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स्वाइन फ्लू को लेकर स्कूलों में अलर्ट
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स्वाइन फ्लू को लेकर स्कूलों में अलर्ट
गाजियाबाद। जिले में अब तक एच1एन1 के आठ केस सामने आ चुके हैं। सर्दी का मौसम और वायरस एक्टिव है इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू को लेकर खासतौर पर स्कूलों को अलर्ट जारी किया है। उनके लिए गाइडलाइन जारी की है। सर्दी की छुट्टी के बाद सोमवार से अधिकांश स्कूल खुल गए हैं। बच्चों को एक दूसरे का टिफिन शेयर न करने की सलाह दी गई है। अगर किसी बच्चे में सर्दी व जुकाम के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे छुट्टी देकर घर भेजने को कहा है।
स्वाइन फ्लू एक संक्रमण रोग है इसलिए एहतियात जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से संक्रामक रोग विभाग ने सभी स्कूल-कॉलेजों को गाइड लाइन जारी की है। इसमें स्कूली बच्चों और कॉलेज में ऐसे छात्र जिन्हें सर्दी-जुकाम या फीवर है तो उनकी तत्काल जांच कराई जाए। लक्षण समझ में आते ही बच्चों की छुट्टी की जाए। बच्चों को भी यह बताया जाए कि वह सर्दी-खांसी में छींकते या खांसते समय मुंह पर रुमाल रखें। इसके अलावा लक्षण दिखने पर स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दें। नियमित समय अंतराल पर स्कूल व घरों में बच्चों का हाथ साबुन से साफ कराए जाएं।
- मुंह पर रुमाल रखकर खांसे या छींके
- एक दूसरे से टिफिन शेयर न करें
- सर्दी-जुकाम वाले बच्चों को चिन्हित कर उन पर विशेष ध्यान दें
- अगर सर्दी-जुकाम के साथ फीवर भी हो तो बच्चों की छुट्टी की जाए
- एसेंबली में बच्चों को स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव की जानकारी दी जाए
- गाइडलाइन सभी स्कूल-कॉलेज को जारी कर दिया गया है। अगर किसी में लक्षण दिखे तो आइसोलेशन में रखा जाए। इलाज के लिए उसे अवकाश दिया जाए। स्वाइन-फ्लू होने की दशा में घबराए न बल्कि चिकित्सक की सलाह से उचित इलाज लें। - डॉ. एनके गुप्ता, सीएमओ
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क्या है इलाज , कैसे करें बचाव
एमएमजी के फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू एंफ्लूएंजा वायरस के संक्रमण से फैलता है। नवंबर से लेकर मार्च तक का समय स्वाइन फ्लू के लिए संवेदनशील समय होता है। इसके लक्षण में सामान्य सर्दी, खाँसी, अचानक तेज बुखार, हाथ-पैर व कमर में दर्द, ठंड के साथ बुखार व थकावट आदि होते हैं।
कैसे फैलता है स्वाइन फ्लू
- संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से।
- उन वस्तुओं को हाथ लगाने से जिसे संक्रमित व्यक्ति ने छुआ हो। संक्रमित व्यक्ति स्वयं के लक्षण आने के एक दिन पहले से सात दिन बाद तक फैला सकता है।
स्वाइन फ्लू
क्या रखें सावधानी
- जितना संभव हो हाथ साबुन से धोएं
- संक्रमित व्यक्ति या ऐसा व्यक्ति जिसे स्वाइन फ्लू की आशंका हो, उससे दूरी रखें (कम से कम 6 फुट)।
- यदि आपको स्वयं को स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण हैं, तो घर में रहिए।
- यदि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना मजबूरी है तो फेस मास्क या रेसप्रेटिरी पहनें।
- भीड़ वाली जगह पर जाने से बचें।े
- पानी अधिक मात्रा में पिएं।
- लक्षण दिखते ही डॉक्टर की सलाह पर दवा दें
बचाव के लिए लगवा सकते हैं टीका
वर्ष 2009 में स्वाइन फ्लू सबसे ज्यादा कहर बनकर बरपा था। उस वक्त इस बीमारी से बचाव हेतु कोई टीका बाजार में उपलब्ध नहीं था, लेकिन अब इस फ्लू से बचाव हेतु टीका बाजार में उपलब्ध है। कई कंपनियों की तरफ से इसका वैक्सीन बाजार में उतारा गया है जो 600 से लेकर एक हजार रुपये के बीच उपलब्ध हैं।
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गाजियाबाद। जिले में अब तक एच1एन1 के आठ केस सामने आ चुके हैं। सर्दी का मौसम और वायरस एक्टिव है इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू को लेकर खासतौर पर स्कूलों को अलर्ट जारी किया है। उनके लिए गाइडलाइन जारी की है। सर्दी की छुट्टी के बाद सोमवार से अधिकांश स्कूल खुल गए हैं। बच्चों को एक दूसरे का टिफिन शेयर न करने की सलाह दी गई है। अगर किसी बच्चे में सर्दी व जुकाम के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे छुट्टी देकर घर भेजने को कहा है।
स्वाइन फ्लू एक संक्रमण रोग है इसलिए एहतियात जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से संक्रामक रोग विभाग ने सभी स्कूल-कॉलेजों को गाइड लाइन जारी की है। इसमें स्कूली बच्चों और कॉलेज में ऐसे छात्र जिन्हें सर्दी-जुकाम या फीवर है तो उनकी तत्काल जांच कराई जाए। लक्षण समझ में आते ही बच्चों की छुट्टी की जाए। बच्चों को भी यह बताया जाए कि वह सर्दी-खांसी में छींकते या खांसते समय मुंह पर रुमाल रखें। इसके अलावा लक्षण दिखने पर स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दें। नियमित समय अंतराल पर स्कूल व घरों में बच्चों का हाथ साबुन से साफ कराए जाएं।
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- मुंह पर रुमाल रखकर खांसे या छींके
- एक दूसरे से टिफिन शेयर न करें
- सर्दी-जुकाम वाले बच्चों को चिन्हित कर उन पर विशेष ध्यान दें
- अगर सर्दी-जुकाम के साथ फीवर भी हो तो बच्चों की छुट्टी की जाए
- एसेंबली में बच्चों को स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव की जानकारी दी जाए
- गाइडलाइन सभी स्कूल-कॉलेज को जारी कर दिया गया है। अगर किसी में लक्षण दिखे तो आइसोलेशन में रखा जाए। इलाज के लिए उसे अवकाश दिया जाए। स्वाइन-फ्लू होने की दशा में घबराए न बल्कि चिकित्सक की सलाह से उचित इलाज लें। - डॉ. एनके गुप्ता, सीएमओ
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क्या है इलाज , कैसे करें बचाव
एमएमजी के फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू एंफ्लूएंजा वायरस के संक्रमण से फैलता है। नवंबर से लेकर मार्च तक का समय स्वाइन फ्लू के लिए संवेदनशील समय होता है। इसके लक्षण में सामान्य सर्दी, खाँसी, अचानक तेज बुखार, हाथ-पैर व कमर में दर्द, ठंड के साथ बुखार व थकावट आदि होते हैं।
कैसे फैलता है स्वाइन फ्लू
- संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से।
- उन वस्तुओं को हाथ लगाने से जिसे संक्रमित व्यक्ति ने छुआ हो। संक्रमित व्यक्ति स्वयं के लक्षण आने के एक दिन पहले से सात दिन बाद तक फैला सकता है।
स्वाइन फ्लू
क्या रखें सावधानी
- जितना संभव हो हाथ साबुन से धोएं
- संक्रमित व्यक्ति या ऐसा व्यक्ति जिसे स्वाइन फ्लू की आशंका हो, उससे दूरी रखें (कम से कम 6 फुट)।
- यदि आपको स्वयं को स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण हैं, तो घर में रहिए।
- यदि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना मजबूरी है तो फेस मास्क या रेसप्रेटिरी पहनें।
- भीड़ वाली जगह पर जाने से बचें।े
- पानी अधिक मात्रा में पिएं।
- लक्षण दिखते ही डॉक्टर की सलाह पर दवा दें
बचाव के लिए लगवा सकते हैं टीका
वर्ष 2009 में स्वाइन फ्लू सबसे ज्यादा कहर बनकर बरपा था। उस वक्त इस बीमारी से बचाव हेतु कोई टीका बाजार में उपलब्ध नहीं था, लेकिन अब इस फ्लू से बचाव हेतु टीका बाजार में उपलब्ध है। कई कंपनियों की तरफ से इसका वैक्सीन बाजार में उतारा गया है जो 600 से लेकर एक हजार रुपये के बीच उपलब्ध हैं।