट की घड़ी है जिसमें विज्ञान और आस्था दोनों ही काम करेगा। ऐसे में हम लोग मन की शांति और परिवार के कल्याण के लिए राम नाम लिख रही हूं। रेखा आनंद
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\n\n\nअपने धर्म से जुड़ना अच्छी बात है। इस लॉक डाउन और सील जैसे समय में बच्चों को भी धर्म की ओर मोड़ना आसान हुआ है। मैं अपने बेटे सत्यम के साथ लगातार गायत्री मंत्र लिख रही हूं। यह एक जरिया है ईश्वर को याद करने और उसके करीब रहने का। वंदना
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